IIT Madras से जुड़ी स्टार्टअप The ePlane Company ने अपने इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी e200X का फुल-स्केल प्रोटोटाइप पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह कॉम्पैक्ट डिजाइन, 110KM रेंज और मौजूदा हेलिपैड से ऑपरेशन की क्षमता के साथ आता है।
Photo Credit: The ePlane Company
IIT Madras की ePlane Company ने e200X एयर टैक्सी का प्रोटोटाइप पेश किया
भारत में एयर टैक्सी (eVTOL) तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। IIT Madras से निकली स्टार्टअप The ePlane Company ने अपने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयरक्राफ्ट e200X का फुल-स्केल प्रोटोटाइप पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया के सबसे कॉम्पैक्ट फुल-स्केल विंग्ड पैसेंजर eVTOL में से एक है और इसे मौजूदा हेलिपैड जैसी छोटी जगहों से भी ऑपरेट करने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य में शहरों में नए बड़े वर्टिपोर्ट बनाने की जरूरत कम हो सकती है।
e200X एक 2.2 टन का इलेक्ट्रिक eVTOL एयरक्राफ्ट है, जिसे एक पायलट और दो यात्रियों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। जरूरत पड़ने पर यह लगभग 200 किलोग्राम तक का कार्गो भी ले जा सकता है।
कंपनी के मुताबिक, यह एक बार चार्ज होने पर करीब 110 किलोमीटर तक उड़ान भर सकेगा। इसका आकार लगभग 8 मीटर × 11 मीटर है, जिसे कंपनी इसकी सबसे बड़ी खासियत बता रही है।
कंपनी का कहना है कि e200X का कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे कुछ मौजूदा हेलिपैड, खाली जगहों और तकनीकी रूप से तैयार छतों से ऑपरेट करने की संभावना देता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह हर मौजूदा हेलिपैड से बिना किसी एक्स्ट्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के उड़ान भर सकेगा। इसके लिए सुरक्षा और रेगुलेटरी मंजूरी समेत कई तकनीकी स्टैंडर्ड्स को पूरा करना होगा।
e200X PT-01 is here. 🚀
— The ePlane Company (@ePlaneCompany) July 20, 2026
There is a definitive moment when an aerospace program shifts from sub-scale into a 2.2-ton full scale reality. For us, that moment is now.
This aircraft is the culmination of half a decade of uncompromising engineering. We didn't just jump straight into… pic.twitter.com/uZiZsRcjCR
नहीं। दुनिया में पहले से कई कंपनियां eVTOL एयरक्राफ्ट पर काम कर रही हैं। अमेरिका की Joby Aviation और Archer Aviation, ब्रिटेन की Vertical Aerospace और BETA Technologies जैसी कंपनियां भी इसी सेगमेंट में अपने-अपने एयरक्राफ्ट डेवलप कर रही हैं।
इनमें से कई मॉडल पहले ही टेस्टिंग चरण में पहुंच चुके हैं। इसलिए e200X की सबसे बड़ी पहचान eVTOL कॉन्सेप्ट नहीं, बल्कि उसका कॉम्पैक्ट डिजाइन और भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया आर्किटेक्चर हो सकता है।
कंपनी के मुताबिक, e200X में 8 फिक्स्ड वर्टिकल-लिफ्ट प्रोपेलर दिए गए हैं, जबकि आगे की उड़ान के लिए अलग प्रोपल्शन सिस्टम इस्तेमाल किया गया है। इस डिजाइन में उड़ान के दौरान प्रोपेलर को घुमाने की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी का दावा है कि इससे मैकेनिकल जटिलता कम होती है और मेंटेनेंस भी आसान हो सकता है।
इसके साथ ही ePlane ने अपने पेटेंटेड "Synergistic Lift" विंग डिजाइन का भी इस्तेमाल किया है, जो छोटे विंग के साथ बेहतर फ्लाइट कैपेसिटी देने का दावा करता है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र फ्लाइट टेस्ट और रेगुलेटरी ट्रायल्स के बाद ही हो सकेगी।
e200X फिलहाल प्रोटोटाइप स्टेज में है। इसे व्यावसायिक रूप से उड़ाने से पहले सुरक्षा, परफॉर्मेंस और रेगुलेटरी मंजूरियों से जुड़े कई चरण पूरे करने होंगे। अगर कंपनी अपने दावों को वास्तविक ट्रायल्स में साबित कर पाती है, तो आने वाले वर्षों में भारत भी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी टेक्नोलॉजी की ग्लोबल रेस में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकता है।
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