टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ेगा सरकार का कंट्रोल, संसद में पास हुआ टेलीकम्युनिकेशन बिल

इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया। लोकसभा में बुधवार को इसे हरी झंडी मिली थी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 21 दिसंबर 2023 20:41 IST
ख़ास बातें
  • इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया
  • इसमें सरकार आपात स्थिति में किसी टेलीकॉम नेटवर्क पर कंट्रोल कर सकेगी
  • सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए स्पेक्ट्रम का मुद्दा भी इस बिल में है

यह बिल 138 वर्ष पुराने Indian Telegraph Act की जगह लेगा

देश में टेलीकॉम सर्विसेज को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में केंद्र सरकार के अस्थायी कंट्रोल में देने की अनुमति वाला टेलीकम्युनिकेशन बिल गुरुवार को संसद में पारित हो गया। इस बिल में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज के लिए बिना नीलामी के स्पेक्ट्रम देने का भी प्रावधान है। इस बिल को राज्यसभा में ध्वनि मत से पारित किया गया। लोकसभा में बुधवार को इसे हरी झंडी मिली थी। 

इसमें सरकार को सार्वजनिक आपात स्थिति या जनता की सुरक्षा के हित में केंद्र सरकार को किसी टेलीकॉम नेटवर्क का कंट्रोल लेने की अनुमति है। इसके साथ ही इसमें सार्वजनिक आपात स्थिति, जनता के हित में या अपराध करने के लिए उकसाने से रोकन के मामले में मैसेजेज का ट्रांसमिशन या उन्हें इंटरसेप्ट करने की भी अनुमति होगी। इस बिल में कहा गया है कि केंद्र या राज्य सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त संवाददाताओं के प्रेस मैसेजेज को तब तक इंटरसेप्ट नहीं किया जाना चाहिए जब तक उनका ट्रांसमिशन सार्वजनिक आपात स्थिति और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए लागू नियमों के तहत प्रतिबंधित नहीं है। 
Advertisement

कम्युनिकेशंस मिनिस्टर Ashwini Vaishnaw ने बहस के उत्तर में कहा कि टेलीकम्युनिकेशंस बिल 2023 नए भारत की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश जमाने के दो कानूनों को बदलने के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि देश में टेलीकॉम टावर्स की संख्या बढ़कर लगभग 25 लाख और ब्रॉडबैंड इंटरनेट यूजर्स की लगभग 85 करोड़ हो गई है। 

यह बिल 138 वर्ष पुराने Indian Telegraph Act की जगह लेगा, जो इस सेक्टर पर नियंत्रण करता है। इस बिल में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के लिए नीलामी के बजाय लाइसेंस के जरिए स्पेक्ट्रम एलोकेट करने के प्रपोजल से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio को झटका लगेगा। विदेशी इंटरनेट सर्विस कंपनियों ने इस स्पेक्ट्रम के लिए लाइसेंस देने की डिमांड की थी। इन कंपनियों का मानना है कि अगर भारत में इसके लिए नीलामी होती है तो अन्य देशों में भी इस तरीके को लागू किया जा सकता है। इससे इन कंपनियों की कॉस्ट और इनवेस्टमेंट में बढ़ोतरी हो जाएगी। रिलायंस जियो का मानना है कि इस स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी करना सही तरीका है। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति Elon Musk की कंपनी स्टारलिंक चाहती है कि सरकार स्पेक्ट्रम की नीलामी न करे और अन्य देशों की तरह इस सर्विस शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी करे। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo X Fold 6 की सेल शुरू, ₹26 हजार से ज्यादा सस्ता खरीदें फोल्डेबल फोन
  2. e-SPRINTO G1 लॉन्च, सिंगल चार्ज में 130 किमी तक रेंज, कीमत 1 लाख से भी कम
#ताज़ा ख़बरें
  1. Infinix GT 50 Pro में मिलेगा MediaTek Dimensity 8400 Ultimate, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  2. Oppo Find X10 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, नया टैबलेट भी लाने की तैयारी
  3. भारत में लॉन्च हुए Apple TV 4K (4th जेनरेशन), HomePod Mini 2, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Apple का पहला स्मार्ट डिस्प्ले HomeView हुआ लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. Tecno Spark 50S 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, दो कलर्स के मिल सकते हैं ऑप्शन
  6. Flipkart Big Billion Days Sale 2026: ₹11,000 से ज्यादा सस्ता मिल रहा Nothing Phone 4b फोन, 36 हजार में हुआ था लॉन्च
  7. XElectron लेकर आया टीवी जैसा डिजिटल फोटो फ्रेम, फोन से बदल पाएंगे फोटो
  8. e-SPRINTO G1 लॉन्च, सिंगल चार्ज में 130 किमी तक रेंज, कीमत 1 लाख से भी कम
  9. Oppo Reno X में मिल सकता है वाइड डिस्प्ले, 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  10. 9000mAh बैटरी वाला Redmi Note 17 Pro Refreshed Edition लॉन्च, इसे मिला है ड्रॉप रेजिस्टेंस सर्टिफिकेशन!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.