बिटकॉइन पर बढ़ा प्रेशर, प्राइस 60,000 डॉलर से नीचे

बैंकरप्ट हो चुके क्रिप्टो एक्सचेंज Mt Gox के लगभग दो अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसीज मूव करने से क्रिप्टो मार्केट में गिरावट बढ़ सकती है

बिटकॉइन पर बढ़ा प्रेशर, प्राइस 60,000 डॉलर से नीचे

Ether का प्राइस लगभग 3.4 प्रतिशत घटकर लगभग 2,594 डॉलर पर था

ख़ास बातें
  • बिटकॉइन का प्राइस 2.8 प्रतिशत घटकर लगभग 59,397 डॉलर पर था
  • Solana और XRP के प्राइस भी घटे हैं
  • कुछ देशों में इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए जा रहे हैं
विज्ञापन
मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin का प्राइस बुधवार को लगभग 2.8 प्रतिशत घटकर लगभग 59,397 डॉलर पर था। बैंकरप्ट हो चुके क्रिप्टो एक्सचेंज Mt Gox के लगभग दो अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसीज मूव करने से क्रिप्टो मार्केट में गिरावट बढ़ सकती है। 

Mt Gox से जुड़े एक वॉलेट ने लगभग दो अरब डॉलर के बिटकॉइन को मूव किया है। यह एक्सचेंज लगभग 10 वर्ष पहले चुराए गए टोकन्स को वापस कर रहा है। इससे बिटकॉइन के प्राइस में बड़ी गिरावट हुई है। क्रिप्टो मार्केट में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाले इस टोकन की सप्लाई बढ़ने से इसके प्राइस में भारी गिरावट हो सकती है। इस वर्ष की शुरुआत में Mt Gox को लगभग नौ अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसीज को मूव करते  देखा गया था। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस लगभग 3.4 प्रतिशत घटकर लगभग 2,594 डॉलर पर था। इसके अलावा Solana और XRP के प्राइस भी घटे हैं। 

मौजूदा वर्ष की पहली छमाही में इंटरनेशनल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट का कैपिटलाइजेशन लगभग 44 प्रतिशत बढ़कर 720 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस वर्ष की शुरुआत में बिटकॉइन ETFs के लॉन्च से इस सेगमेंट की ग्रोथ तेजी से बढ़ी है। क्रिप्टो एक्सचेंज Binance की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से जून के बीच बिटकॉइन ने ग्रोथ दर्ज की है। इसके पीछे बिटकॉइन ETF की शुरुआत होना और इसके नेटवर्क की चौथी हाविंग प्रमुख कारण हैं। अमेरिका में बिटकॉइन ETFs में  17 अरब डॉलर का इनवेस्टमेंट किया गया है। इन ETFs में प्रति दिन की औसत ट्रेडिंग लगभग 2.3 अरब डॉलर की है। 

Ether की वैल्यू में भी बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष बिटकॉइन ने लगभग तीन वर्षों के बाद अपना नया हाई लेवल बनाया था। इसका प्राइस मार्च में 73,737 डॉलर से अधिक पर पहुंचा था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से इसमें गिरावट है। इसमें गिरावट के पीछे कुछ देशों के बीच तनाव और रेगुलेटरी चुनौतियां बड़े कारण हैं। हालांकि, केंद्र सरकार की इस सेगमेंट को रेगुलेट करने की कोई योजना नहीं है। यूरोपियन यूनियन ( EU) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने क्रिप्टो सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए हैं। हाल ही में लोकसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary ने बताया था कि वर्चुअल एसेट्स की खरीद और बिक्री को रेगुलेट करने के लिए कानून बनाने का प्रपोजल नहीं है। 
 

भारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Galaxy Unpacked में Samsung Smart Glasses दे सकते हैं दस्तक!, जानें सबकुछ
  2. Realme की चीन में होगी छुट्टी? नए लीक ने बढ़ाई हलचल, OnePlus को लेकर भी बड़ा दावा
  3. Realme Narzo 100x 5G की सेल आज से शुरू, ₹2000 सस्ता खरीदने का मौका
  4. Vivo T5 Lite 44W 5G Sale Live: 20 हजार से कम में 6500mAh बैटरी और AI फीचर्स!
  5. नेट नहीं, फिर भी होगी UPI पेमेंट! NPCI कर रहा है तैयारी, ऐसे काम करेगा नया फीचर
  6. Instagram पर फिशिंग से बचाव कैसे करें, स्कैमर ऐसे करते हैं अटैक
  7. Xiaomi का नया 2-in-1 डिवाइस लॉन्च, सिर्फ 7 मिनट में बदल देगा कमरे की हवा!
  8. Realme Narzo 100x 5G vs Moto G77 Power vs Nothing Phone 3a Lite 5G: खरीदने से पहले देखें कौन सा है बेस्ट?
  9. Samsung Galaxy Unpacked 2026: ऐसे देखें लॉन्च इवेंट लाइव, ये फोन होंगे लॉन्च
  10. ₹17000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा 50 मेगापिक्सल कैमरा वाला Samsung का धांसू फोन
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »