Google Maps कैसे लगाता है आपकी सटीक लोकेशन का पता? जानें इसका राज

Google Maps का इस्तेमाल आप एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए, घर बैठे किसी जगह की दूरी मापने के लिए और किसी खास लोकेशन का पता लगाने के लिए कर सकते हैं।

Google Maps कैसे लगाता है आपकी सटीक लोकेशन का पता? जानें इसका राज

Photo Credit: Pexels/Theo Decker

Google Maps घर बैठे लोकेशन की जानकारी देता है।

ख़ास बातें
  • Google Maps यूजर की मौजूदा लोकेशन के लिए एक नीले डॉट का उपयोग करता है।
  • ब्लू सर्कल का साइज यह बताता है कि ऐप ने लोकेशन को कितने सटीक पता किया है।
  • फोन को मिलने वाले सिग्नल्स के आधार पर Maps सही लोकेशन पता लगाता है।
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Google Maps का इस्तेमाल आप एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए, घर बैठे किसी जगह की दूरी मापने के लिए और किसी खास लोकेशन का पता लगाने के लिए कर सकते हैं। जब आप किसी जगह जाने का प्लान करते हैं तो Google Maps आमतौर पर मौजूदा लोकेशन से शुरू करके जाने वाली लोकेशन का रास्ता बताता है। Google Maps यूजर की मौजूदा लोकेशन दिखाने के लिए एक नीले डॉट का उपयोग करता है। वहीं इसके आस-पास बने ब्लू सर्कल का साइज यह भी बताता है कि ऐप ने लोकेशन को कितने सटीक तरीके से पता लगाया है। यहां विस्तार से जानते हैं कि गूगल को सटीक लोकेशन का कैसे पता चलता है।

अगर ऐप उपयोग करते हुए नीला डॉट बड़ा और छोटा होते नजर आता है तो इससे यह पता चलता है कि आपके फोन को मिलने वाले सिग्नल्स के आधार पर Google Maps आपकी सही लोकेशन को लेकर कितना कंफर्म है। ऐप GPS सैटेलाइट आस-पास के वाई-फाई नेटवर्क और सेल्युलर टावर के कॉम्बिनेशन का उपयोग करके सटीक लोकेशन का पता लगाता है। सिग्नल मजबूत और स्टेबल होने पर Google Maps यूजर की स्थिति का ज्यादा सटीक पता लगा सकता है। वहीं सिग्नल वीक होने पर उनमें रुकावट है, तो ऐप एरर मार्जिन को दिखाने के लिए डॉट के आस-पास एक बड़ा ब्लू सर्कल दिखाता है।

Google Maps पर लोकेशन मार्कर का ब्लू सर्किल क्या है

लोकेशन मार्कर के आस-पास एक छोटा ब्लू सर्किल आम तौर पर यह बताता है कि Google Maps ने यूजर की स्थिति का पता ज्यादा सटीक तरीके से लगाया है। वहीं बड़ा सर्कल यह बताता है कि ऐप का अनुमान है कि यूजर किसी सटीक प्वाइंट के बजाय हाइलाइट किए गए एरिया में कहीं हैं। Google Maps अपने विजुअल इंडिकेटर के जरिए बताता है, एक बड़े सर्कल का मूल रूप से मतलब है कि यूजर इस जोन के अंदर कहीं है। जब आस-पास के माहौल की वजह से GPS सिग्नल पर असर पड़ता है या जब फोन के पास अपनी लोकेशन का पता लगाने के लिए कम सोर्स होते हैं, तो सर्कल बड़ा हो सकता है।

Google Maps पर क्यों बदलती है लोकेशन की सटीकता:

गूगल मैप्स पर लोकेशन की सटीकता कई वजहों से कम हो सकती है। बिल्डिंग के अंदर जाने, अंडरग्राउंड ट्रैवल करने या ऊंची बिल्डिंग वाले इलाकों से गुजरने पर GPS सिग्नल ब्लॉक या कमजोर हो सकता है, जिससे Google Maps सही जगह का पता नहीं लगा पाता है।

लोकेशन बेहतर कैसे बनाएं

  • वाई-फाई ऑन करना है। चाहे आप किसी नेटवर्क से कनेक्ट न हों। गूगल मैप्स आपकी लोकेशन को बेहतर तरीके से समझने के लिए आस-पास के वाई-फाई राउटर का इस्तेमाल कर सकता है।
  • अपने फोन के कंपास को री-कैलिब्रेट करने के लिए फोन को हवा में 8 के आकार में घुमाइए। इससे फोन को अपने सेंसर को फिर से ठीक करने में मदद मिलती है, जिससे लोकेशन की सटीकता बेहतर होती है।
  • मुमकिन होने पर किसी खुली जगह पर जाएं जहां से आपका फोन GPS सैटेलाइट को साफ तौर पर देख सके।
  • फोन को बेहतर लोकेशन डेटा मिलने पर कंपास कैलिब्रेट हो जाता है तो बड़ा ब्लू सर्कल छोटा हो सकता है। इससे Google Maps को यूजर्स की मौजूदा लोकेशन का बेहतर अंदाजा हो जाता है।

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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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