ग्लोबल रेगुलेटर्स ने बताई स्टेबलकॉइन्स के लिए कड़े रूल्स की जरूरत

सिक्योरिटीज रेगुलेटर्स की ग्लोबल संस्था IOSCO और सेंट्रल बैंकों से जुड़े बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) ने इस बारे में प्रपोजल्स को स्वीकार कर लिया है

ग्लोबल रेगुलेटर्स ने बताई स्टेबलकॉइन्स के लिए कड़े रूल्स की जरूरत

यह स्टेबलकॉइन्स के लिए समान रिस्क, समान रेगुलेशन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा

ख़ास बातें
  • स्टेबलकॉइन्स को अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के लिए एक्सचेंज करना आसान है
  • हाल में स्टेबलकॉइन्स में गिरावट से इनवेस्टर्स को काफी नुकसान हुआ था
  • इसका इस्तेमाल अक्सर ट्रेडर्स की ओर से फंड भेजने के लिए किया जाता है
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पिछले कुछ महीनों में स्टेबलकॉइन्स को लेकर क्रिप्टो मार्केट में आशंका है। ग्लोबल रेगुलेटर्स का कहना है कि स्टेबलकॉइन्स को पेमेंट्स के सामान्य जरियों के समान रूल्स का पालन करना चाहिए। सिक्योरिटीज रेगुलेटर्स की ग्लोबल संस्था IOSCO और सेंट्रल बैंकों से जुड़े बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) ने बताया है कि उन्होंने इस बारे में प्रपोजल्स को स्वीकार कर लिया है।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रपोजल्स में कहा गया है कि बड़े स्टेबलकॉइन्स के लिए पेमेंट सेक्टर के लिए मौजूदा रूल्स लागू होने चाहिए। यह स्टेबलकॉइन्स के लिए समान रिस्क, समान रेगुलेशन की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस बारे में IOSCO के प्रमुख और हांगकाग के सिक्योरिटीज रेगुलेटर के CEO Ashley Alder ने कहा, "हमें उम्मीद है कि स्टेबलकॉइन्स के लिए समान लेवल की मजबूती जरूरी है।" प्रपोजल्स में रिस्क पर नियंत्रण करना, गवर्नेंस और ट्रांसपैरेंसी को लेकर स्टैंडर्ड्स शामिल हैं। BIS कमेटी के प्रमुख और बैंक ऑफ इंग्लैंड के डिप्टी गवर्नर Jon Cunliffe का कहना था, "क्रिप्टो मार्केट में हाल की घटनाओं से स्टेबलकॉइन्स सहित क्रिप्टो एसेट्स से होने वाले रिस्क से निपटने की जरूरत बढ़ गई है।" 

स्टेबलकॉइन्स ऐसी क्रिप्टोकरेंसीज होते हैं जो अपने मार्केट प्राइस को गोल्ड या सामान्य करेंसीज जैसे किसी रिजर्व एसेट से जोड़ने की कोशिश करते हैं। ये ऐसी डिजिटल ट्रांजैक्शंस के लिए अधिक इस्तेमाल होते हैं जिनमें वर्चुअल एसेट्स को वास्तविक एसेट्स में कन्वर्ट करना शामिल होता है। USD Coin, Tether और Binance USD कुछ लोकप्रिय स्टेबलकॉइन्स हैं, जो अमेरिकी डॉलर से जुड़े हैं। क्रिप्टो का तेजी से बढ़ता वर्जन स्टेबलकॉइन एक्सचेंज के प्रमुख माध्यम के तौर पर उभरा है। इसका इस्तेमाल अक्सर ट्रेडर्स की ओर से फंड भेजने के लिए किया जाता है। 

प्रमुख स्टेबलकॉइन्स को बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसीज के लिए एक्सचेंज करना आसान है। स्टेबलकॉइन्स में हाल की गिरावट से इनवेस्टर्स को काफी नुकसान हुआ था। ब्रिटेन की फाइनेंस मिनिस्ट्री ने TerraUSD जैसे बड़े स्टेबलकॉइन्स में गिरावट से निपटने के लिए योजना बनाने का फैसला किया है। इसने एक कंसल्टेशन पेपर में कहा है, "क्रिप्टो मार्केट में वोलैटिलिटी के कारण यूजर्स की सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता को बरकरार रखने के लिए विशेष प्रकार के स्टेबलकॉइन्स को रेगुलेट करने की जरूरत बढ़ गई है। किसी डिजिटल एसेट फर्म के नाकाम होने का वित्तीय स्थिरता के साथ ही यूजर्स के हितों की सुरक्षा पर बड़ा असर हो सकता है।" 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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