बिटकॉइन का प्राइस 51,000 डॉलर से ज्यादा, Ether में भी प्रॉफिट

पिछले कुछ दिनों से बिटकॉइन में तेजी के पीछे अमेरिका में बिटकॉइन स्पॉट ETF को स्वीकृति मिलना एक बड़ा कारण है

बिटकॉइन का प्राइस 51,000 डॉलर से ज्यादा, Ether में भी प्रॉफिट

क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 0.05 प्रतिशत बढ़कर 1.97 लाख करोड़ डॉलर पर था

ख़ास बातें
  • पिछले कुछ दिनों से बिटकॉइन का प्राइस 51,000 डॉलर से अधिक पर है
  • देश में क्रिप्टो सेगमेंट पर टैक्स अधिक होने से ग्रोथ पर असर पड़ रहा है
  • कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने इस सेगमेंट को लेकर चेतावनी भी दी है
विज्ञापन
मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस में मंगलवार को लगभग 0.88 प्रतिशत की तेजी थी। यह लगभग 51,577 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। पिछले कुछ दिनों से इसका प्राइस 51,000 डॉलर से अधिक पर है। बिटकॉइन में तेजी के पीछे अमेरिका में बिटकॉइन स्पॉट ETF को स्वीकृति मिलना एक बड़ा कारण है। बिटकॉइन ने दो वर्ष पहले लगभग 68,000 डॉलर का हाई लेवल बनाया था।

दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस 0.78 प्रतिशत बढ़ा है। इसका प्राइस लगभग 2,907 डॉलर पर था। इसके अलावा Binance Coin, Ripple, USD Coin, Stellar, Chainlink, Polkadot और Cardano के प्राइस में तेजी थी। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 0.05 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.97 लाख करोड़ डॉलर पर था। 

क्रिप्टो ऐप CoinSwitch के मार्केट्स डेस्क ने Gadgets360 को बताया, "बिटकॉइन ने एक लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैपिटलाइजेशन को पार कर लिया है। इसमें तेजी के साथ मार्केट का सेंटीमेंट भी मजबूत हुआ है। इससे रिटेल इनवेस्टर्स की हिस्सेदारी बढ़ी है।" इस बारे में क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के वाइस प्रेसिडेंट, Rajagopal Menon ने कहा,  "मार्केट में सकारात्मक माहौल से रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। TRX जैसे टोकन्स के प्राइस काफी बढ़े हैं।" 

देश में क्रिप्टो सेगमेंट पर टैक्स अधिक होने से ग्रोथ पर असर पड़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में पेश हुए बजट से पहले क्रिप्टो इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार से इस सेगमेंट पर टैक्स घटाने के निवेदन किए थे। हालांकि, इंटरिम बजट में फाइनेंस मिनिस्टर Nirmala Sitharaman ने इस सेगमेंट का कोई जिक्र नहीं किया था। इससे इस इंडस्ट्री से जुड़े स्टेकहोल्डर्स को निराशा हुई थी। केंद्र सरकार ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रत्येक क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर एक प्रतिशत का TDS लगाया था। इसके साथ ही क्रिप्टो से मिलने वाले प्रॉफिट पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू किया गया था। इससे क्रिप्टो की ट्रेडिंग एक्टिविटीज में कमी हुई है। कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने इस सेगमेंट को लेकर चेतावनी दी है। हाल ही में  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर इमर्जिंग मार्केट्स को खतरे की चेतावनी को दोहराया था। RBI का कहना था कि कुछ देशों में इस सेगमेंट को स्वीकृति मिलने के बावजूद इसे लेकर उसकी पोजिशन नहीं बदली है। 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Exchange, Resistance, Bitcoin, Market, Demand, Solana, Investors, Levels, Tax, Prices
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Realme C100x जल्द होगा भारत में लॉन्च, 8,000mAh की बैटरी
  2. iQOO 16 में मिल सकती है 8,500mAh की बैटरी, स्टीरियो स्पीकर्स
  3. Spam कॉल्स और मैसेज पर कसने वाली है लगाम! TRAI का Meta और Google के साथ बड़ा प्लान
  4. Nothing Phone (4b) की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  5. StepX Neo लॉन्च! AI Agent वाला फोन जो खुद बुक करेगा फ्लाइट, करेगा ट्रांसलेशन और कई काम
  6. Redmi 17C 5G में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी, Geekbench पर लिस्टिंग
  7. यूरोप और अमेरिकी मार्केट छोड़ रहा है OnePlus? इस हफ्ते हो सकता है बड़ा ऐलान
  8. RAM की कमी ने बिगाड़ा खेल! 13 साल में सबसे नीचे स्मार्टफोन सेल्स, Samsung फिर बना नंबर-1 ब्रांड
  9. Moto G77 Power vs OnePlus Nord CE 6 Lite vs iQOO Z10R 5G: ₹25 हजार में कौन बेहतर?
  10. महंगे हो रहे स्मार्टफोन्स के बीच ₹6,000 सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy A56 5G, यहां मिलेगी डील
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »