भारत में बहुत से मोबाइल यूजर्स को बीते कुछ हफ्तों में अंजान कॉलर से आने वाली कॉल्स में उनका नाम लिखा हुआ नजर आ रहा है। सरकार का यह नया अपडेट कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) से जुड़ा है जो कि धीरे-धीरे रोलआउट हो रहा है। यह नया टेलीकॉम फीचर टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) और टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के निर्देश के बाद शुरू किया जा रहा है।
हर साल लोगों को करोड़ों रुपये की ठगी होती है, जिसमें बहुत से अपनी जीवन भर की जमा पूंजी तक गंवा देते हैं। सरकार सिम बाइडिंग और CNAP जैसी सुविधा लेकर आ रही है। दिसंबर का महीना चल रहा है और अब उम्मीद है कि सरकार 2026 से स्कैम और फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए कई कड़े बदलावों के साथ नए नियम लागू कर सकती है।
देश में CNAP सर्विस को सभी टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स के लिए डिफॉल्ट तौर पर लागू किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति इस सर्विस का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो इसके लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को निवेदन दिया जा सकता है। इस फीचर के लागू होने के बाद किसी व्यक्ति को कॉल किए जाने पर उसके मोबाइल पर कॉलर का नाम दिखाई देगा।
टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने बड़ी टेलीकॉम कंपनियों को इस फीचर के इंटर-ऑपरेटर ट्रायल को शुक्रवार तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इस फीचर के लिए आधुनिक नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। इस वजह से यह फीचर केवल 4G और 5G स्मार्टफोन्स पर ही उपलब्ध होगा।
Reliance Jio इसके लिए अपनी CNAP टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी।
Reliance Jio और Bharti Airtel दोनों टेलीकॉम कंपनियों ने CNAP को लागू करने के खिलाफ चेतावनी दी थी। भारती एयरटेल का कहना था कि इसमें प्राइवेसी कानूनों के पालन की भी जरूरत हो सकती है