4 साल बाद स्मार्टफोन पर लौट आया BGMI और COD का सबसे तगड़ा राइवल गेम

चार साल की कानूनी लड़ाई के बाद Fortnite आखिरकार Google Play Store में लौट आया है। Epic और Google के पेमेंट सिस्टम विवाद ने मोबाइल ऐप मार्केट में कई बड़े बदलाव लाए हैं।

4 साल बाद स्मार्टफोन पर लौट आया BGMI और COD का सबसे तगड़ा राइवल गेम

Photo Credit: EPIC Games

ख़ास बातें
  • चार साल पुराने Epic बनाम Google विवाद के बाद Fortnite Play Store में वापस
  • कोर्ट फैसले के बाद Google को पेमेंट रूल्स बदलने पड़े
  • Apple ने बाहरी पेमेंट लिंक की अनुमति दी, लेकिन कंट्रोल अब भी उसके हाथ में
विज्ञापन

मोबाइल गेमिंग की दुनिया में चल रही Epic Games और Google की चार साल पुरानी लड़ाई आखिरकार एक अहम मोड़ पर आ गई है। 2020 में पेमेंट सिस्टम को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बड़ा बन गया था कि Fortnite को Play Store से हटा दिया गया था। अब लंबे कानूनी संघर्ष और एंटीट्रस्ट केस के बाद गेम अमेरिका में आधिकारिक रूप से Google Play Store पर लौट आया है। यह वापसी सिर्फ एक गेम का री-लिस्ट होना नहीं है, बल्कि यह मोबाइल ऐप स्टोर की पॉलिसियों और डेवलपर स्वतंत्रता पर चल रही बहस में एक बड़ा बदलाव भी है।

Epic और Google के बीच टकराव तब शुरू हुआ था जब कंपनी ने Fortnite में डायरेक्ट पेमेंट्स जोड़कर स्टोर फीस को बाईपास कर दिया था। इसके बाद दोनों ही कंपनियों ने गेम को तुरंत हटा दिया और Epic ने मुकदमे दायर कर पूरे ऐप इकोसिस्टम में बड़ी हलचल मचा दी। पिछले साल आए जूरी फैसले ने Google के लिए स्थिति मुश्किल कर दी, क्योंकि अदालत ने माना कि Play Store की नीतियां प्रतिस्पर्धा को सीमित करती हैं। इसी फैसले के बाद Google को डेवलपर्स के लिए पेमेंट ऑप्शन खोलने पड़े और फीस मॉडल में भी बदलाव करना पड़ा।

इन बदलावों का सबसे बड़ा लाभ Fortnite को मिला है। गेम अब फिर से Play Store पर उपलब्ध है और Epic को वह स्वतंत्रता हासिल है जिसकी वह शुरुआत से मांग कर रहा था। कंपनी के CEO Tim Sweeney का कहना है कि यह समझौता Android प्लेटफॉर्म की ओपननेस को साबित करता है, क्योंकि Fortnite अपनी शर्तों पर वापस आ रहा है, न कि Google के पेमेंट्स नियमों को स्वीकार करके।

iOS पर कहानी बिल्कुल अलग है। Apple के साथ Epic की कानूनी जंग ने डेवलपर्स को उम्मीद तो जरूर दिलाई थी कि App Store का पेमेंट मॉडल बदलेगा, लेकिन ताजा अदालती फैसले से साफ हो गया है कि Apple अब भी बाहरी पेमेंट लिंक की इंप्लिमेंटेशन और उन पर लगने वाली फीस दोनों कंट्रोल कर सकता है। इसका मतलब यह है कि डेवलपर्स लिंक तो जोड़ सकेंगे, लेकिन असली पावर अब भी Apple के पास रहेगी। इस फैसले को ऐप डेवलपमेंट इंडस्ट्री में एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹84 प्रति महीना में 1 साल चलेगा मोबाइल रीचार्ज, Unlimited 5G डेटा भी! Jio का सबसे सस्ता वैलिडिटी प्लान
  2. 6000mAh बैटरी वाला बजट टैबलेट Teclast T60 Mini ग्लोबल मार्केट में लॉन्च, 8.8 इंच डिस्प्ले
  3. Amazon Great Indian Sale 2026 में ₹15,500 से सस्ते मिल रहे Redmi, Tecno स्मार्टफोन, 7000mAh बैटरी!
  4. Oppo Reno 17 सीरीज जल्द होगी लॉन्च, शुरू हुए प्री-ऑर्डर्स
  5. ₹3000 महंगे होंगे Lava स्मार्टफोन! 15 नवंबर से कीमतों में होगा बदलाव
  6. Vivo S70 में 64MP कैमरा के साथ मिलेगी 8000mAh बैटरी, OLED स्क्रीन!
  7. 32 इंच से 85 इंच तक बड़े 4K TV Xiaomi ने ग्लोबल मार्केट में किए लॉन्च
  8. ₹1500 सस्ता खरीदें Motorola का 5500mAh बैटरी वाला फोन, Flipkart सेल में ऑफर
  9. Binance में 6.3 अरब डॉलर की चोरी के बाद क्रिप्टो एक्सचेंजों ने मजबूत की सिक्योरिटी 
  10. Motorola Signature 27 लॉन्च से पहले हुआ लीक, मिलेगा 200MP कैमरा, 100x जूम फीचर!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »