TCS में हजारों वर्कर्स की छंटनी पर बढ़ा विरोध, IT वर्कर्स यूनियन ने किया प्रदर्शन

सॉफ्टवेयर मेकर TCS से लगभग 20,000 वर्कर्स को हटाए जाने का अनुमान है। इनमें अधिकतर मिड और सीनियर लेवल के वर्कर्स हैं

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 14 अक्टूबर 2025 23:21 IST
ख़ास बातें
  • TCS से लगभग 20,000 वर्कर्स को हटाए जाने का अनुमान है
  • इनमें से अधिकतर मिड और सीनियर लेवल के वर्कर्स हैं
  • इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है

इनमें से अधिकतर मिड और सीनियर लेवल के वर्कर्स हैं

देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर मेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में बड़ी संख्या में वर्कर्स की छंटनी को लेकर विरोध बढ़ रहा है। इस छंटनी के खिलाफ IT & ITES Democratic Employees Association (IIDEA) ने मंगलवार को बेंगलुरु में कंपनी के व्हाइटफील्ड कैम्पस के सामने विरोध प्रदर्शन किया है। 

TCS से लगभग 20,000 वर्कर्स को हटाए जाने का अनुमान है। इनमें से अधिकतर मिड और सीनियर लेवल के वर्कर्स हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि इस प्रदर्शन में कंपनी की नई पॉलिसी का भी विरोध किया गया जिसमें एक वर्ष में किसी वर्कर के लिए 225 बिलिंग डेज होना अनिवार्य है। IIDEA की पदाधिकारी, Avani Chokshi ने कहा, "TCS और अन्य IT कंपनियों के उत्पीड़न वाले वर्क कल्चर की भी हम निंदा करते हैं, जिससे जॉब को लेकर असुरक्षा बढ़ती है।" 

इसके साथ ही IIDEA ने कंपनी के रिक्रूटमेंट के तरीकों को लेकर भी आशंका जताई है। IIDEA ने बताया है कि कंपनी ने जुलाई में 500 से अधिक प्रोफेशनल्स को ऑफर लेटर दिए थे लेकिन इन्हें जॉब को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हाल ही में TCS ने बताया था कि उसकी योजना लगभग 12,000 वर्कर्स को हटाने की है। इसके लिए कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल का बड़ा कारण बताया था। कुछ एंप्लॉयी यूनियंस का दावा है कि कंपनी से हटाए जाने वाले वर्कर्स की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। 

इससे पहले Union of IT and ITES Employees ने कहा था कि वर्कर्स को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, TCS ने इन आरोपों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि छंटनी का असर उसकी वर्कफोर्स के दो प्रतिशत तक सीमित है। छंटनी के दायरे में आए वर्कर्स को कंपनी की ओर से सेवरेंस पैकेज और अन्य सपोर्ट उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5.4 प्रतिशत घटा है। इसका कारण असाधारण रिस्ट्रक्चरिंग खर्च है। हालांकि, TCS के रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट घटकर लगभग 12,075 करोड़ रुपये रहा है। इससे पिछली तिमाही में यह 12,760 करोड़ रुपये का था। दूसरी तिमाही में कंपनी ने लगभग 1,135 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च किया है। यह खर्च रिस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा है। 

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Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

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