• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • दुनिया की सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या में अब 4 करोड़ से ज्‍यादा अंक, 6 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

दुनिया की सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या में अब 4 करोड़ से ज्‍यादा अंक, 6 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

टेक कंपनी एनवीडिया (Nvidia) में काम कर चुके एक 36 साल के प्रोग्रामर ने दुनिया की सबसे बड़ी ज्ञात अभाज्य संख्या (Worlds Largest Known Prime Number) की खोज की है।

दुनिया की सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या में अब 4 करोड़ से ज्‍यादा अंक, 6 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

कैलिफोर्निया निवासी ल्यूक ड्यूरेंट की इस ऐतिहासिक खोज को मर्सेन प्राइम के रूप में क्‍लासिफाइड किया गया है।

ख़ास बातें
  • दुनिया की सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या खोजी गई
  • एनवीडिया के एक पूर्व प्रोग्रामर ने की खोज
  • 6 साल पहले सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या खोजी गई थी
विज्ञापन
Worlds Largest Prime Number : टेक कंपनी एनवीडिया (Nvidia) में काम कर चुके एक 36 साल के प्रोग्रामर ने दुनिया की सबसे बड़ी ज्ञात अभाज्य संख्या (Worlds Largest Known Prime Number) की खोज की है। इसमें उन्‍हें एक साल लग गया और काफी पैसे खर्च हुए। सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से एनडीटीवी ने लिखा है कि ल्यूक डुरंट ने यह खोज की है। इसका ऑफ‍िशियल नाम 'एम136279841' है, जिसमें 41,024,320 नंबर हैं। 6 साल पहले सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या खोजी गई थी और वह रिकॉर्ड अब टूट गया है। 

अभाज्य संख्या एक पूर्ण संख्या होती है, जिसे केवल 1 से या खुद से ही डिवाइड किया जा सकता है। जैसे- 2, 3, 5, 7, आदि। कैलिफोर्निया निवासी ल्यूक ड्यूरेंट की इस ऐतिहासिक खोज को मर्सेन प्राइम के रूप में क्‍लासिफाइड किया गया है। यह नाम फ्रांसीसी भिक्षु मारिन मर्सेन के नाम पर रखा गया है। उन्होंने 350 साल पहले इन संख्याओं को स्‍टडी किया था। 

रिपोर्ट के अनुसार, मर्सेन प्राइम काफी दुर्लभ हैं और इसलिए ड्यूरेंट की खोज और भी महत्‍वपूर्ण हो जाती है। आसान भाषा में समझाएं तो किसी संख्या को मर्सेन प्राइम मानने के लिए, उसे '2ᵖ-1' के रूप में लिखना होगा और ड्यूरेंट की खोज इस मायने में फ‍िट बैठती है। 

दिलचस्‍प यह भी है कि बड़ी अभाज्य संख्याओं का इस्‍तेमाल कुछ ऐप्लिकेशंस में इंटरनेट सिक्‍योरिटी के लिए किया जाता है। वहीं, मर्सेन अभाज्य संख्याएं दूसरी वजहों से अहम हैं। रिपोर्ट में लंदन के इंपीरियल कॉलेज में प्‍योर मै‍थमैटिक्‍स के प्रोफेसर डॉ. केविन बजर्ड के हवाले से कहा गया है कि दुनिया की सबसे बड़ी अभाज्‍य संख्‍या को खोजने से कंप्‍यूटर की क्षमता का भी पता चला है। 

गौरतलब है कि इस तरह के नंबर इंसानी दिमाग से नहीं खोजे जा सकते। इस काम में GIMPS की मदद ली जाती है। इसकी स्थापना साल 1999 में हुई थी। यह प्रोजेक्‍ट, वॉलंटियर्स के एक नेटवर्क पर चलता है और कंप्‍यूटर की मदद से बड़े मर्सेन प्राइम नंबरों को खोजता है। 

ड्यूरेंट ने भी अपनी खोज के बारे में GIMPS को बताया था। फ‍िर दुनियाभर के वॉलंटिर्स ने रिजल्‍ट का पता लगाने के लिए कंप्‍यूटर पर टेस्‍ट किए। उसके बाद नंबर को कन्‍फर्म माना गया। यह पहला ऐसा मर्सेन प्राइम नंबर है, जिसे कंप्‍यूटर के GPU का इस्‍तेमाल करके खोजा गया। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Pro में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के 2 कैमरा 
  2. HMD लाया बजट स्मार्टफोन, जानें 5,000mAh बैटरी और क्लीन सॉफ्टवेयर वाले Arc 2 की कीमत
  3. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का मार्केट 75 प्रतिशत बढ़ा, TVS Motor का पहला रैंक
  4. Samsung Galaxy A18 का डिजाइन हुआ लीक, मिल सकता है सुपर AMOLED पैनल, 5000mAh बैटरी!
  5. AI ऑटोमेशन के चलते 2026 में अबतक 1.2 लाख लोगों की गई नौकरी!
  6. 10 सरकारी ऐप्स जो आपका समय और कागजी काम दोनों बचाएंगे!
  7. क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बढ़ी RBI की चिंता, बैन लगाने पर जोर
  8. SIR Phase-III: Voter List में नाम है या कट गया? घर बैठे ऐसे करें चेक, पढ़ें पूरी गाइड
  9. फुल सिग्नल के बाद भी स्लो चल रहा इंटरनेट? ये फ्री सरकारी ऐप बताएगा आपके नेटवर्क का पूरा हाल
  10. TRAI से क्यों भिड़ गया Truecaller? स्पैम कॉल्स को लेकर छिड़ी नई बहस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »