• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • गोली की रफ्तार से पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा Asteroid, तबाही मचाने को ‘बेकरार’, जानें पूरा मामला

गोली की रफ्तार से पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा Asteroid, तबाही मचाने को ‘बेकरार’, जानें पूरा मामला

Asteroid alert : यह एस्‍टरॉयड 66 लाख किलोमीटर तक हमारी पृथ्‍वी के नजदीक आएगा।

गोली की रफ्तार से पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा Asteroid, तबाही मचाने को ‘बेकरार’, जानें पूरा मामला

ऐसे एस्‍टरॉयड जो पृथ्‍वी के लगभग 80 लाख किलोमीटर तक अंदर आते हैं, उन्‍हें संभावित रूप से खतरनाक की कैटिगरी में रखा जाता है।

ख़ास बातें
  • एस्‍टरॉयड 2022 VP1 अपोलो ग्रुप से ताल्‍लुक रखता है
  • नासा ने इसे संभावित रूप से खतरनाक की कैटिगरी में रखा है
  • हालांकि इसके पृथ्‍वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने बताया है कि कमर्शल एयरक्राफ्ट के साइज का एक एस्‍टरॉयड (Asteroid) हमारी पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। यह पृथ्‍वी के काफी नजदीक से होकर गुजरेगा, जिस वजह से इसे ‘संभावित रूप से खतरनाक' की क‍ैटिगरी में रखा गया है। एस्‍टरॉयड, अंतरिक्ष में घूमने वाले वो चट्टानें हैं, जो समय-समय पर पृथ्‍वी के नजदीक आती हैं। वैज्ञानिक इन पर नजर बनाए रखते हैं, क्‍योंकि अगर कोई एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी से टकराया, तो बड़ी तबाही मचा सकता है।     

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, जो एस्‍टरॉयड पृथ्‍वी के नजदीक आ रहा है, उसका नाम Asteroid 2022 VP1 है। कमर्शल विमान के आकार के इस एस्‍टरॉयड की चौड़ाई लगभग 170 फीट है। यह एस्‍टरॉयड 25 हजार 455 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से सफर कर रहा है और 66 लाख किलोमीटर तक हमारी पृथ्‍वी के नजदीक आएगा। ऐसे एस्‍टरॉयड जो पृथ्‍वी के लगभग 80 लाख किलोमीटर तक अंदर आते हैं, उन्‍हें संभावित रूप से खतरनाक की कैटिगरी में रखा जाता है। 

एस्‍टरॉयड 2022 VP1 अपोलो ग्रुप से ताल्‍लुक रखता है। इसे सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 881 दिन लगते हैं। इस दौरान सूर्य से इसकी अधिकतम दूरी 397 मिलियन किलोमीटर और न्यूनतम दूरी 141 मिलियन किलोमीटर होती है। एस्‍टरॉयड को लघु ग्रह भी कहा जाता है। जैसे हमारे सौर मंडल के सभी ग्रह सूर्य का चक्‍कर लगाते हैं, उसी तरह एस्‍टरॉयड भी सूर्य की परिक्रमा करते हैं। लगभग 4.6 अरब साल पहले हमारे सौर मंडल के शुरुआती गठन से बचे हुए चट्टानी अवशेष हैं एस्‍टरॉयड। वैज्ञानिक अभी तक 11 लाख 13 हजार 527 एस्‍टरॉयड का पता लगा चुके हैं। 

एस्‍टरॉयड को तीन वर्गों- सी, एस और एम टाइप में बांटा गया है। सी-टाइप (चोंड्राइट chondrite) एस्‍टरॉयड सबसे आम हैं। ये संभवतः मिट्टी और सिलिकेट चट्टानों से बने होते हैं और दिखने में गहरे रंग के होते हैं। ये सौर मंडल की सबसे पुरानी चीजों में एक हैं। एस टाइप के एस्‍टरॉयड सिलिकेट मटीरियल और निकल-लौह से बने होते हैं। वहीं एम टाइप एस्‍टरॉयड मैटलिक (निकल-लौह) हैं। इनकी संरचना सूर्य से दूरी पर निर्भर करती है। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Honor X80i में मिल सकती है 6,800mAh की बैटरी, TENAA पर हुई लिस्टिंग
  2. Poco C85x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  3. कौन सा ऐप खा रहा है फोन की बैटरी? जल्द खुद बताएगा Google
  4. Poco X8 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9500s चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  5. Google Pixel 10a की भारत में शुरू हुई बिक्री, 5,100mAh की बैटरी, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. itel ने भारत में लॉन्च किया Zeno 100 स्मार्टफोन, Rs 7 हजार में 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले
  7. Realme C83 5G भारत में लॉन्च: बजट में 7000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स
  8. Samsung ने बढ़ाए कई स्मार्टफोन के दाम, 3,000 रुपये तक महंगे हुए ये मॉडल्स!
  9. Motorola Edge 70 Fusion भारत में लॉन्च: इसमें हैं 7,000mAh बैटरी और गेमर्स के लिए 120 fps गेमिंग जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  10. Rs 2 हजार सस्ता मिल रहा है Nothing Phone 3a, इसके बैक पैनल की टिमटिमाती लाइटें हैं खास
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »