• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • What is Polaris Dawn Mission : धरती से 700km ऊपर उड़ने वाले हैं एस्‍ट्रोनॉट, पहली बार होगी कमर्शल स्‍पेसवॉक

What is Polaris Dawn Mission : धरती से 700km ऊपर उड़ने वाले हैं एस्‍ट्रोनॉट, पहली बार होगी कमर्शल स्‍पेसवॉक

मिशन के तहत उड़ान भरने वाले एस्‍ट्रोनॉट्स पहले बार एक प्राइवेट स्‍पेसवॉक करेंगे।

What is Polaris Dawn Mission : धरती से 700km ऊपर उड़ने वाले हैं एस्‍ट्रोनॉट, पहली बार होगी कमर्शल स्‍पेसवॉक

Photo Credit: @PolarisProgram

ख़ास बातें
  • इस महीने लॉन्‍च हो सकता है खास अंतरिक्ष मिशन
  • पृथ्‍वी से 700 किलोमीटर ऊपर उड़ान भरने का इरादा
  • एस्‍ट्रोनॉट कर सकते हैं पहली कमर्शल स्‍पेसवॉक
विज्ञापन
Polaris Dawn Astronaut Mission : अंतरिक्ष के क्षेत्र में इस महीने एक ऐसा लॉन्‍च होने वाला है जो भविष्‍य में आम आदमी की स्‍पेस में चहलकदमी के रास्‍ते खोल देगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरिक्ष में होने जा रही पहली कमर्शल स्‍पेसवॉक से जुड़े मिशन की लॉन्‍च डेट अब कन्‍फर्म हो गई है। मिशन का नाम है- पोलारिस डॉन एस्‍ट्रोनॉट मिशन (Polaris Dawn Mission)। इस मिशन को अरबपति जेरेड इसाकमैन (Jared Isaacman) फंड कर रहे हैं, जिसे 31 जुलाई तक लॉन्‍च करने का लक्ष्‍य रखा गया है। खास बात है मिशन को एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स के फाल्‍कन9 रॉकेट (Falcon 9 rocket) के जरिए उड़ाने की तैयारी है। 
   

ISS से भी ऊपर जाएगा मिशन 

Polaris Dawn Mission को इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन से भी ऊपर ले जाने की योजना है। यह पृथ्‍वी से लगभग 700 किलोमीटर ऊपर जाएगा, जबकि आईएसएस धरती से 400 किलोमीटर ऊपर मौजूद है। 
 

स्‍पेसएक्‍स का स्‍पेससूट आजमाएंगे एस्‍ट्रोनॉट

रिपोर्ट्स के अनुसार, मिशन के तहत उड़ान भरने वाले एस्‍ट्रोनॉट्स पहले बार एक प्राइवेट स्‍पेसवॉक करेंगे। इस दौरान स्‍पेसएक्‍स के स्‍पेससूट को प्रयोग किया जाएगा। कहा जाता है कि साल 1960 और 1970 के दशक में लॉन्‍च किए गए अपोलो मून मिशन के बाद यह सबसे ऊंची ह्यूमन स्‍पेस फ्लाइट होगी। 

पोलारिस डॉन पोलारिस प्रोग्राम को तीन मिशनों में बांटा गया है। इसकी फ‍ंडिंग और कमांड इसाकमैन के पास है। मिशन में पायलट की जिम्‍मेदारी लेफ्टिनेंट कर्नल स्कॉट पोटेट निभाएंगे। मिशन स्‍पेशलिस्‍ट सारा गिलिस और अन्ना मेनन भी इसका हिस्‍सा बनेंगी। दोनों स्‍पेसएक्‍स में ऑपरेशंस इंजीनियर भी हैं। 

अहम बात यह है कि मिशन को साल 2022 में लॉन्‍च किया जाना था। लेकिन इसमें देरी होती रही है। इस साल शुरुआत में भी मिशन को लॉन्‍च करने की उम्‍मीद बंधी थी, जो अब जुलाई में आकर ठहर गई है। अगर यह मिशन सफल होता है तो भविष्‍य में स्‍पेसवॉक का क्षेत्र नए आयामों को खोलकर रख देगा। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. इस देश में प्रति दिन हो रही 64 करोड़ डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस.... 
  2. ईरान में इंटरनेट पहुंचाने के लिए अमेरिका से फंड का इंतजार
  3. Oppo Find N6 में होगी 16GB रैम, Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप, 80W चार्जिंग! लॉन्च से पहले खुलासा
  4. Gmail के ये 4 एडवांस फीचर आपको बना देंगे सुपर स्मार्ट!
  5. IND vs PAK T20 Live Streaming: T20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट महामुकाबला, यहां देखें फ्री!
  6. New Aadhaar Card: आधार कार्ड डिजाइन बदलेगा! फोटो, क्यूआर कोड के साथ मिल सकता है बिल्कुल नया रूप
  7. 700 फीट की चट्टान धरती से टकराएगी? नासा ने जारी किया एस्टरॉयड अलर्ट
  8. 10100mAh बैटरी वाला सस्ता टैबलेट Honor Pad X8b लॉन्च, 11 इंच 90Hz डिस्प्ले, जानें कीमत
  9. 10 हजार रुपये से ज्यादा सस्ता मिल रहा Samsung का 50MP तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला फोन!
  10. Poco C81 Pro में मिल सकता है 6.9 इंच LCD डिस्प्ले, NBTC पर हुई लिस्टिंग
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »