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Chandrayaan 3 : अब कभी नहीं जागेंगे ‘विक्रम’ और ‘प्रज्ञान’, ISRO के पूर्व साइंटिस्‍ट ने कही बड़ी बात, जानें

Chandrayaan 3 Vikram Pragyan News : उन्‍होंने कहा कि अगर यह होना होता, तो अब तक हो जाना चाहिए था।

Chandrayaan 3 : अब कभी नहीं जागेंगे ‘विक्रम’ और ‘प्रज्ञान’, ISRO के पूर्व साइंटिस्‍ट ने कही बड़ी बात, जानें

चंद्रमा पर रात होने से पहले इसरो ने 4 और 2 सितंबर को लैंडर व रोवर को स्लीप मोड में डाल दिया था।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान 3 मिशन को लेकर आई बड़ी जानकारी
  • इसरो और प्रज्ञान से संपर्क की कोशिशें लग रहीं खत्‍म
  • पूर्व इसरो वैज्ञानिक ने कही अहम बात
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Chandrayaan 3 : क्‍या भारत का चंद्रयान-3 मिशन अब खत्‍म हो गया है। शुक्रवार को एक जानेमाने स्‍पेस साइंटिस्‍ट के बयान से इसके संकेत मिले हैं। मिशन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे अंतरिक्ष आयोग के सदस्य और इसरो के एक्‍स चेयरमैन ए एस किरण कुमार ने कहा है कि लैंडर ‘विक्रम' और रोवर ‘प्रज्ञान' के दोबारा एक्टिव होने की अब कोई उम्मीद नहीं है। न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्‍होंने यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि अगर यह होना होता, तो अब तक हो जाना चाहिए था।

इससे पहले 22 सितंबर को भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने कहा था कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर फ‍िर से सूर्योदय होने के बाद सौर ऊर्जा से चलने वाले ‘विक्रम' लैंडर और ‘प्रज्ञान' रोवर के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिश की गई है। 

इसने कहा था कि फिलहाल उनकी (लैंडर और रोवर) ओर से कोई संकेत नहीं मिले हैं और संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी रहेंगे। चंद्रयान-3 मिशन ने 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ‘सॉफ्ट लैंडिंग' कर इतिहास रच दिया था। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया था। चंद्रमा पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग' करने वाले हम दुनिया के चौथे देश बन गए थे। यह उपलब्धि अमेरिका, पूर्व में सोवियत संघ और चीन को हासिल है। 

चंद्रमा पर रात होने से पहले इसरो ने 4 और 2 सितंबर को लैंडर व रोवर को स्लीप मोड में डाल दिया था। उम्‍मीद थी कि 22 सितंबर के आसपास अगले सूर्योदय पर वो फ‍िर से एक्टिव हो जाएंगे। हालांकि ऐसा नहीं हो पाया। 

याद रहे कि लैंडर और रोवर को एक चंद्र दिवस (पृथ्वी के लगभग 14 दिन) तक काम करने के लिए ही डिजाइन किया गया था। उस हिसाब से लैंडर और रोवर ने चांद पर अपना लक्ष्‍य पूरा कर लिया था। इसरो ने जिन मकसदों के साथ इस मिशन को लॉन्‍च किया था, वो सभी हासिल कर लिए गए थे। इनमें चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित ‘सॉफ्ट लैंडिंग', चंद्रमा रोवर की चहलकदमी और चांद की सतह पर एक्‍सपेरिमेंट जैसे लक्ष्‍य शामिल थे। 
 
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