क्‍या है DCA सिस्‍टम, जो फर्जी कॉल और मैसेज से दिलाएगा छुटकारा? जानें

What is DCA system : आपकी इजाजत के बिना कोई भी कंपनी आपको मैसेज या कॉल नहीं कर पाएगी।

क्‍या है DCA सिस्‍टम, जो फर्जी कॉल और मैसेज से दिलाएगा छुटकारा? जानें

सिस्टम के अमल में आने से टेलीकॉम कंपनियों को भी फायदा हो पाएंगी। कंपनियां ट्रैक कर सकेंगी कि उनके कंस्‍यूमर को किस तरह के प्रमोशनल मैसेज या कॉल्‍स आ रही हैं।

ख़ास बातें
  • DCA सिस्‍टम पर आगे बढ़ा काम
  • फर्जी कॉल और मैसेजों पर लगेगा अंकुश
  • ट्राई ने दिए जरूरी दिशा-निर्देश
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What is DCA System : फर्जी कॉल और मैसेज हर मोबाइल यूजर के लिए बड़ी परेशानी हैं। लोगों का मैसेज बॉक्‍स आए दिन ऐसे मैसेजों से भर जाता है, जिनकी कोई जरूरत नहीं होती। उदाहरण के लिए, किसी ऑफर या लकी ड्रॉ से जुड़ा मैसेज। कॉल्‍स का भी यही हाल है। जब-तब फोन की घंटी घनघनाने लगती है। हालांकि अब सरकार सख्‍त मूड में है। उम्‍मीद है कि जल्‍द आपको फर्जी कॉल और मैसेजों से निजात मिल जाए। यह मुमकिन होगा DCA सिस्‍टम की बदौलत। आइए इसके बारे में सबकुछ जानते हैं।     

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के दूरसंचार नियामक ट्राई (TRAI) ने SMS या वॉयस कॉल के जरिए कस्‍टमर्स को कमर्शल मैसेज भेजने वाले बैंकों और अन्य इंस्टिट्यूशंस से कहा कि वो DCA सिस्‍टम में शामिल होने के लिए तत्काल कदम उठाएं।

TRAI ने सभी प्रमुख संस्थाओं से कहा है कि वो तय समयसीमा के अनुसार DCA सिस्‍टम में शामिल होने के लिए फौरन जरूरी कदम उठाएं। इन प्रमुख संस्थाओं में बैंक, दूसरे फाइनैंशियल इंस्टिट्यूशंस, बीमा कंपनियां, रियल एस्टेट कंपनियां शामिल हैं। ये यूजर्स को SMS या वॉयस कॉल पर कमर्शल मैसेज भेजती हैं।  
 

क्‍या है DCA सिस्‍टम 

रिपोर्टों के अनुसार, DCA सिस्‍टम का पूरा नाम है- Digital Consent Acquisition सिस्‍टम। मौजूदा वक्‍त में हमारे सर्विस प्रोवाइडर जैसे- एयरटेल, जियो या वोडा-आइडिया यह ट्रैक नहीं कर सकते कि उन्‍होंने किन ब्रैंड्स या कंपनियों को हमें मैसेज भेजने की इजाजत दी है। कोई भी कंपनी हमारे मोबाइल पर मैसेज भेज देती है या कॉल कर देती है। Digital Consent Acquisition सिस्‍टम के तहत कंस्‍यूमर्स और कमर्शल कंपनियों के लिए एक मंच तैयार किया जाएगा। इसके बाद यूजर्स जिस बैंक, बीमा कंपनी या बाकी कंपनियों से मैसेज, कॉल पाना चाहते हैं, उसके लिए अपनी डिजिटल मंजूरी दे सकेंगे। 

इसका सीधा मतलब है कि आपकी इजाजत के बिना कोई भी कंपनी आपको मैसेज या कॉल नहीं कर पाएगी। उस कंपनी को पहले DCA के तहत नोटिफ‍िकेशन भेजना होगा। जब आप हां कहेंगे, तभी आपके फोन में मैसेज-कॉल्‍स आएंगी। 

सिस्टम के अमल में आने से टेलीकॉम कंपनियों को भी फायदा हो पाएंगी। कंपनियां ट्रैक कर सकेंगी कि उनके कंस्‍यूमर को किस तरह के प्रमोशनल मैसेज या कॉल्‍स आ रही हैं। और आसान अल्‍फाजों में समझाया जाए तो DCA सिस्‍टम एक तरह का गेटवे होगा। इसके जरिए ही प्रमोशनल कॉल-मैसेज करने वाली कंपनियां आप तक पहुंच पाएंगी। जो यूजर्स अपने मोबाइल पर कोई फालतू टाइप मैसेज-कॉल नहीं चाहते, उनको इस सिस्‍टम का सबसे ज्‍यादा फायदा होगा।  
 

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