• होम
  • एआई
  • ख़बरें
  • AI से भारत जैसे देशों में नौकरियां जाने का खतरा कम! टेक्नोलॉजी को मिलेगी नई उड़ान ...

AI से भारत जैसे देशों में नौकरियां जाने का खतरा कम! टेक्नोलॉजी को मिलेगी नई उड़ान ...

जिन देशों में छोटे उद्योगों, और खेती पर निर्भरता ज्यादा है, वहां पर AI का असर नौकरियों पर बहुत ज्यादा नहीं होगा।

AI से भारत जैसे देशों में नौकरियां जाने का खतरा कम! टेक्नोलॉजी को मिलेगी नई उड़ान ...

विकासशील देशों में एआई के कारण 4.5 प्रतिशत नौकरियां जाने का खतरा है जो विकसित देशों की तुलना में काफी कम बताया गया है।

ख़ास बातें
  • विकसित देशों की तुलना में नौकरियां जाने का खतरा कम
  • मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5 प्रतिशत नौकरियां ही AI से प्रभावित
  • AI अपने साथ काम करने वालों के लिए एक मददगार साथी की तरह साबित होगा
विज्ञापन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नौकरियों पर प्रभाव को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अभी तक हर तरफ से यही खबरें थीं कि AI के कारण आने वाले समय में नौकरियों पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता है, जिसमें लाखों लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ सकता है। लेकिन वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट कुछ और ही कहती है। भारत जैसे देशों में इसका उतना असर नहीं पड़ेगा जितना कि अब तक कहा जा रहा था। इस नई रिपोर्ट से AI को लेकर भविष्य में एक नई उम्मीद जगती नजर आ रही है। 

नौकरियों पर AI के प्रभाव को लेकर जो रिपोर्ट्स अभी तक आईं थीं उनसे मार्केट में काफी चिंता का माहौल बना हुआ था। इन्हीं बढ़ती चिंताओं के बीच वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि विकसित देशों की तुलना में उभरती अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार के लिए यह नई तकनीक कम खतरा पैदा करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों में एआई के कारण 14.2 प्रतिशत नौकरियां जाने का खतरा है। लेकिन कम और मध्यम आय वाले देशों में केवल 4.5 प्रतिशत नौकरियां ही AI से प्रभावित होने वाली हैं।

इसका सीधा संबंध उन अर्थव्यवस्थाओं से है जो अपनी आय के लिए ज्यादा मात्रा में खेती-बाड़ी, और छोटी उद्योगों पर निर्भर करती हैं। यानी जिन देशों में खेती पर निर्भरता ज्यादा है, वहां पर AI का असर उतना नहीं पडे़गा। यह असर उन देशों में ज्यादा होगा जो पहले से ही ऐसी तकनीकी के साथ काम कर रहे हैं, जिसे आसानी से AI के साथ रिप्लेस किया जा सके। वहीं, दूसरी तरफ ये भी कहा गया है कि AI अपने साथ काम करने वालों के लिए एक मददगार साथी की तरह साबित होगा, न कि उनकी नौकरियां छीनने का काम करेगा। 

दूसरी अहम बात यह है कि AI के आने से जितना फायदा विकसित देशों को होगा, लगभग उतना ही फायदा विकासशील देशों को भी रहने वाला है। वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 16.2% नौकरियों की प्रोडक्टिविटी में AI से काफी बढ़ोतरी हो सकती है जबकि यह ज्यादा आय वाले देशों में यह आंकड़ा 18.7% के करीब अनुमानित है। वर्ल्ड बैंक ने कहा कि AI पहले से ही लोगों, बिजनेस और सरकारों की मदद समस्याएं सुलझाने, जानकारी का विश्लेषण करने, अनुमान बेहतर करने और बड़े पैमाने पर सेवाएं देने में कर रहा है। AI टूल्स खासतौर पर विकासशील देशों में उपयोगी हो सकते हैं। 

भारत के लिए AI कैसे मददगार
दुनिया के कई हिस्सों में AI डॉक्टरों को मरीजों की बीमारी का पता लगाने, किसानों को फसल से जुड़े फैसले लेने, बिजनेस को प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और सरकारों को टैक्स कलेक्शन और आपदा के समय मदद करने में सहायता कर सकता है। रिपोर्ट में भारत के सर्वम AI मॉडल के बारे में भी बताया गया है। देश में AI मौसम का अनुमान लगाने में किसानों की मदद कर रहा है। वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमीत गिल का कहना है कि विकासशील देशों को बड़े डेटा सेंटर या महंगे मॉडल्स की जरूरत नहीं है। भारत जैसे देश छोटे और सस्ते AI टूल्स को अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से ढालकर फायदा उठा सकते हैं। जिससे कि खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाया जा सकता है।
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News
Turbo Read

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Infinix GT 50 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, 2 कलर्स के ऑप्शन
  2. OnePlus Ace 7 में मिलेगी 16GB रैम, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप! Geekbench पर खुलासा
  3. भारत की 6G सर्विसेज के लॉन्च में आगे निकलने की तैयारी: Reliance Jio
  4. Google Pixel यूजर्स के लिए खुशखबरी! Connected Cameras अब WhatsApp पर भी चलेगा, जानें कैसे
  5. iPhone Air 2 में कम थिकनेस के साथ मिल सकती है ज्यादा कैपेसिटी वाली बैटरी
  6. अमेरिका ने ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से TCS और Infosys सहित कई IT कंपनियों को किया बाहर
  7. Vivo V80 FE अफॉर्डेबल फोन का जल्द लॉन्च! SDPPI सर्टिफिकेशन में स्पॉट
  8. भारत में दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट, 1GB की कीमत सिर्फ 8 रुपये, Elon Musk के दावे पर क्या बोले सिंधिया
  9. Oppo Pad Mini भारत समेत ग्लोबल मार्केट में होगा लॉन्च, 8000mAh बैटरी, टीजर जारी
  10. iQOO Neo 12 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 9,000mAh हो सकती है बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »