बढ़ती हीटवेव और क्लाइमेट चेंज AI डेटा सेंटर के लिए नई चुनौती बन रहे हैं। Microsoft और Nvidia जैसी कंपनियां अब कूलिंग सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव कर रही हैं।
Photo Credit: AI Generated
बढ़ती गर्मी AI डेटा सेंटर के लिए नई चुनौती बनती जा रही है
AI की बढ़ती मांग के बीच दुनियाभर में बड़े-बड़े डेटा सेंटर तेजी से बनाए जा रहे हैं, लेकिन अब इनके सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। बढ़ती गर्मी और लगातार आने वाली हीटवेव AI डेटा सेंटर के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अत्यधिक तापमान की वजह से डेटा सेंटर का कूलिंग सिस्टम, बिजली सप्लाई और ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि अब बड़ी टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर के डिजाइन और कूलिंग सिस्टम में बदलाव कर रही हैं।
CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, AI डेटा सेंटर में लगे हाई-परफॉर्मेंस चिप्स लगातार भारी मात्रा में गर्मी पैदा करते हैं। इन्हें ठंडा रखने के लिए सामान्य दिनों में भी डेटा सेंटर की कुल बिजली का करीब 40% हिस्सा सिर्फ कूलिंग में खर्च होता है। लेकिन जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो कूलिंग की जरूरत और बढ़ जाती है। इसी समय एयर कंडीशनर की वजह से पावर ग्रिड पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे बिजली कटौती का खतरा बढ़ जाता है।
क्लाइमेट रिस्क एनालिटिक्स फर्म First Street की स्टडी में पाया गया कि दुनिया की करीब 79% डेटा सेंटर क्षमता ऐसे इलाकों में है, जहां बाढ़, जंगल की आग, तेज हवाओं और अत्यधिक गर्मी जैसे जलवायु जोखिम मौजूद हैं। इससे ऑपरेशन प्रभावित होने के साथ-साथ इंश्योरेंस और रिपेयर की लागत भी बढ़ सकती है।
Marsh Risk के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लीड जो मेसेजैक ने CNBC से कहा, "अब सवाल यह नहीं है कि क्लाइमेट रिस्क डेटा सेंटर को प्रभावित करेगा या नहीं, बल्कि यह है कि कंपनियां इन जोखिमों को कितनी अच्छी तरह पहचानती और मैनेज करती हैं।"
Zurich Insurance के इंटरनेशनल कंस्ट्रक्शन हेड पैट्रिक मैकब्राइड के मुताबिक, अब लगभग 64% नए डेटा सेंटर पारंपरिक लोकेशंस से बाहर बनाए जा रहे हैं। इनमें ऐसे इलाके भी शामिल हैं, जहां तेज गर्मी, तूफान, ओले और तेज हवाओं का खतरा ज्यादा रहता है।
उन्होंने कहा, "अब खराब मौसम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। डेटा सेंटर डिजाइन करते समय यह सबसे पहले देखी जाने वाली चीजों में शामिल हो गया है।"
रिपोर्ट के मुताबिक, Microsoft अपने डेटा सेंटर को बदलते मौसम को ध्यान में रखकर डिजाइन कर रही है। कंपनी का कहना है कि साइट चयन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और बैकअप सिस्टम की मदद से अत्यधिक गर्मी और खराब मौसम के असर को कम किया जा रहा है।
वहीं Nvidia ने हाल ही में बताया कि उसके नए AI सर्वर अब 45 डिग्री सेल्सियस तक के कूलिंग लिक्विड तापमान पर भी काम कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार, चिलर का तापमान सिर्फ 1 डिग्री बढ़ाने से कूलिंग पर होने वाली ऊर्जा लागत में करीब 4% तक की बचत हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, अब डेटा सेंटर ऑपरेटर्स ऐसे कूलिंग सिस्टम और डिजाइन पर काम कर रहे हैं, जो भविष्य में बढ़ते तापमान के बावजूद AI इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित और लगातार चालू रख सकें। एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI डेटा सेंटर इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे इनोवेशन आने वाले वर्षों में क्लाइमेट चेंज से जुड़े जोखिमों का सामना करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹44,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
CMF Buds Neo True Wireless Stereo (TWS) Earphones
Starts from ₹1,999
Amazfit Cheetah 2 Ultra
Starts from ₹54,999
JBL Tune 780NC Wireless Headphones
Starts from ₹7,999
Lava Virat V1 Pro 5G सेल होने जा रही शुरू, 6GB रैम के साथ ₹2700 तक सस्ते में खरीदने का मौका!
Nepal Floods: नेपाल जैसी बाढ़ आ जाए तो क्या करें? ये 7 गैजेट्स बचा सकते हैं आपकी जान
NASA के रोवर को मंगल पर दिखा जैली फिश जैसा जीव! फोटो ने खींचा ध्यान
Poco X8 Power 5G आ रहा 10,000mAh बैटरी के साथ, 4 सितंबर को है भारत में लॉन्च, IP69 रेटिंग!