अमेरिका में EV पर सब्सिडी से नाराज हुआ चीन, WTO में की शिकायत

अमेरिका में EV पर सब्सिडी की पॉलिसी को चुनौती देने के लिए चीन ने WTO की विवाद के निपटारे की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 26 मार्च 2024 19:19 IST
ख़ास बातें
  • पिछले वर्ष टेस्ला ने अपनी इलेक्ट्रिक कारों के प्राइसेज में कटौती की थी
  • इसके बावजूद वह बिक्री में BYD से पीछे रह गई थी
  • टेस्ला के मार्जिन पर भी बड़ा असर पड़ा था

इन दोनों देशों के बीच तनाव का असर इनके कारोबार पर भी पड़ रहा है

पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बिक्री तेजी से बढ़ी है। इसके बड़े मार्केट्स में अमेरिका और चीन शामिल हैं। हालांकि, इन दोनों देशों के बीच तनाव का असर इनके कारोबार पर भी पड़ रहा है। अमेरिका के इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट को लेकर चीन ने वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन ( WTO) में शिकायत की है। चीन का कहना है कि यह एक्ट भेदभाव वाला है और इससे उचित प्रतिस्पर्धा को नुकसान हो रहा है। 

अमेरिका में EV पर सब्सिडी की पॉलिसी को चुनौती देने के लिए चीन ने WTO की विवाद के निपटारे की प्रक्रिया का इस्तेमाल किया है। इस वर्ष की शुरुआत से अमेरिका में EV खरीदने वालों को 3,750 डॉलर से 7,500 डॉलर के टैक्स क्रेडिट नहीं दिए जा रहे अगर EV में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण मिनरल्स या अन्य बैटरी कंपोनेंट्स चीन, रूस, उत्तर कोरिया या ईरान से हैं या इनकी फर्मों ने बनाए हैं। चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने एक स्टेटमेंट में कहा कि अमेरिका ने क्लाइमेट चेंज से निपटने की आड़ में EV पर सब्सिडी के लिए भेदभाव वाली पॉलिसी बनाई है। 

इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी EV मेकर Tesla के CEO, Elon Musk ने कहा था कि अगर चाइनीज ऑटोमोबाइल कंपनियों पर ट्रेड से जुड़ी बंदिशें नहीं लगाई गई तो वे ग्लोबल ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए खतरा बन सकती हैं। टेस्ला को चीन की BYD से कड़ी टक्कर मिल रही है। मशहूर इनवेस्टर Warren Buffett की फंडिंग वाली BYD अपनी कम प्राइस वाली इलेक्ट्रिक कारों के दम पर पिछले तिमाही में टेस्ला को पीछे छोड़कर सबसे अधिक EV बेचने वाली कंपनी बन गई थी। 

पिछले वर्ष टेस्ला ने अपनी इलेक्ट्रिक कारों के प्राइसेज में कटौती की थी लेकिन इसके बावजूद वह बिक्री में BYD से पीछे रह गई। इसके अलावा टेस्ला के मार्जिन पर भी असर पड़ा था। मस्क ने बताया था कि चाइनीज ऑटोमोबाइल कंपनियां कड़ी टक्कर दे रही हैं और अगर इन पर टैरिफ नहीं लगाए गए तो ये चीन से बाहर बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। चाइनीज ऑटोमोबाइल कंपनियों का मुकाबला करने के लिए टेस्ला एक कम प्राइस वाली कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर बनाने की तैयारी कर रही है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग अगले वर्ष की दूसरी छमाही में अमेरिका में कंपनी की टेक्सास की फैक्टरी में शुरू हो सकती है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 27 इंच बड़ा, 15000mAh बैटरी वाला डिस्प्ले Hisense X7 Pro लॉन्च, 14 घंटे का बैकअप, जानें कीमत
  2. Apple की टॉप स्पॉट पर वापसी! 14 साल बाद Samsung को दी सीधी मात, जानें बाकी ब्रांड्स का हाल
  3. Xiaomi 17 Max में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, 100W फास्ट चार्जिंग!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 17 Max में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, 100W फास्ट चार्जिंग!
  2. 27 इंच बड़ा, 15000mAh बैटरी वाला डिस्प्ले Hisense X7 Pro लॉन्च, 14 घंटे का बैकअप, जानें कीमत
  3. 200MP कैमरा वाला Redmi फोन हुआ Rs 12 हजार से ज्यादा सस्ता! कंपनी ने इतनी गिराई कीमत
  4. UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
  5. OnePlus के CEO के लिए ताइवान ने जारी किया अरेस्ट वॉरंट, जानें क्या है मामला....
  6. भारत में 10,000mAh की बैटरी के साथ नया स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है Realme, BIS पर हुई लिस्टिंग
  7. भारत में मौजूदगी बढ़ाएगी Tesla, बेंगलुरु में खुलेगा कंपनी का तीसरा शोरूम
  8. iQOO Z11 Turbo में होगा 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा, 15 जनवरी को लॉन्च
  9. CMF Headphone Pro हुआ भारत में लॉन्च: Rs 8 हजार से कम में Hi-Res ऑडियो, 100 घंटे की बैटरी और ANC भी!
  10. आपको 10 मिनट में नहीं मिलेगी सामान की डिलीवरी, सरकार ने Blinkit, Zomato को दी टाइम लिमिट हटाने की हिदायत 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.