कोरोना के दौरान लॉकडाउन के कारण कश्मीर फाइल्स को टाले जाने पर विवेक ने वैक्सीन वॉर की कहानी तैयार करनी शुरू की थी। इसके लिए उन्होंने ICMR और NIV के वैज्ञानिकों की मदद ली थी जिन्होंने देश में कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाई थी
CoWIN Data Leak! मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि CoWIN पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करने वाले भारतीयों की पर्सनल जानकारी टेलीग्राम (Telegram) पर आसानी से उपलब्ध है।
स्टडी में कहा गया है कि कोरोना के बाद ऐसा होने के कारण को लेकर और रिसर्च करने की जरूरत है। इसके साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि इन बीमारियों को रोकने या इनके उपचार के लिए क्या किया जा सकता है
जर्मनी में सोशल मीडिया नेटवर्क्स के लिए कम्प्लायंस से जुड़े सख्त रूल्स हैं। इनके तहत सोशल मीडिया नेटवर्क्स को कट्टरपंथी सामग्री की तुरंत रिपोर्ट देनी होती है। टेलीग्राम ने जर्मनी की जस्टिस मिनिस्ट्री के ऐसी सामग्री को पोस्ट करने वालों की पहचान करने में मदद करने के निवेदनों का जवाब नहीं दिया है
Vi ने ऐलान किया है कि अब प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहक Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर VI App के माध्यम से उपलब्ध वैक्सिनेशन स्लॉट बुक करा सकते हैं। कंपनी ने ग्राहकों को यह सुविधा प्रदान करने के लिए VI App और CoWIN app को इंटीग्रेट कर दिया है।
COVID-19 वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट को Aarogya Setu ऐप या फिर CoWIN वेबसाइट के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। इन दोनों ही प्लेटफॉर्म को सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
रिसर्चर का कहना है कि SMS में दिया लिंक इस वॉर्म ऐप को फोन में इंस्टॉल करता है। इसके बाद यह फोन में शामिल सभी कॉन्टेक्ट को यूज़र की जानकारी के बिना SMS के जरिए एक समान लिंक वाला मैसेज भेज देता है।
1 मई से भारत में 18 साल से ऊपर वाले सभी नागरिकों COVID-19 वैक्सिन के लिए योग्य होंगे। CoWIN Portal के माध्यम से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 28 अप्रैल बुधवार शाम 4 बजे शुरू हो गई है।
Aarogya Setu का कहना है कि रजिस्ट्रेशन शुरू होने के पहले एक घंटे में 35 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्टर कराया और 18 से 44 साल उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन स्लॉट राज्य सरकार और निजी वैक्सीनेशन सेंटर द्वारा शीड्यूल सेशन शुरू होने के बाद उपलब्ध होंगे।