• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • क्या Cognizant इस खास सॉफ्टवेयर से कर्मचारियों पर रख रहा है नजर? कंपनी की ओर से आया बड़ा बयान

क्या Cognizant इस खास सॉफ्टवेयर से कर्मचारियों पर रख रहा है नजर? कंपनी की ओर से आया बड़ा बयान

Cognizant में ProHance टूल की ट्रेनिंग के चलते कर्मचारियों की ट्रैकिंग को लेकर सवाल उठे। कंपनी ने सफाई दी कि यह इंडस्ट्री प्रैक्टिस है और सिर्फ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में कर्मचारियों की सहमति से होता है।

क्या Cognizant इस खास सॉफ्टवेयर से कर्मचारियों पर रख रहा है नजर? कंपनी की ओर से आया बड़ा बयान

Cognizant ने दावा किया है कि ट्रैकिंग तभी होती है जब कर्मचारी खुद इसकी मंजूरी देते हैं

ख़ास बातें
  • ProHance ट्रैकिंग पर Cognizant ने दी सफाई
  • टूल सिर्फ क्लाइंट प्रोजेक्ट्स में सहमति से लागू
  • रिपोर्ट में लैपटॉप एक्टिविटी रिकॉर्डिंग के दावे
विज्ञापन

Cognizant में कुछ चुनिंदा एग्जीक्यूटिव्स को हाल के दिनों में ProHance नाम के एक वर्कफोर्स मैनेजमेंट टूल की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह वही टूल है जो लैपटॉप पर कर्मचारी कितना समय एक्टिव रहते हैं, कौन–सी ऐप्स या वेबसाइट्स इस्तेमाल करते हैं और कीबोर्ड-माउस एक्टिविटी के आधार पर एंगेजमेंट लेवल को ट्रैक कर सकता है। एक हफ्ते पहले सामने आई इस रिपोर्ट में बताया गया था कि यह टूल पांच मिनट तक कोई एक्टिविटी न होने पर कर्मचारी को ‘आइडल' और 15 मिनट लैपटॉप इनएक्टिव रहने पर ‘अवे फ्रॉम सिस्टम' मार्क कर देता है। 

Mint की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि ट्रेनिंग कोर्स मटेरियल इस बात की सीधे तौर पर पुष्टि भी करता है। हालांकि, अब, Cognizant की ओर से स्टेटमेंट दिया गया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि कंपनी कर्मचारियों की मॉनिटरिंग नहीं कर रही और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

TOI को दिए बयान में कॉग्निजेंट ने बताया कि कंपनी कभी-कभी ऐसे प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करती है, जो इंडस्ट्री में आम प्रैक्टिस मानी जाती है। कंपनी के स्पोक्सपर्सन के अनुसार, ये टूल्स सिर्फ चुनिंदा बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट या इंट्यूटिव ऑपरेशंस एंड ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स में, यूज किए जाते हैं, वो भी क्लाइंट की रिक्वेस्ट पर। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का मकसद कर्मचारियों की व्यक्तिगत परफॉर्मेंस जांचना नहीं, बल्कि क्लाइंट के प्रोसेस की स्टेप्स और टाइम मैट्रिक्स को समझकर प्रोसेस डिजाइन की खामियां पहचानना है। 

साथ ही, कंपनी ने यह भी दावा किया है कि ट्रैकिंग तभी होती है जब कर्मचारी खुद इसकी मंजूरी देते हैं और उन्हें यह भी बताया जाता है कि इसका परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन से कोई लेना-देना नहीं है।

ProHance के डैशबोर्ड कथित तौर पर मिनट-दर-मिनट वर्किंग विजिबिलिटी देते हैं, जैसे लॉगइन टाइम, कौन-सी ऐप्स एक्टिव रहीं, कितना समय किस टास्क में गया और ब्रेक पैटर्न कैसे रहे। इससे मैनेजमेंट को पता लगता है कि वर्कफ्लो में कहां बॉटलनेक्स हैं और किन जगहों पर ऑप्टिमाइजेशन की जरूरत है।

Cognizant का कहना है कि ऐसा ट्रैकिंग सेटअप कई कंपनियों में होता है और यह कोई नया या असामान्य कदम नहीं है। कंपनी के अनुसार, जिन प्रोजेक्ट्स में इसका इस्तेमाल होता है, उन्हें पहले ही बताया जाता है कि उनका डेटा प्रोसेस मैपिंग के लिए देखा जाएगा, न कि उनकी जॉब सिक्योरिटी या टीम कम्पोजिशन को प्रभावित करने के लिए। कंपनी का दावा है कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से इंटरप्रेट किया जा रहा है।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Cognizant, ProHance, Employees
नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple Surprise and Shine: iPhone 18 का इंतजार खत्म! 9 सितंबर को इतने बजे होगा एपल इवेंट LIVE, जानें सबकुछ
  2. MG Motor ने लॉन्च की Hector Tomahawk EV, जानें प्राइस, रेंज
  3. Oppo Find X10 सीरीज में मिल सकता है नया OLED डिस्प्ले
  4. Vivo X500 Pro Max में मिलेगा 200 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा
  5. Tecno Spark Go 3 Pro में मिल सकती है 5,100mAh की बैटरी, भारत में लॉन्च की तैयारी
  6. 3000 साल से खोए मिस्र के प्राचीन शहर का मिला सबूत! बलुआ पत्थर के शिलालेख ने खोले कई राज़
  7. आपके फोन में कौन सा ऐप भर रहा ज्यादा स्टोरेज, ऐसे लगाएं पता और बढ़ाएं स्टोरेज
  8. Poco F9 Ultra में मिलेगा Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट
  9. पानी जैसा रोबोट, जो टुकड़ों में बंटकर फिर जुड़ जाता है! ऐसा कमाल देख चौंक जाएंगे आप
  10. Amazon और Flipkart ने बदला नियम: ऑर्डर कैंसल होने पर लगेगा जुर्माना, जानें कितना होगा असर?
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »