क्रिप्टोकरेंसीज में क्यों आई गिरावट और आगे का कैसा हो सकता है रास्ता

इस गिरावट में Terra के नेटिव टोकन Luna का प्राइस बहुत अधिक घट गया था। एक प्रमुख स्टेबलकॉइन Tether का डॉलर के साथ जुड़ाव भी टूट गया था

क्रिप्टोकरेंसीज में क्यों आई गिरावट और आगे का कैसा हो सकता है रास्ता

पिछले सप्ताह की गिरावट में इस गिरावट में Terra के नेटिव टोकन Luna का प्राइस बहुत घट गया था

ख़ास बातें
  • स्टेबलकॉइन्स का डिजाइन वोलैटिलिटी से बचने के लिए बनाया जाता है
  • हाल की गिरावट से इस सेगमेंट को लेकर रेगुलेशन की जरूरत दोबारा सामने आई है
  • क्रिप्टो से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस में बड़ा बदलाव होने का अनुमान है
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क्रिप्टो मार्केट में हाल की भारी गिरावट से यह प्रश्न उठा है कि स्टेबलकॉइन्स वास्तव में क्या होते हैं। स्टेबलकॉइन्स का डिजाइन वोलैटिलिटी से बचने के लिए बनाया जाता है और ये किसी अन्य एसेट से जुड़े होते हैं। इस गिरावट में Terra के नेटिव टोकन Luna का प्राइस बहुत अधिक घट गया था। एक प्रमुख स्टेबलकॉइन Tether का डॉलर के साथ जुड़ाव भी टूट गया था। इससे इस सेगमेंट को लेकर रेगुलेशन होने की जरूरत दोबारा सामने आई है। 

अगर स्टेबलकॉइन्स ही स्टेबल नहीं हैं तो क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर सुरक्षा का अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। हाल की गिरावट से यह पता चला है कि स्टॉक मार्केट के इनवेस्टर्स की तरह ही क्रिप्टो में इनवेस्ट करने वाले लोग भी इन क्रिप्टोकरेंसीज में अपनी रकम के डूबने की आशंका रखते हैं। स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट करने वालों को यह उम्मीद रहती है कि उनके स्टॉक्स के प्राइस में तेजी आती रहेगी। स्टॉक मार्केट में शुरुआती सफलता मिलने के बाद इनवेस्टर्स अधिक रकम लगा सकते हैं। सोशल मीडिया पर मिलने वाली जानकारी के साथ तेजी में चूकने के डर से इनवेस्टमेंट को जारी रखा जाता है। 

क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट का एक बड़ा कारण भी यह है कि इनवेस्टर्स का मानना है कि इससे उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा। हालांकि, पिछले कुछ सप्ताह में भारी बिकवाली से क्रिप्टोकरेंसीज के प्राइस टूटने के बाद इस विश्वास को धक्का लगा है। क्रिप्टोकरेंसीज में इनवेस्टमेंट का एक अन्य कारण यह अनुमान भी हो सकता है कि क्रिप्टोकरेंसीज से फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस में बड़ा बदलाव आ सकता है। ऐसा मानने वाले इनवेस्टर्स के लिए क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू में बढ़ोतरी इसकी ताकत बढ़ने का भी एक संकेत है। इन इनवेस्टर्स में ऐसे लोग भी शामिल हैं जो बड़ी गिरावट आने पर भी बिकवाली करने से बच सकते हैं। इनवेस्टर्स का यह वर्ग ही इस सेगमेंट के लिए एक बड़ी उम्मीद हो सकता है।

अगर हम क्रिप्टोकरेंसी में इनवेस्टमेंट करने वालों को इनवेस्टमेंट करने के कारणों के लिहाज से ग्रुप्स में बांटें तो हम उनके व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। हालांकि, इनवेस्टर्स को इससे कुछ राहत मिल सकती है कि उन्होंने शायद इस मार्केट का बुरा दौर पीछे छोड़ दिया है और अब इसमें सुधार होने की संभावना है। इनवेस्टर्स को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि किसी अन्य मार्केट की तरह क्रिप्टो में भी किसी चीज की गारंटी नहीं होती। 
 
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