Tesla Ev

Tesla Ev - ख़बरें

  • Tesla की जल्द Cybercab लॉन्च करने की तैयारी, रोबोटैक्सी का है टारगेट 
    टेस्ला की योजना इस व्हीकल को बाद में रोबोटैक्सी कही जाने वाली ऑटोनॉमस कैब सर्विस के लिए इस्तेमाल करने की है। टेस्ला ने अपने वर्कर्स को बताया है है कि उसकी योजना जल्द ही अपने स्टाफ के लिए प्राइवेट रोड्स पर Cybercab की सर्विस शुरू करने की है। इसके बाद इस व्हीकल को कंपनी की रोबोटैक्सी सर्विस में शामिल किया जाएगा।
  • भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
    भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। इससे देश में बने EVs की इंटरनेशनल लेवल पर लोकप्रियता बढ़ने का संकेत मिल रहा है। भारत से इलेक्ट्रिक कारों का सबसे अधिक एक्सपोर्ट स्पेन को किया गया था। यह एक्सपोर्ट लगभग 14.64 करोड़ डॉलर का है। देश से EVs के कुल एक्सपोर्ट में स्पेन की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत की है।
  • इंटरनेशनल EV एफिशिएंसी रेटिंग्स में Tata Motors को मिला पहला रैंक, Tesla को दी मात
    इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) की ओर से जारी की गई इस रैंकिंग में इंटरनेशनल मार्केट की 22 सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों का आकलन किया गया था। इसमें जिस ब्रांड की इलेक्ट्रिक कारों ने जितनी कम इलेक्ट्रिसिटी की खपत की है, उसे उतनी अधिक रैंकिंग दी गई है। इस रैंकिंग में टाटा मोटर्स को पहला स्थान मिला है। इसके बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा है।
  • Elon Musk की नेटवर्थ 600 अरब डॉलर घटी, Tesla और SpaceX  के शेयर्स में गिरावट का असर
    SpaceX की स्टॉक मार्केट पर लिस्टिंग के बाद जून में मस्क की नेटवर्थ तेजी से बढ़कर लगभग 1.33 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंच गई थी। हालांकि, पिछले कुछ सप्ताह में SpaceX के शेयर में बड़ी गिरावट से मस्क की नेटवर्थ घटकर लगभग 684 अरब डॉलर की है। हालांकि, इसके बावजूद दुनिया के सबसे रईस शख्स का उनका खिताब बरकरार है।
  • Tata Punch EV को भारत NCAP रेटिंग में मिले 5-स्टार
    Punch EV को इस टेस्ट में एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन में 32 प्वाइंट में से 31.09 प्वाइंट और चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन में 49 प्वाइंट में से 45 प्वाइंट मिले हैं। इससे पता चलता है कि टाटा मोटर्स ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में सुरक्षा पर काफी जोर दिया है। Punch EV के सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।
  • टेस्ला की भारत में धीमी शुरुआत, पहले वर्ष में 500 यूनिट्स से कम की सेल्स
    टेस्ला ने पिछले वर्ष सितंबर से इस वर्ष जून के बीच मॉडल Y की लगभग 450 यूनिट्स की बिक्री की है। इससे देश में EVs के प्रीमियम मार्केट में चुनौतियां अधिक होने का संकेत मिल रहा है। इस मार्केट में जर्मनी की लग्जरी कार मेकर्स BMW और Mercedes-Benz की बड़ी हिस्सेदारी है। भारत में टेस्ला ने पिछले वर्ष वर्ष जुलाई में अपने बिजनेस की शुरुआत की थी।
  • भारत में बढ़ सकती है Tesla की सेल्स, Model Y L के लिए मजबूत डिमांड
    ट्रिलिनेयर Elon Musk की इस कंपनी को बढ़े शहरों से अधिक डिमांड मिल रही है। इन शहरों में बेंगलुरु और हैदराबाद शामिल हैं। भारत में टेस्ला ने पिछले वर्ष जुलाई में अपना बिजनेस शुरू किया था। हालांकि, कंपनी की सेल्स अनुमान से काफी कम रही है। इसके पीछे बड़ा कारण इम्पोर्ट ड्यूटी अधिक होने से इसके EVs के महंगे प्राइसेज हैं।
  • Tesla ने बनाया इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिलीवरी का रिकॉर्ड, यूरोप के मार्केट में रिकवरी से बढ़ी सेल्स
    टेस्ला के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर ( CEO), Elon Musk ने ऑटोनॉमस ड्राइविंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस बढ़ाया है। इससे टेस्ला की मार्केट वैल्यू में भी बढ़ोतरी हुई है। यूरोप में कंपनी की सेल्स बढ़ने के पीछे फ्यूल महंगा होना, EV के लिए सरकार की ओर से दिए जा रहे इंसेंटिव और पिछले वर्ष राजनीति में मस्क की विवादास्पद भूमिका को लेकर कस्टमर्स की नाराजगी कम होना प्रमुख कारण हैं।
  • भारत में महंगे हुए BYD के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, प्राइस में 1 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी
    BYD Atto 3, BYD Seal और BYD Sealion 7 के चुनिंदा वेरिएंट्स के प्राइसेज को बढाया गया है। BYD ने बताया है कि इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी, इनफ्लेशन के प्रेशर और देश में अपने नेटवर्क और टेक्नोलॉजी में इनवेस्टमेंट जारी रखने की वजह से उसे प्राइसेज को बढ़ाना पड़ा है। भारत में कंपनी ने eMAX 7 के नए वेरिएंट को भी पेश किया है।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए दिल्ली में मिलेंगे इंसेंटिव, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर भी छूट
    राजधानी में नई EV पॉलिसी के तहत, 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स में छूट मिलेगी। इसके अलावा BS-IV या इससे पुराने फोर-व्हीलर्स को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को एक लाख रुपये तक का इंसेंटिव दिया जाएगा। हालांकि, हाइब्रिड व्हीकल्स के लिए कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।
  • Tesla के Model Y L की भारत में शुरू हुई डिलीवरी, जानें प्राइस, रेंज
    टेस्ला ने अपने डायरेक्ट-टु-कंज्यूमर सेल्स मॉडल के जरिए मॉडल Y L की कस्टमर्स को डिलीवरी शुरू की है। इस इलेक्ट्रिक SUV का प्राइस लगभग 61.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) का है। ट्रिलिनेयर Elon Musk की टेस्ला ने इसके लिए फाइनेंस प्लान की भी पेशकश की है। पिछले वर्ष कंपनी ने Model Y L को चीन में पेश किया था। यह कंपनी के स्टैंडर्ड मॉडल Y का लॉन्ग-व्हीलबेस और थ्री-रो वाला वर्जन है।
  • दुनिया के पहले ट्रिलिनेयर बने Elon Musk, SpaceX के शेयर्स ने बढ़ाई वेल्थ
    मस्क की नेटवर्थ में टेस्ला और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी शामिल है। SpaceX के शेयर की स्टॉक मार्केट पर अच्छी शुरुआत के साथ ही मस्क ने ट्रिलिनेयर का खिताब हासिल किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और कुछ अन्य कंपनियों में भी मस्क की बड़ी हिस्सेदारी है। इससे पहले ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनी Amazon के फाउंडर Jeff Bezos को पीछे छोड़कर मस्क ने दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया था।
  • भारत में अगले वर्ष तक दोगुनी हो सकती है इलेक्ट्रिक कारों की सेल्स
    अगले फाइनेंशियल ईयर तक इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की सेल्स दोगुनी से अधिक बढ़ सकती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की सेल्स लगभग 2.2 लाख यूनिट्स की थी। यह अगले फाइनेंशियल ईयर तक बढ़कर लगभग पांच लाख यूनिट्स पर पहुंच सकती है। पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक कारों की औसत मासिक सेल्स लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ लगभग 26,000 यूनिट्स की रही है
  • भारत में लॉन्च हुई Green SM इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस, VinFast के EVs का होगा इस्तेमाल
    ऐप के जरिए कैब सर्विस उपलब्ध कराने वाली अन्य कंपनियों के विपरीत, Green SM केवल VinFast के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल करेगी। इसने अपनी सर्विस के लिए Limo Green को फ्लीट में शामिल किया है। यह विनफास्ट की VF MPV 7 का कमर्शियल वर्जन है। Green SM के लिए भारत पांचवां इंटरनेशनल मार्केट है। इसकी सर्विस वियतनाम, लाओस, फिलिपींस और इंडोनेशिया में मौजूद है।
  • अमेरिका ने AI चिप के एक्सपोर्ट पर पाबंदी का बढ़ाया दायरा, चीन को लगेगा झटका
    चीन को पाबंदी का दायरा बढ़ाने के अमेरिका के फैसले से बड़ा झटका लग सकता है। इससे चीन के बाहर बिजनेस के जरिए AI से जुड़े हार्डवेयर को हासिल करना चाइनीज कंपनियों के लिए मुश्किल हो जाएगा। अमेरिका में आशंका थी कि एक्सपोर्ट पर नियंत्रण के बावजूद चाइनीज कंपनियां अपनी विदेशी सब्सिडियरीज के जरिए एडवांस्ड AI प्रोसेसर्स खरीद सकती हैं।

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