Google में हो सकती है हजारों वर्कर्स की छंटनी, स्टाफ के लिए कड़ा होगा रिव्यू सिस्टम

पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे। नया रिव्यू सिस्टम अगले वर्ष से लागू किया जाएगा

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 27 दिसंबर 2022 15:47 IST
ख़ास बातें
  • पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे
  • कंपनी के वर्कर्स में से छह प्रतिशत कम रैंकिंग वाली कैटेगरी में होंगे
  • गूगल का अनुमान है कि केवल 22 प्रतिशत वर्कर्स को ही ऊंची रेटिंग मिलेगी

अमेरिका में टेक सेक्टर में पिछले कुछ महीनों में बहुत सी कंपनियों ने छंटनी की है

इंटरनेट सर्च से जुड़ी Google में वर्कर्स के लिए नया परफॉर्मेंस रिव्यू सिस्टम लागू किया जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में वर्कर्स को लो परफॉर्मेंस रेटिंग्स मिलने का रिस्क होगा। पिछले वर्षों की तुलना में कम वर्कर्स ही हाई रेटिंग हासिल कर सकेंगे। नया रिव्यू सिस्टम अगले वर्ष से लागू किया जाएगा। 

CNBC की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि गूगल का अनुमान है कि कंपनी के फुल टाइम वर्कर्स में से छह प्रतिशत कम रैंकिंग वाली कैटेगरी में आएंगे। इससे उनकी जॉब के लिए रिस्क बढ़ जाएगा। हालांकि, कंपनी ऐसे वर्कर्स को सुधार का मौका दे सकती है। कंपनी के मौजूदा सिस्टम में केवल दो प्रतिशत वर्कर्स को निचली रैंकिंग मिलती है। गूगल के स्टाफ के लिए चुनौती बढ़ जाएगा क्योंकि हाई रैंकिंग वाले वर्कर्स को भी रेटिंग बढ़ाने के लिए कोशिश करनी होगी। गूगल का अनुमान है कि केवल 22 प्रतिशत वर्कर्स ही सबसे ऊंची दो कैटेगरी में आएंगे। मौजूदा सिस्टम में यह आंकड़ा लगभग 27 प्रतिशत का है। 

गूगल के CEO, Sundar Pichai ने हाल ही में कंपनी की एक मीटिंग में छंटनी की आशंका जताई थी। अगर गूगल से निचली रैंकिंग वाले छह प्रतिशत वर्कर्स को निकाला जाता है तो यह संख्या 10,000 वर्कर्स तक हो सकती है। अमेरिका में टेक सेक्टर में पिछले कुछ महीनों में बहुत सी कंपनियों ने छंटनी की है। इनमें Meta, Amazon और Twitter शामिल हैं। बिलिनेयर एलन मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को टेकओवर करने के बाद पिछले महीने कंपनी के लगभग आधे वर्कर्स की छंटनी की थी। सोशल मीडिया साइट फेसबुक को चलाने वाली मेटा से भी बड़ी संख्या में स्टाफ की छंटनी की गई है। 

भारत में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइसेज को लेकर अपनी दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल करने के लिए गूगल पर अक्टूबर में लगभग 1,338 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इसके साथ ही गूगल को ऐसे कारोबारी तरीकों को बंद करने और इनसे बचने का आदेश दिया था। गूगल ने CCI के ऑर्डर को अपीलेट ट्राइब्यूनल NCLAT में चुनौती दी है। गूगल के प्रवक्ता ने कहा, "हमने एंड्रॉयड पर CCI के ऑर्डर के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि यह हमारे उन भारतीय यूजर्स और कारोबारों के लिए बड़ा धक्का है जो एंड्रॉयड के सिक्योरिटी फीचर्स पर विश्वास करते हैं। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  4. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  5. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  6. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  7. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  8. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  9. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  10. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.