दो भूभौतिकीविदों ने अपनी स्टडी में पाया है कि टेक्टोनिक एक्टिविटी में कमी और गुरुत्वाकर्षण बलों के नाजुक संतुलन की वजह से पृथ्वी को घूर्णन में कमी का सामना करना पड़ता था।
इसे मार्च में Pan-STARRS ऑब्जरवेटरी ने खोजा था। इसके बाद इसकी मौजूदगी की पुष्टि अमेरिका के हवाई में मौजूद टेलीस्कोप और एरिजोना में दो ऑब्जरवेटरी ने की थी
अमेरिका की कोलोराडो यूनिवर्सिटी और बकनेल यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोनॉमर्स Sebastian Pineda और Jackie Villadsen ने YZ Ceti से लगातार रेडियो सिग्नल मिलने का पता लगाया है
इसे Z 229-15 कहा जा रहा है और यह तारों के समूह Lyra में है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी का कहना है कि यह एक गैलेक्सी है जो गुरुत्वाकर्षण के कारण जुड़े तारे होते हैं
इसकी झलक अगले सप्ताह बुधवार या गुरुवार को दिखने की संभावना है। यह बिना बाइनॉक्युलर या टेलीस्कोप के भी दिख सकता है। एस्ट्रोनॉमर्स ने बताया है कि धरती से यह 2.5 लाइट मिनट्स या 2.7 करोड़ मील की दूरी से गुजरेगा
सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर किया गया है। इसके जरिए बताने की कोशिश की गई है कि इंसानों की तरह पेड़-पौधे भी एक-दूसरे से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं।
'पानी पुरी' मशीन बनाने वाले युवक का नाम भारत प्रजापति है, जो 33 साल के हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत कोई बड़े इंजीनियर व डिग्री होल्डर नहीं हैं, बल्कि वह स्कूल ड्रॉप-आउट है और बनांसकाठा में एक मोबाइल की दुकान चलाते हैं।