• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट ‘लिग्नोसैट’ अगले साल होगा लॉन्‍च, जानें इसके बार में

दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट ‘लिग्नोसैट’ अगले साल होगा लॉन्‍च, जानें इसके बार में

Worlds 1st wooden satellite : स्‍पेस एजेंसियां देखना चाहती हैं कि लकड़ी के सैटेलाइट कितने कारगर हो सकते हैं।

दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट ‘लिग्नोसैट’ अगले साल होगा लॉन्‍च, जानें इसके बार में

Photo Credit: https://www.nanosats.eu/

लिग्नोसैट का आकार एक कॉफी मग के बराबर है।

ख़ास बातें
  • दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट लॉन्‍च करने की तैयारी
  • नासा और जापान की स्‍पेस एजेंसी कर रहे काम
  • अगले साल गर्मियों तक हो सकती है लॉन्चिंग
विज्ञापन
Worlds 1st wooden satellite : अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया प्रयोग होने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा' (Nasa) और जापान की स्‍पेस एजेंसी ‘जाक्‍सा' (JAXA) दुनिया के पहले लकड़ी के सैटेलाइट को लॉन्‍च करने की योजना बना रही हैं। अगले साल गर्मियों तक इस सैटेलाइट को लॉन्‍च किए जाने की उम्‍मीद है। सैटेलाइट का नाम है- LignoSat (लिग्नोसैट) जो एक टेस्‍ट होगा। स्‍पेस एजेंसियां देखना चाहती हैं कि लकड़ी के सैटेलाइट कितने कारगर हो सकते हैं। लेकिन इनकी जरूरत क्‍यों है? आइए जानते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियों ने बीते 50 वर्षों में हजारों की संख्‍या में सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा है। जाे सैटेलाइट अपना जीवन पूरा कर चुके हैं, वो कबाड़ या मलबे के रूप में अब वहां तैर रहे हैं। इससे दूसरे सैटेलाइट्स को खतरा हो रहा है। यही नहीं, खत्‍म हो चुके सैटेलाइट अगर पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो उनके हमारे ग्रह को नुकसान पहुंचाने की संभावना बनी रहती है। लकड़ी के सैटेलाइट इन मुश्किलों को सुलझा सकते हैं। 

स्‍पेसडॉटकॉम के अनुसार, अंतरिक्ष में लकड़ी ना तो जल सकती है, ना ही सड़ सकती है। अच्‍छी बात है कि लकड़ी के सैटेलाइट अगर वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते हैं, तो वह जलकर राख हो जाएंगे। यानी भविष्‍य में इनका इस्‍तेमाल होता है अंतरिक्ष में कचरा बढ़ने की संभावना खत्‍म हो जाएगी। 
 

कितना बड़ा सैटेलाइट है LignoSat? 

जानकारी के अनुसार, लिग्नोसैट का आकार एक कॉफी मग के बराबर है। इसे 2024 की गर्मियों तक लॉन्‍च किया जा सकता है। इसे बनाने में मैगनोलिया लकड़ी का इस्‍तेमाल किया गया है। 
 

ऐसे किया गया लकड़ी का चुनाव 

स्‍पेस एजेंसियों ने जिस मैगनोलिया लकड़ी से सैटेलाइट को बनाया है, उस लकड़ी को पहले इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में टेस्‍ट किया गया था। वैज्ञानिकों ने तीन तरह की लकड़ी टेस्‍ट की। सभी अंतरिक्ष में कामयाब रहीं यानी उनमें कोई टूट-फूट नहीं हुई। हालांकि वैज्ञानिकों ने मैगनोलिया लकड़ी को इस्‍तेमाल करने का फैसला किया क्‍योंकि सैटेलाइट बनाते समय इसके टूटने की संभावना बहुत कम है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, JAXA, Lignosat, Science News In Hindi
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola Edge 70 Pro vs OnePlus Nord 6 vs Vivo V70 FE: 40K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  2. Xiaomi ने नया कॉर्डलैस वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 2600mAh बैटरी के साथ 75 मिनट लगातार क्लीनिंग, जानें कीमत
  3. Apple के आगामी iPhones में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा 
  4. गेमिंग के लिए लॉन्च हुआ Redmi K Pad 2 टैबलेट, इसमें है 3K डिस्प्ले, 9100mAh बैटरी और कूलिंग सिस्टम
  5. Vivo Y600 Pro में होगी सबसे बड़ी 10,200mAh की बैटरी, 27 अप्रैल को है लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. Honor 600, Honor 600 Pro हुए लॉन्च, 7000mAh बैटरी, 200MP कैमरा
  7. 700W पावर और वायरलेस सेटअप! boAt ने भारत में लॉन्च किया Aavante Prime X साउंड सिस्टम
  8. Google Pixel का अप्रैल अपडेट बना सिरदर्द, यूजर्स बोले - 'फोन कुछ घंटों में हो रहा डाउन'
  9. Bitcoin में जोरदार तेजी, 78,000 डॉलर से ज्यादा हुआ प्राइस
  10. Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE अगले महीने होंगे भारत में लॉन्च, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »