Space Telescope

Space Telescope - ख़बरें

  • समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
    NASA अपने 22 साल पुराने Swift Observatory को बचाने के लिए 30 जून को Swift Boost मिशन लॉन्च करने जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के मुताबिक, सौर तूफानों की वजह से बढ़े वायुमंडलीय ड्रैग के कारण यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर गिर रहा है। मिशन के तहत Katalyst Space का Link स्पेसक्राफ्ट Swift तक पहुंचेगा और उसे पकड़कर ऊंची कक्षा में ले जाने की कोशिश करेगा। अगर मिशन सफल रहता है तो Swift कम से कम पांच साल और वैज्ञानिक रिसर्च कर सकेगा। यह अंतरिक्ष इतिहास का पहला ऐसा मिशन होगा, जिसमें किसी पुराने स्पेस टेलीस्कोप को दोबारा ऊंची कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
  • चांद से टकराने वाला है विशाल एस्टेरॉयड? NASA की नई रिपोर्ट ने साफ किया पूरा मामला
    NASA के James Webb Space Telescope ने एस्टेरॉयड 2024 YR4 को लेकर नई ऑब्जर्वेशन की हैं, जिनसे वैज्ञानिकों ने इसकी कक्षा को पहले से ज्यादा सटीक तरीके से मापा है। पहले आशंका जताई जा रही थी कि यह एस्टेरॉयड 2032 में चांद से टकरा सकता है, लेकिन अब नई गणनाओं के बाद यह संभावना लगभग खत्म हो गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह एस्टेरॉयड बेहद धुंधला है और मौजूदा समय में इसे ट्रैक करना आसान नहीं है। Webb Telescope की संवेदनशीलता की वजह से वैज्ञानिक इसकी स्थिति को बेहतर तरीके से माप पाए, जिससे भविष्य में इसकी सटीक स्थिति का अनुमान लगाना संभव हुआ।
  • ब्रह्मांड का सबसे पुराना पता अब मिला, NASA के टेलीस्कोप ने बदली यूनिवर्स की समझ
    NASA ने बताया है कि James Webb Space Telescope ने अब तक की सबसे दूर स्थित गैलेक्सी MoM-z14 को देखा है। यह गैलेक्सी बिग बैंग के सिर्फ 280 मिलियन साल बाद मौजूद थी और इसकी रोशनी को धरती तक पहुंचने में करीब 13.5 अरब साल लगे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती दौर यानी कॉस्मिक डॉन को समझने में मदद करती है। MoM-z14 उम्मीद से ज्यादा चमकदार और विकसित पाई गई है, जिसने शुरुआती ब्रह्मांड को लेकर बनी कई थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • NASA की ऐतिहासिक खोज! ब्रह्मांड के पहले तारे हुए कैप्चर, 13 अरब साल पुराना रहस्य आया सामने
    NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने ब्रह्मांड की शुरुआत से जुड़े एक बड़े रहस्य की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। हालिया स्टडी के मुताबिक, JWST ने LAP1-B नाम की एक दूरस्थ गैलेक्सी में ऐसे प्राचीन तारों के संकेत पाए हैं, जो बिग बैंग के तुरंत बाद बने हो सकते हैं। इन्हें Population III stars कहा जाता है और अब तक इन्हें कभी सीधे तौर पर नहीं देखा गया था। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन तारों से निकली बेहद तेज अल्ट्रावॉयलेट रोशनी और खास परिस्थितियां इस बात की ओर इशारा करती हैं कि ये ब्रह्मांड की पहली पीढ़ी के तारे हो सकते हैं।
  • धरती के लिए कभी खतरा बने एस्ट्रॉइड की चंद्रमा से टकराने की आशंका
    पिछले वर्ष इस एस्ट्रॉइड के धरती पर असर डालने की आशंका बनी थी। इस एस्ट्रॉइड को 2024 YR4 कहा जा रहा है। इसका व्यास लगभग 53-67 मीटर का है। इसका साइज 10 मंजिल की एक बिल्डिंग के समान है। पिछले वर्ष के अंत में इसका पता लगाया गया था। इसे Apollo प्रकार के एस्ट्रॉइड के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। धरती से इस एस्ट्रॉइड को नहीं देखा जा सकता है क्योंकि टेलीस्कोप से इसे देखने के लिए इसकी दूरी बहुत अधिक है।
  • James Webb टेलीस्कोप की बड़ी खोज, यंग स्टार सिस्टम में मिला जमा हुआ पानी
    Science Alert में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, यह स्टार सिस्टम केवल 2.3 करोड़ वर्ष पुराना है, जो लगभग 4.6 अरब वर्ष पुराने सोलर सिस्टम की तुलना में काफी युवा है। यह स्टार सिस्टम अभी अपने शुरुआती दौर में है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के James Webb Telescope ने जमे हुए पानी के साथ ही पारदर्शी पानी वाली बर्फ को भी खोजा है।
  • 124 प्रकाशवर्ष दूर ग्रह पर 'एलियन लाइफ' के सबूत! वैज्ञानिकों का दावा
    कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने K2-18b नामक ग्रह पर एक जैविक उत्सर्जन को खोजा है जो बैक्टीरिया से हो रहा है। इस ग्रह के वायुमंडल की केमिकल कम्पोजीशन का विश्लेषण करने के लिए वैज्ञानिकों ने James Webb Space Telescope की मदद ली। वैज्ञानिकों का कहना है कि K2-18b पर जीवन की प्रबल संभावना हो सकती है। हालांकि अभी यह एक शुरुआती नतीजा है जो ग्रह पर जीवन की पुष्टि नहीं करता है।
  • आखिर चल गया पता! यूरेनस ग्रह पर 17 घंटे का है 1 दिन, 84 साल में लगाता है सूरज का 1 चक्कर!
    यूरेनस पर दिन की लम्बाई पृथ्वी के दिन से कम निकल कर आई है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) द्वारा इकट्ठा किए गए दशकों के डेटा को खंगाला, जिससे पता लग पाया कि यूरेनस (Uranus) पर एक दिन 17 घंटे, 14 मिनट, और 52 सेकंड लम्बा होता है। NASA के स्पेसक्राफ्ट Voyager 2 द्वारा बताया गया समय इससे 28 सेकंड कम था।
  • NASA के James Webb स्पेस टेलीस्कोप का कारनामा! सौरमंडल के बाहर पहली बार खींची इस गैस की तस्वीर
    NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक और कारनामा कर दिखाया है। जेम्स वेब ने खास प्लेनेटरी सिस्टम यानी एक सौर मंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सीधी इमेज कैप्चर की है। इस प्लेनेटरी सिस्टम का नाम HR 8799 है जो कि एक युवा प्लेनेटरी सिस्टम बताया जा रहा है। यह 130 प्रकाशवर्ष दूर स्थित है। टेलीस्कोप ने इसके ग्रहों के वायुमंडल को सीधे अपने कैमरा में कैद कर लिया है।
  • चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए NASA ने लॉन्च किया सैटेलाइट
    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने चंद्रमा पर पानी की खोज के लिए Lunar Trailblazer सैटेलाइट लॉन्च किया है। इसका भार लगभग 200 किलोग्राम का है। इसके सोलर पैनल पूरी तरह खुले होने पर यह लगभग 3.5 मीटर चौड़ा है। इस सैटेलाइट को फ्लोरिडा में Kennedy Space Center से स्पेस में लॉन्च किया गया है।
  • ब्रह्मांड का 'सबसे रंगीन' मैप बनाएगा NASA का नया टेलीस्कोप
    SPHEREx कहे जाने वाले इस टेलीस्कोप का साइज छोटा है लेकिन यह अपने लगभग दो वर्ष के मिशन में बड़ी मात्रा में जानकारी उपलब्ध कराएगा। यह एक इंफ्रारेड टेलीस्कोप है जिसका डिजाइन स्पेक्ट्रोस्कोपिक इमेजेज लेने के लिए बनाया गया है। स्पेक्ट्रोस्कोपिक इमेजेज एक सोर्स से लाइट की अलग वेवलेंथ को मापती हैं। इससे ब्रह्मांड और तारा समूह की ग्रोथ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी।
  • विस्‍फोट के बाद ब्रह्मांड में फैली तारे की धूल, James Webb टेलीस्‍कोप ने किया कैप्‍चर, देखें 3D इमेज
    अंतरिक्ष में तैनात दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप- जेम्‍स वेब (James Webb Space Telescope) हर रोज हमारे ब्रह्मांड को कैप्‍चर कर रहा है। नासा के टेलीस्‍कोप ने अब अंतरतारकीय (interstellar) धूल और गैस की ज्‍यादा डिटेल इमेज ली हैं, जिससे वैज्ञानिकों ने इंटरस्‍टेलर धूल और गैस की 3डी संरचना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 350 साल पहले एक तारे के खत्‍म होने से यह रोशनी, गैस और धूल निकली जो अबतक काफी लंबा सफर तय कर चुकी है।
  • 2 लाख प्रकाशवर्ष दूर मौजूद तारामंडल में कुछ चल रहा है अजब! जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने ली फोटो
    जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पृथ्वी से लगभग 2 लाख प्रकाश वर्ष दूर स्थित स्मॉल मैगेलैनिक क्लाउड गैलेक्सी के किनारे के पास से एक अद्भुत फोटो ली है। इस फोटो में तारा मंडल (star cluster) NGC 602 को देखा जा सकता है। फोटो को जेम्स वेब टेलीस्कोप और चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी के डेटा से मिलाकर बनाया गया है। तारामंडल ऐसी जगह पर स्थित है जो से प्रारंभिक ब्रह्मांड की याद दिलाती है।
  • What is RGB : अब चीनी वैज्ञानिकों ने खोजा ब्रह्मांड का सबसे बड़ा विस्‍फोट! जानें इसके बारे में
    Gama-Ray Brust : रिसर्चर्स ने 37MeV तक ऊर्जा वाली एक गामा-रे स्पेक्ट्रम लाइन को खोजा है। दावा है कि यह किसी भी खगोलीय पिंड से देखी गई अब तक की सबसे अधिक ऊर्जा है।
  • 7 ‘आवारा’ ग्रह मिले वैज्ञानिकों को, यहां दिन-साल नहीं होते! जानें वजह
    Rogue Planets : यूक्लिड स्‍पेस टेलिस्‍कोप की मदद से खोजे गए इन ग्रहों की खूबी है कि ये किसी तारे की परिक्रमा नहीं करते।

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