• होम
  • चंद्रयान
  • ख़बरें
  • Chandrayaan 3 15 Minutes of terror : ‘खौफ के 15 मिनट’! कल होगी ‘विक्रम लैंडर’ की ‘अग्निपरीक्षा’, क्‍या है ISRO का बैकअप प्‍लान? जानें

Chandrayaan-3 15 Minutes of terror : ‘खौफ के 15 मिनट’! कल होगी ‘विक्रम लैंडर’ की ‘अग्निपरीक्षा’, क्‍या है ISRO का बैकअप प्‍लान? जानें

Chandrayaan-3 15 Minutes of terror : यह लैंडिंग 25 किलोमीटर की ऊंचाई से की जाएगी, जिसमें 15 से17 मिनट लगेंगे। इस समयसीमा को 15 मिनट्स ऑफ टेरर कहा जाता है।

Chandrayaan-3 15 Minutes of terror : ‘खौफ के 15 मिनट’! कल होगी ‘विक्रम लैंडर’ की ‘अग्निपरीक्षा’, क्‍या है ISRO का बैकअप प्‍लान? जानें

चंद्रयान-3 मिशन से भारत और इसरो को बहुत उम्‍मीदें हैं। यह मिशन कामयाब होता है, तो भारत दुनिया का पहला देश बन जाएगा, जो चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंडिंग करने में कामयाब होगा।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान-3 मिशन कल चांद पर लैंडिंग की कोशिश करेगा
  • मिशन में कोई परेशानी आई, तो लैंडिंग 27 को हो सकती है
  • सबसे नाजुक होंगे आखिरी के 15 से 17 मिनट
विज्ञापन
Chandrayaan-3 मिशन का विक्रम लैंडर (LM) कल 23 अगस्‍त की शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर लैंड करने की कोशिश करेगा। यह लैंडिंग 25 किलोमीटर की ऊंचाई से की जाएगी, जिसमें 15 से17 मिनट लगेंगे। इस समयसीमा को 15 मिनट्स ऑफ टेरर कहा जाता है। (What is 15 Minutes of terror)। यही कुछ मिनट्स होंगे, जब विक्रम लैंडर की अग्निपरीक्षा होगी। कोई भी गड़बड़ी होने पर ISRO ने बैकअप प्‍लान भी तैयार करके रखा है। इसके बारे में जानते हैं।   
 

Chandrayaan-3 मिशन क्‍यों अहम है? 

चंद्रयान-3 मिशन से भारत और इसरो को बहुत उम्‍मीदें हैं। यह मिशन कामयाब होता है, तो भारत दुनिया का पहला देश बन जाएगा, जो चंद्रमा के साउथ पोल पर लैंडिंग करने में कामयाब होगा। चंद्रमा का साउथ पोल वह इलाका है, जहां आजतक कोई देश नहीं पहुंच सका है। भारत ने साल 2019 में भी कोशिश की थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई थी। 2023 में एक और मौका मिला है। देखना होगा कि इसरो इस मौके को भुना पाती है या नहीं। 

 

Vikram Lander के सामने आई ‘मुश्किल' तो क्‍या करेगी ISRO?  

इसरो की सबसे बड़ी प्राथमिकता चंद्रमा की सतह पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराना है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका समय शाम 6 बजकर 4 मिनट निर्धारित है। इससे करीब 2 घंटे पहले इसरो चांद पर स्थितियों को देखेगी। वह लैंडर मॉड्यूल की सेहत भी जांचेगी। सबकुछ ठीक रहा, तो लैंडिंग पर आगे बढ़ जाएगा। कोई भी परेशानी नजर आई तो लैंडिंग को 27 अगस्‍त के लिए भी टाला जा सकता है। 
 

15 Minutes of terror क्‍या है? 

Chandrayaan-3 मिशन की सबसे बड़ी चुनौती आखिरी के 15 से 17 मिनट हैं। इन्‍हें 15 Minutes of terror कहा जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समय पर विक्रम लैंडर खुद ही अपने सफर को पूरा करता है। उसे ISRO से कोई कमांड नहीं मिलती। यानी विक्रम लैंडर को खुद सही वक्‍त, दूरी और फ्यूल के सही इस्‍तेमाल का आकलन करना होगा। चंद्रयान-2 मिशन के दौरान भी इसरो का लैंडर सही तरीके से आगे बढ़ रहा था, लेकिन आखिरी के 2 मिनटों में मामला पलट गया। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. India vs Ireland T20I Live: आयरलैंड ने दिया 190 रन का लक्ष्य, मोबाइल और लैपटॉप पर यहां देखें लाइव
  2. Xiaomi 18 Pro में मिल सकता है डुअल 200 मेगापिक्सल कैमरा सिस्टम
  3. Nubia Air Pro: 5000mAh बैटरी, 108MP कैमरा के साथ Nubia का लेटेस्ट, और स्लिम फोन लॉन्च, जानें कीमत
  4. Realme 16, 16 Pro, Pro+ फोन हुए Rs 4000 तक महंगे! जानें नई कीमत
  5. Redmi Note 17 Pro में मिल सकती है 9,000mAh की पावरफुल बैटरी, 3C प्लेटफॉर्म पर हुई लिस्टिंग
  6. OnePlus N6 लॉन्च से पहले लुक हो गया लीक, बॉक्स में मिलेगा इतना कुछ!
  7. 7200mAh बैटरी वाला Vivo Y6a बजट फोन लॉन्च, 6 साल तक बनी रहेगी बैटरी परफॉर्मेंस!
  8. फोन के पीछे चिपकने वाला Belkin 10000mAh पावर बैंक, एक साथ दो डिवाइस करेगा चार्ज!
  9. Bitcoin पर बिकवाली का प्रेशर, 20 महीनों के निचले लेवल पर प्राइस 
  10. IBM ने पेश की दुनिया की पहली सब-1 नैनोमीटर चिप! AI को मिलेगी नई उड़ान ...
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »