OTT कंटेंट सर्विसेज को कानूनी दायरे के लाने के खिलाफ Reliance Jio 

रिलायंस जियो ने बताया है कि OTT कंटेंट सर्विसेज पहले ही इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट एंड रूल्स के दायरे में आती हैं

OTT कंटेंट सर्विसेज को कानूनी दायरे के लाने के खिलाफ Reliance Jio 

Bharti Airtel का मानना है कि इन सर्विसेज को रेगुलेशन के दायरे में लाया जाना चाहिए

ख़ास बातें
  • OTT पर कंटेंट को लेकर बहुत सी शिकायतें भी मिलती रही हैं
  • रिलायंस जियो की दलील है कि ये सर्विसेज पहले ही रेगुलेटरी दायरे में हैं
  • OTT प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने की मांग उठती रही है
विज्ञापन
पिछले कुछ वर्षों में OTT कंटेंट सर्विसेज का दायरा तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इस कंटेंट को लेकर बहुत सी शिकायतें भी मिलती रही हैं। बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में शामिल Reliance Jio का मानना है कि OTT कंटेंट सर्विस को इंडियन टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट के तहत लाने का कोई आधार नहीं है। 

इससे पहले Bharti Airtel जैसे अन्य स्टेकहोल्डर्स ने कहा था कि ब्रॉडबैंड और मोबाइल के जरिए ब्रॉडकास्ट कंटेंट को डिलीवर करने वाली ओवर-द-टॉप ( OTT) सर्विसेज को ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क तहत लाया जाना चाहिए। इसके साथ ही इन पर समान सर्विस समान रूल्स का सिद्धांत लागू होना चाहिए। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि रिलायंस जियो की दलील है कि यह सिद्धांत OTT पर लागू नहीं होता। हालांकि, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को रिलायंस जियो की ओर से पहले दिए फीडबैक में OTT का जिक्र नहीं था। कंपनी ने OTT कम्युनिकेशन के लिए रेगुलेशन बनाने की मांग की थी। हालांकि, रिलायंस जियो ने यह नहीं बताया था कि OTT कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म कैसे OTT कंटेंट प्लेटफॉर्म से अलग है। 

हाल ही में कंपनी ने Walt Disney और Viacom 18 Media Private Ltd के साथ मर्जर की घोषणा की थी। रिलायंस जियो ने अपने पत्र में OTT और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPO) के बीच अंतर के बारे में कहा है कि केबल TV, IPTV और  DTH जैसे अन्य DPO से OTT अलग हैं क्योंकि DPO खुद के ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क्स के जरिए ब्रॉडकास्टिंग सर्विसेज देते हैं। कंपनी ने बताया था कि OTT कंटेंट प्रोवाइडर्स पब्लिक इंटरनेट के जरिए कंटेंट उपलब्ध कराते हैं। 

रिलायंस जियो ने बताया है कि OTT कंटेंट सर्विसेज पहले ही इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट एंड रूल्स के दायरे में आती हैं। इसके विपरीत, भारती एयरटेल की दलील है कि रेगुलेटेड डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के समान कंटेंट उपलब्ध कराने वाली किसी प्लेटफॉर्म को समान रेगुलेटरी व्यवस्था के तहत लाया जाना चाहिए। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने Prasar Bharti के OTT प्लेटफॉर्म को भी ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क के तहत लाने की मांग की है। इससे पहले भी OTT पर कंटेंट और ये सर्विसेज उपलब्ध कराने वाले प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेटरी दायरे में लाने की मागं उठती रही है। इसे लेकर कानूनी मामले भी दाखिल किए जा चुके हैं। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

आकाश आनंद

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। उनके पास प्रमुख ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Edge 70 Pro अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  2. CBSE 10th Class Result LIVE: 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित, ऐसे करें चेक, सबसे आसान तरीका
  3. Samsung के फ्लैगशिप फोन्स पर भारी प्राइस कट, जानें Galaxy S25 सीरीज की नई कीमत!
  4. VinFast ने भारत में लॉन्च की VF MPV 7, जानें प्राइस, रेंज
  5. 105W पावर आउटपुट के साथ UltraProlink Boost Unity GaN चार्जर हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  6. Redmi A7 Pro 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  7. Vivo T5 Pro 5G हुआ लॉन्च, 9020mAh बैटरी, 50MP OIS कैमरा, जानें कीमत
  8. Xiaomi ने भारत में लॉन्च किए 75 इंच तक के QD Mini LED TV, प्री-बुकिंग में Rs 10 हजार की छूट!
  9. Oppo F33 5G 7000mAh बैटरी, 256GB तक स्टोरेज और 50MP कैमरा के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत
  10. Oppo F33 Pro 5G भारत में लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ आया नया फोन, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »