इस नकली क्रिप्टो टोकन से कई लोगों को हुआ नुकसान, रग-पुल स्कैम का शक

इस नकली टोकन को केवल खरीदा जा सकता था, बेचा नहीं जा सकता था। यह एक और कारण था कि टोकन के स्कैम को लेकर लोगों का संदेह और मजबूत हो गया।

इस नकली क्रिप्टो टोकन से कई लोगों को हुआ नुकसान, रग-पुल स्कैम का शक

इस साल क्रिप्टो निवेशकों के साथ $7.7 बिलियन (लगभग 58,697 करोड़ रुपये) से अधिक का घोटाला हुआ है

ख़ास बातें
  • MetaMask नाम के नकली टोकन के जरिए लूट लिए गए 1 मिलियन डॉलर
  • MetaMask कंपनी के अपकमिंग $META टोकन के नाम पर बनाया गया नकली टोकन
  • इस साल निवेशकों के साथ हुआ लगभग 58,697 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला
विज्ञापन
MetaMask एक क्रिप्टोकरेंसी फर्म है, जिसने हाल ही में पुष्टि की है कि वह जल्द ही अपने खुद के क्रिप्टो टोकन $MASK को अपने मौजूदा यूज़र्स के वॉलेट में डाल देगी। इसके घोषणा के बाद, क्रिप्टो बाजार में एक नकली MetaMask टोकन लॉन्च हो गया, जो UniSwap प्लेटफॉर्म पर ट्रेड के लिए उपलब्ध था। बेहद कम समय में, इथेरियम ब्लॉकचेन पर बने इस मेटामास्क टोकन ने कथित तौर पर 2,600% उछाल हासिल कर लिया। जैसे ही इस नकली टोकन का खरीद का आकंड़ा 1 मिलियन डॉलर (करीब 7.4 करोड़ रुपये) के पास पहुंचा, सेल पर रोक लगा दी गई, जिससे रग-पुल स्कैम का संदेह पैदा हो गया।

CoinCodeCap की एक रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात स्कैमर ने अपने इस नकली टोकन के साथ $MASK टोकन के लॉन्च की प्रतीक्षा कर रहे कई लोगों को लूटा है। इस स्कैम का शिकार हुए लोगों की सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है।इस टोकन को केवल खरीदा जा सकता था, बेचा नहीं जा सकता था। यह एक और कारण था कि टोकन के स्कैम को लेकर लोगों का शक बढ़ गया।

टेक का ज्ञान रखने वाले कुछ लोगों ने ट्विटर पर अपनी व्यक्तिगत जांच की जानकारी शेयर की, जिसमें खुलासा हुआ कि नकली टोकन को वैरिफाइड स्टेट दिया गया था, क्योंकि स्कैमर्स ने ऐसा करने के लिए DeFi टूल साइट DexTools का इस्तेमाल किया था।

अभी तक, DexTools ने साइबर क्रिमिनल्स को अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने से रोकने में सक्षम नहीं होने में अपनी भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
 
 

इस घटना को "रग पुल" स्कैम के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि यह क्रिप्टो स्कैमर्स द्वारा की गई "हनीपॉट" ट्रिक है। जबकि हनीपॉट स्कैम कम जानकारी वाले लोगों को टार्गेट करते हैं, रग पुल स्कैम तब होते हैं, जब साइबर क्रिमिनल कैपिटल के टार्गेट अमाउंट के जमा होने के बाद अपने प्रोजेक्ट को छोड़ कर भाग जाते हैं।

हाल की एक रिपोर्ट में, रिसर्च फर्म Chainalysis ने खुलासा किया था कि इस साल क्रिप्टो निवेशकों के साथ $7.7 बिलियन (लगभग 58,697 करोड़ रुपये) से अधिक का घोटाला हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि घोटाले का सबसे आम रूप 'रग पुल' था।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone 18 Pro का इंतजार करना चाहिए या नहीं? यहां जानें अब तक सामने आईं सभी डिटेल्स
  2. हाइब्रिड फिटनेस एथलीट के लिए Amazfit Helio Strap Pro लॉन्च, जानें कैसे हैं फीचर्स
  3. महज 799 रुपये में Jio लाया 4G फोन, यूपीआई पेमेंट भी कर पाएंगे और फोटो भी क्लिक कर पाएंगे
  4. GTA 6 गेम के चक्कर में खाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट! फैल रहे हैं नकली इमेल
  5. IndiGo ने शुरू की कैब सर्विस, मात्र 49 रुपये में बुक कर पाएंगे राइड, एयरपोर्ट आना-जाना हुआ आसान
  6. 25 हजार रुपये सस्ता मिल रहा 200 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का फ्लैगशिप फोन, देखें डील
  7. Tecno Pova 8 vs Motorola Edge 70 Fusion vs Vivo Y400 5G: फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस में तुलना, जानें कौन है बेस्ट
  8. 48 घंटे चलने वाले ईयरफोन Ugreen HiTune S6 Pro हुए लॉन्च, जानें कीमत
  9. Lenovo Aurora GH15 गेमिंग हेडफोन लॉन्च हुए 1000mAh बैटरी, RGB लाइटिंग के साथ, जानें कीमत
  10. Poco C81 Pro लॉन्च हुआ ग्लोबल मार्केट्स में, 6000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले से लैस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »