कॉल ड्रॉप: सुप्रीम कोर्ट से दूरसंचार कंपनियों को नहीं मिली कोई राहत

कॉल ड्रॉप: सुप्रीम कोर्ट से दूरसंचार कंपनियों को नहीं मिली कोई राहत
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार कॉल ड्रॉप मुद्दे पर अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 मार्च को निश्चित कर दी। अदालत कॉल ड्रॉप के लिए उपभोक्ताओं को मुआवजा देने के नियामक के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका की सुनवाई कर रही है।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अपने 16 अक्टूबर 2015 के अपने फैसले में एक जनवरी 2016 से कॉल ड्रॉप के लिए उपभोक्ताओं को कंपनियों द्वारा मुआवजा देना आवश्यक बनाया है, जिसे सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) और एसोसिएशन ऑफ यूनीफाइड सर्विस प्रोवाइडर ऑफ इंडिया ने चुनौती दी है।

ट्राई के फैसले को प्रथम दृष्टया उसके अधिकार क्षेत्र के दायरे में ही पाते हुए न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति रोहिंटन फाली नरीमन की पीठ ने अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए कहा कि अगली सुनवाई 10 मार्च होगी, जिसके बाद फैसला सुनाया जाएगा।

अदालत ने कहा, "अगले सप्ताह सुनवाई होगी, कोई अंतरिम आदेश नहीं।"

कंपनियों के वकील कपिल सिब्बल से अदालत ने कहा, "कॉल ड्रॉप में आपकी गलती है और आपको भरपाई करनी चाहिए।"

सिब्बल ने यह तर्क रखा कि यदि उपभोक्ता बेसमेंट में या निफ्ट में हो और कॉल टूट जाए, तो कंपनी कैसे जिम्मेदार हो सकती है।

अंतरिम राहत की मांग का विरोध करते हुए महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने कहा, "अंतरिम आदेश नहीं होनी चाहिए। मुझे उच्च न्यायालय में जीत हासिल हुई है। यह उपभोक्ता हित में है।"

रोहतगी ने सिब्बल के तर्क के जवाब में कहा कि देश में बेसमेंट और लिफ्ट की संख्या बहुत अधिक नहीं है। यदि व्यक्ति बेसमेंट या लिफ्ट में है, तो उसे सिग्नल नहीं मिल पाएगा और वह कॉल ड्रॉप नहीं है। यदि आप इस दौरान किसी से बात कर रहे हैं और कॉल डिसकनेक्ट हो जाता है, तब भी वह कॉल ड्रॉप नहीं है।

उन्होंने कहा कि कॉल ड्रॉप का मतलब यह है कि जब आप किसी को फोन करने के बाद हेलो कहते हैं और दूसरी ओर हेलो कहा जाता है, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो पाती है और कॉल ब्लैंक हो जाता है।

सिबल के यह कहने पर कि ट्राई ने कंपनियों को नौ मार्च को आने को कहा है, अदालत ने कहा, "आप उससे इसे स्थगित करने के लिए कहें।"

सीओएआई ने कहा, "ट्राई से मिलकर यह अनुरोध किया जा सकता है कि 10 मार्च 2016 को सर्वोच्च न्यायालय का जवाब आने तक उद्योग से अनुपालन को स्थगित रखा जाए।"

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 फरवरी के अपने फैसले में ट्राई के फैसले को सही ठहराया है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े:

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Find X10 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा
  2. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Samsung Galaxy S26 Ultra की 36 लाख यूनिट्स की हो सकती है मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी को ज्यादा डिमांड की उम्मीद
  4. मोबाइल कैमरा का सीन बदल जाएगा? Oppo के फ्लैगशिप में मिलेंगे 200MP के 2 कैमरे!
  5. सुप्रीम कोर्ट की WhatsApp को चेतावनी, 'कानून नहीं मानना तो भारत से बाहर जाएं'
  6. ऐप चाइनीज, UPI हमारा! AliPay+ के साथ पार्टनरशिप पर सरकारों के बीच बातचीत शुरू
  7. iQOO 15R जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,600mAh की होगी बैटरी
  8. Redmi K90 Ultra में लगा होगा पंखा, बैटरी होगी इतनी बड़ी कि खत्म हो जाएगी चार्जिंग की टेंशन!
  9. मात्र 8,999 रुपये में खरीदें सैमसंग फोन, 10 हजार का कैशबैक अलग से, गजब है फ्लिपकार्ट पर Galaxy Days ऑफर
  10. Xiaomi 17 Ultra के इंटरनेशनल वेरिएंट में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »