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Internet Data - ख़बरें

  • Bank of Baroda ग्राहकों का डेटा लीक, बैंक ने जारी किया बयान; क्या आपका पैसा सुरक्षित?
    Bank of Baroda ने हाल ही में सामने आए कथित डेटा लीक मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह घटना एक कर्मचारी के ईमेल अकाउंट के हैक होने से जुड़ी थी। बैंक के अनुसार, उसके कोर बैंकिंग सिस्टम तक किसी तरह की अनधिकृत पहुंच नहीं बनाई गई और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सोशल मीडिया पर 1TB डेटा और ग्राहकों के Aadhaar विवरण लीक होने के दावों के बाद बैंक ने फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंक ने अपनी साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत भी क्लेम दर्ज कराया है।
  • बैंक, UPI और सोशल मीडिया... कुछ भी नहीं रहेगा सुरक्षित? एक्सपर्ट बोले - सेकंडों में तोड़ दूंगा Password
    इजरायल के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट प्रोफेसर आइजैक बेन-इजरायल का कहना है कि भविष्य के Quantum Computer मौजूदा Encryption तकनीक और Password सुरक्षा को बेहद कम समय में तोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, बैंकिंग, सरकारी सिस्टम और ऑनलाइन सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले मौजूदा सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स को Quantum Computing चुनौती दे सकती है। इससे निपटने के लिए Post-Quantum Cryptography और Quantum Communication जैसी नई तकनीकों पर काम किया जा रहा है। एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस टेक्नोलॉजी को व्यावहारिक रूप से डेवलप होने में अभी लगभग 10 साल लग सकते हैं, जबकि आम लोगों तक इसका एक्सेस बनने में इससे भी अधिक समय लग सकता है।
  • वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
    सोशल मीडिया पर वॉलेट को एल्यूमिनियम फॉयल में लपेटने की ट्रिक कई बार वायरल होती हैं। दावा किया जाता है कि इससे RFID और NFC कार्ड का डेटा चोरी होने का खतरा कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, एल्यूमिनियम फॉयल कुछ हद तक रेडियो सिग्नल को ब्लॉक कर सकता है और अस्थायी Faraday Cage की तरह काम करता है। हालांकि यह सिर्फ RFID आधारित सिग्नल को प्रभावित करता है और फिशिंग, UPI फ्रॉड, कार्ड स्किमिंग, डेटा ब्रीच या अन्य साइबर हमलों से सुरक्षा नहीं देता। ऐसे में इसे पूरी डिजिटल सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जा सकता।
  • भारत के सबसे बड़े परमाणु प्लांट से जुड़ा डेटा लीक? हजारों डॉक्यूमेंट्स पहुंचे डार्क वेब पर!
    भारत के सबसे बड़े कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े कथित संवेदनशील डॉक्यूमेंट्स डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रैनसमवेयर ग्रुप World Leaks ने करीब 19 हजार फाइलें अपलोड की हैं, जिनमें कथित तौर पर ब्लूप्रिंट, सप्लायर डिटेल्स और अन्य रिकॉर्ड शामिल हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस बीच Reliance Group ने थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर Yotta के सर्वर पर अपने डेटा में Partial Breach की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जानकारी सरकार को दे दी गई है।
  • फुल सिग्नल के बाद भी स्लो चल रहा इंटरनेट? ये फ्री सरकारी ऐप बताएगा आपके नेटवर्क का पूरा हाल
    TRAI ने अपने MySpeed App को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। यह ऐप मोबाइल डेटा, Wi-Fi और ब्रॉडबैंड कनेक्शन की वास्तविक इंटरनेट परफॉर्मेंस मापने में मदद करता है। इसमें डाउनलोड और अपलोड स्पीड के अलावा लेटेंसी, जिटर, वीडियो स्ट्रीमिंग और वेब ब्राउजिंग टेस्ट जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। ऐप पुराने टेस्ट रिजल्ट्स सेव करता है और अलग-अलग लोकेशन पर नेटवर्क की स्थिति का भी रिकॉर्ड रखता है। यूजर की अनुमति मिलने पर टेस्ट डेटा गुमनाम रूप से TRAI के साथ साझा किया जाता है, जिससे नेटवर्क क्वालिटी का विश्लेषण किया जा सके।
  • Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
    भारत में Digital Arrest Scam तेजी से बढ़ता साइबर अपराध बन गया है। सरकार के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से मई 2026 के बीच इस तरह की ठगी से जुड़े 2.97 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए और लोगों को 4,057.7 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ठग खुद को पुलिस, CBI, ED या दूसरी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उनसे पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। साइबर क्राइम एजेंसियां साफ कर चुकी हैं कि भारत में Digital Arrest जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल पर सतर्क रहना जरूरी है।
  • Reliance AGM 2026 LIVE: AI डेटा सेंटर से लेकर IPO तक, जल्द होने वाले हैं बड़े ऐलान
    Reliance Industries की 49वीं AGM से पहले कंपनी ने Meta के AI-इनेबल्ड डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर अहम जानकारी शेयर की है। Reliance के मुताबिक, गुजरात का जामनगर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, पर्याप्त पानी और Jio के फाइबर नेटवर्क की वजह से इस प्रोजेक्ट के लिए चुना गया। Meta और Reliance जून में 168 मेगावाट क्षमता वाला AI Data Centre बनाने के लिए पार्टनरशिप की घोषणा कर चुके हैं। यह प्रोजेक्ट अगले दो वर्षों में तैयार हो सकता है। AGM में कंपनी की AI स्ट्रैटेजी, डेटा सेंटर निवेश और Reliance Retail IPO को लेकर भी निवेशकों की नजर रहने वाली है।
  • चीन में बना दुनिया का पहला अंडरवॉटर डाटा सेंटर, विंड एनर्जी से चलता है, जानें सबकुछ
    दुनिया भर में डाटासेंटर के लिए पानी की ज्यादा खपत ज्यादा होती है जो कि एक बड़ी समस्या है। इन सेंटर में सर्वर जानकारी प्रोसेस करते हुए गर्म हो जाते हैं, इसलिए उन्हें ठंडा रखने के लिए साफ पानी की जरूरत होती है। हालांकि, चीन का कहना है कि उनका पानी के नीचे बना डेटासेंटर जमीन पर बने डेटासेंटर के मुकाबले में 90 प्रतिशत से भी कम पानी का उपयोग करता है।
  • Smartphone Hacks: इन 5 तरीकों से बड़ी से बड़ी फाइल मिनटों में ट्रांसफर, इंटरनेट की जरूरत नहीं!
    आज भी कई जगह इंटरनेट कमजोर होने या डेटा खत्म होने की समस्या रहती है, जिससे फाइल शेयर करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, स्मार्टफोन में ही कई ऐसे फीचर्स मौजूद हैं जिनकी मदद से बिना इंटरनेट के भी आसानी से फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट भेजे जा सकते हैं। Nearby Share, Bluetooth और Wi-Fi Direct जैसे ऑप्शन अच्छी स्पीड के साथ फाइल ट्रांसफर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा USB केबल और कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल करके भी बड़ी फाइल शेयर की जा सकती है। सही तरीके का चुनाव करके आप बिना डेटा खर्च किए फाइल ट्रांसफर कर सकते हैं।
  • Samsung फोन में छुपी है ये गजब सेटिंग, एक टैप पर फास्ट होगी इंटरनेट स्पीड!
    Samsung स्मार्टफोन में Intelligent Wi-Fi नाम का फीचर मिलता है, जो इंटरनेट कनेक्शन को ऑटोमैटिकली मैनेज करता है। इस फीचर की मदद से फोन स्लो WiFi को पहचानकर खुद मोबाइल डेटा या बेहतर WiFi नेटवर्क पर स्विच कर सकता है। यूजर्स Settings में जाकर इसे आसानी से ऑन कर सकते हैं। इसके अलावा Connectivity Labs जैसे एडवांस ऑप्शन्स भी मिलते हैं, जिनसे नेटवर्क क्वालिटी और स्पीड को और बेहतर किया जा सकता है। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए काम का है जो बार-बार इंटरनेट स्लो होने की समस्या से परेशान रहते हैं।
  • पॉपुलर ट्रैवल बुकिंग ऐप पर साइबर अटैक, WhatsApp पर टारगेट हो रहे हैं यूजर्स!
    Booking.com ने कन्फर्म किया है कि एक सिक्योरिटी ब्रीच में कुछ यूजर्स की पर्सनल और बुकिंग डिटेल्स तक अनऑथराइज्ड एक्सेस हो सकता है। इसमें नाम, ईमेल, फोन नंबर और बुकिंग से जुड़ी जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ यूजर्स को पहले ही फिशिंग मैसेज मिल चुके हैं, जिससे संकेत मिलता है कि हैकर्स इस डेटा का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उसने इस गतिविधि को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए हैं और प्रभावित बुकिंग्स के PIN अपडेट किए गए हैं। हालांकि कितने यूजर्स प्रभावित हुए, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
  • Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
    Census 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और पहले फेज में पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट सामने आ गई है। इस चरण में घर, सुविधाओं और परिवार से जुड़ी बेसिक जानकारी ली जाएगी। साथ ही इस बार self-enumeration की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे लोग खुद ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। हालांकि, जनगणना के दौरान फ्रॉड का खतरा भी बढ़ सकता है, जहां ठग फर्जी कॉल या लिंक के जरिए जानकारी निकालने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि लोग असली प्रक्रिया को समझें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहें।
  • India Census 2027: शुरू हो रही जनगणना, ऑनलाइन फॉर्म से लेकर जरूरी तारीखों तक, यहां समझें सबकुछ
    भारत की Census 2027 पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें self-enumeration का नया फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी फैमिली और पर्सनल डिटेल्स भर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज और सटीक बनती है। यह सुविधा अप्रैल 2026 से Phase I के तहत अलग-अलग राज्यों में शुरू होगी। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहले घर और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी और दूसरे चरण में व्यक्ति से जुड़ी डिटेल्स ली जाएंगी। सरकार के मुताबिक सभी डेटा सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड रहेगा।
  • सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
    केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक ईमेल सिस्टम को अपग्रेड करते हुए करीब 16.68 लाख ईमेल अकाउंट्स को Zoho के क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट कर दिया है। MeitY के मुताबिक इस प्रक्रिया पर अब तक 180.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह माइग्रेशन NIC के जरिए किया गया और इसका उद्देश्य एक सुरक्षित और sovereign ईमेल सिस्टम तैयार करना है, जिसमें डेटा का पूरा नियंत्रण सरकार के पास रहे। प्रति यूजर ईमेल अकाउंट की लागत 170 से 300 रुपये प्रति माह के बीच है, जो स्टोरेज कैपेसिटी पर निर्भर करती है।
  • भारत में प्रति महीने 31GB डेटा खपत कर रहे लोग! 5G ट्रैफिक में 70% उछाल
    मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने में भारतीयों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। भारत में औसतन हरेक यूजर महीने में 31GB डेटा की खपत कर रहा है। यह आंकड़ा नोकिया के वार्षिक मोबाइल ब्राडबैंड सूचकांक में निकल कर सामने आया है। AI आधारित ऐप, हाई क्वालिटी 4K वीडियो, और क्लाउड गेमिंग ऐप का ज्यादा इस्तेमाल करने के कारण यह खपत यहां पहुंची है।

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