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MP-महाराष्‍ट्र के आसमान में चमकती रोशनी क्‍या थी? अधिकारियों ने लगाए यह कयास

2 से 3 मीटर साइज की यह रिंग जिसका वजन करीब 40 किलो है, उसे शनिवार देर रात महाराष्‍ट्र के एक गांव में खेत में पाया गया।

MP-महाराष्‍ट्र के आसमान में चमकती रोशनी क्‍या थी? अधिकारियों ने लगाए यह कयास

जिस इलाके में यह रिंग मिली, वहां दावत की तैयारी हो रही थी। तभी आकाश में चमकती एक लाल रिंग गांव में खुली जगह पर गिरी और वहां धमाका भी हुआ।

ख़ास बातें
  • 2 से 3 मीटर साइज की रिंग का वजन करीब 40 किलो है
  • महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में यह रिंग बरामद हुई है
  • जिस इलाके में यह रिंग मिली, वहां दावत की तैयारी हो रही थी
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मध्‍य प्रदेश, गुजरात और महाराष्‍ट्र के कई इलाकों में शनिवार रात लोगों को आसमान में चमकती हुई रोशनी दिखाई दी। सोशल मीडिया में इसके वीडियो सामने आने के बाद कयासों का दौर शुरू हो गया। वीडियो में दिख रहा नजारा शानदार था। कई लोगों ने इसे उल्‍कापिंड बताया। कई ने कहा उल्‍काओं की बौछार है और बात होते-होते एलियंस तक पहुंच गई। दावे हुए कि यह एलियंस का शिप है। बहरहाल, इस रोशनी के बाद एक इलाके में मेटल की बड़ी रिंग और गोला लोगों को बरामद हुआ। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि यह पिछले साल अंतरिक्ष में लॉन्‍च किए गए चीनी रॉकेट का मलबा हो सकता है। 

एक न्‍यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, बताया जाता है कि 2 से 3 मीटर साइज की यह रिंग जिसका वजन करीब 40 किलो है, उसे शनिवार देर रात महाराष्‍ट्र के एक गांव में खेत में पाया गया। जिला कलेक्टर अजय गुल्हाने ने एक न्‍यूज एजेंसी को बताया कि रिंग का साइज 6.5-10 फीट है। 

बताया जाता है कि महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में यह रिंग बरामद हुई है। मीड‍िया रिपोर्टों के मुताबिक, जिस इलाके में यह रिंग मिली, वहां दावत की तैयारी हो रही थी। तभी आकाश में चमकती एक लाल रिंग गांव में खुली जगह पर गिरी और वहां धमाका भी हुआ। स्‍थानीय लोग इस धमाके से डरकर अपने घरों में चले गए और आधे-एक घंटे बाद बाहर आए। बताया जाता है कि करीब आधा मीटर साइज का मेटल का वह गोला चंद्रपुर जिले के ही एक दूसरे गांव में जाकर गिरा। 

इन चीजों को इकट्ठा किया गया है। लोकल अफसरों को यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि कहीं कोई और चीज तो आसमान से नहीं गिरी है। रिंग और गोले की वजह से फ‍िलहाल किसी नुकसान की जानकारी नहीं है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी का कहना है कि फरवरी 2021 में लॉन्च किए गए चीनी रॉकेट की री-एंट्री का शनिवार को ‘क्‍लोज मैच' था।  जब रॉकेट की बॉडीज वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से बच जाती हैं, तो उसके बाकी हिस्‍से जैसे- नोजल, रिंग और टैंक पृथ्वी पर असर डाल सकते हैं।

हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के स्‍पेस-वॉचर जोनाथन मैकडॉवेल ने ट्वीट किया कि यह रिंग चीन के 3B रॉकेट का हिस्‍सा थी। ऐसी चीजें वातावरण में प्रवेश करने पर बहुत ज्‍यादा गर्मी और घर्षण पैदा करती हैं। इससे वो जल सकती हैं। लेकिन बड़ी चीजें पूरी तरह से नष्ट नहीं हो पातीं।
 
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