Ethereum के को-फाउंडर ने जताई Meta की मेटावर्स योजना नाकाम होने की आशंका

Buterin ने कहा कि मेटावर्स की अभी तक कोई स्पष्ट परिभाषा भी नहीं है और इस वजह से यह अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि कंज्यूमर क्या पसंद करेंगे

Ethereum के को-फाउंडर ने जताई Meta की मेटावर्स योजना नाकाम होने की आशंका

मेटा की मेटावर्स डिविजन को इस वर्ष की दूसरी तिमाही में एक बार फिर भारी नुकसान हुआ है

ख़ास बातें
  • इससे पहले Buterin ने मेटावर्स को लेकर कोई आकलन नहीं दिया था
  • वह अक्सर Ethereum की टेक्नोलॉजी के बारे में बात करते हैं
  • उनका मानना है कि मेटावर्स को लेकर कंपनियों को नाकामी मिलेगी
विज्ञापन
ब्लॉकचेन Ethereum के को-फाउंडर Vitalik Buterin का मानना है कि कंपनियों की मेटावर्स को बनाने की कोशिशें नाकाम हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि मेटावर्स की अभी तक कोई स्पष्ट परिभाषा भी नहीं है और इस वजह से यह अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि कंज्यूमर क्या पसंद करेंगे। 

Buterin ने एक ट्वीट के उत्तर में कहा, "फेसबुक की ओर से बनाई गई कोई भी चीज नाकाम होगी।" उनका कहना था कि मेटावर्स को बनाने की कोशिश कर रही कंपनियों के सफल होने की संभावना कम है। इससे पहले Buterin ने मेटावर्स को लेकर कोई आकलन नहीं दिया था। वह अक्सर ट्विटर और ब्लॉग के जरिए Ethereum की टेक्नोलॉजी और डीसेंट्रलाइजेशन के असर के बारे में बात करते हैं। उनका मानना है कि मेटावर्स को बनाने की कंपनियों की कोशिशों का कोई परिणाम नहीं निकलेगा। फेसबुक के फाउंडर Mark Zuckerberg ने पिछले वर्ष अपनी कंपनी की Meta के तौर पर री-ब्रांडिंग की थी। इसके साथ ही उन्होंने मेटावर्स सेगमेंट में बड़ी योजना का संकेत दिया था। 

हालांकि, उनकी इस कोशिश को बड़ा झटका लगा है। मेटा की मेटावर्स डिविजन को इस वर्ष की दूसरी तिमाही में एक बार फिर भारी नुकसान हुआ है। Zuckerberg ने तिमाही नतीजों की घोषणा में बताया था कि फेसबुक रिएलिटी लैब्स (FRL) कही जाने वाली इस डिविजन का नुकसान लगभग 2.81 अरब डॉलर का रहा। इसने 45.2 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू हासिल किया, जो इससे पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत कम है। 

इसके बावजूद Zuckerberg को विश्वास है कि आगामी वर्षों में मेटावर्स टेक्नोलॉजी से कंपनी को फायदा होगा। उनका कहना था, "अगले कई वर्षों तक इस पर काफी खर्च होगा। मुझे विश्वास है कि मेटावर्स का इस्तेमाल बढ़ने के साथ हम इसे बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।" FRL को कंपनी की मेटावर्स में एक बड़ी ताकत बनने की योजना को पूरा करने के लिए हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और कंटेंट डिवेलप करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए यह डिविजन Apple और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के टेक वर्कर्स को हायर कर रही है। इनमें विशेषतौर पर ऑग्मेंटेड रिएलिटी (AR) से जुड़े लोग शामिल हैं। हाल ही में दक्षिण कोरिया की सरकार ने मेटावर्स प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मदद देने के लिए 17.7 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट करने की घोषणा की थी। मेटावर्स इंडस्ट्री में इनवेस्टमेंट करने वाले शुरुआती देशों में दक्षिण कोरिया शामिल है।  
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. फ्रेशर्स के लिए बड़ी खबर! HCLTech ने बढ़ाई सैलेरी, इस फील्ड में देगा 22 लाख तक का पैकेज
  2. IND vs NZ Live Streaming: भारत-न्यूजीलैंड वनडे मैच LIVE, आज ऐसे देखें फ्री!
  3. Ola ने लॉन्च किया नया प्रोडक्ट, EV नहीं! घर में यूज होता है, Rs 999 में बुकिंग शुरू
  4. Xiaomi 17 Max में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, 100W फास्ट चार्जिंग!
  5. 27 इंच बड़ा, 15000mAh बैटरी वाला डिस्प्ले Hisense X7 Pro लॉन्च, 14 घंटे का बैकअप, जानें कीमत
  6. 200MP कैमरा वाला Redmi फोन हुआ Rs 12 हजार से ज्यादा सस्ता! कंपनी ने इतनी गिराई कीमत
  7. UPI के यूजर्स की संख्या हो सकती है दोगुनीः RBI
  8. OnePlus के CEO के लिए ताइवान ने जारी किया अरेस्ट वॉरंट, जानें क्या है मामला....
  9. भारत में 10,000mAh की बैटरी के साथ नया स्मार्टफोन लॉन्च कर सकती है Realme, BIS पर हुई लिस्टिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »