चांद कैसे बना? उल्का पिंडों में मिली गैसों ने खोले नए राज

खोजकर्ताओं की टीम ने पाया कि मीटिओराइट्स यानि उल्का पिंडों में जिन गैसों के निशान मिले हैं वे गैसें सोलर गैसों से मिलती हैं।

चांद कैसे बना? उल्का पिंडों में मिली गैसों ने खोले नए राज

उल्का पिंडों में जिन गैसों के निशान मिले हैं वे गैसें सोलर गैसों से मिलती हैं

ख़ास बातें
  • रिसर्चर पैट्रीजिया विल ने लूनर उल्का पिंडों के 6 सैम्पल किए स्टडी
  • इनमें बेसाल्ट चट्टान मिली जो कि चांद के मेग्मा से बनी हैं
  • अब तक ये चट्टानें सौर हवाओं से बची रहीं
विज्ञापन
धरती का उपग्रह चांद, चंद्रमा, मून कई नामों से पुकारा जाता है। इसके बनने के पीछे जो सबसे लोकप्रिय थ्योरी है, वह कहती है कि इसका निर्माण धरती तथा दूसरे किसी खगोलिय पिंड के आपस में टकराने के कारण हुआ है। लेकिन, अब एक नई स्टडी में सामने आया है कि चांद का संबंध धरती से और भी ज्यादा गहरा है। ETH Zurich के वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि चांद पर निओन, हीलियम जैसी जो गैसे हैं वे इसने धरती की दूसरी परत मेंटल (Mantle) से खींची हैं। यह खोज अंटार्टिका में पाए गए लूनर मीटिओराइट्स का अध्य्यन करके की गई है। 

खोजकर्ताओं की टीम ने पाया कि मीटिओराइट्स यानि उल्का पिंडों में जिन गैसों के निशान मिले हैं वे गैसें सोलर गैसों से मिलती हैं। इस खोज से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि वह कौन सी प्रक्रिया थी जिससे धरती, चांद और दूसरे खगोलीय पिंडों का निर्माण हुआ। 

Science Advances में यह स्टडी प्रकाशित की गई है। इसमें डॉक्टरल रिसर्चर पैट्रीजिया विल ने लूनर उल्का पिंडों के 6 सैम्पल लिए और उन्हें स्टडी किया। इनमें बेसाल्ट चट्टान मिली जो कि चांद के भीतरी हिस्से से निकले मेग्मा के ठंडे होने से बनी। इस तरह की कई परतें बनती गईं और ये कॉस्मिक किरणों, खासकर सौर हवाओं से बची रहीं। इनके ठंडा होने की प्रक्रिया में लूनर ग्लास पार्टिकल बने और दूसरे पदार्थ भी बने जो मेग्मा में पाए गए। 

ग्लास पार्टिकल्स को बारीकी से जांचने पर टीम को इनके अंदर सौर गैसों के केमिकल फिंगरप्रिंट मिले। इनमें हीलियम निओन जैसी गैसें चांद के भीतरी हिस्से में भी मौजूद हैं। विल ने कहा कि चांद के बिना एक्सपोज हुए बेसाल्ट वाले पदार्थ में सौर गैसों का मिलना काफी उत्साहित करने वाला परिणाम है। शोधकर्ताओं ने कहा कि ये गैसें जीवन निर्वाह के लिए जरूरी नहीं हैं, फिर भी ये जानना काफी रोचक होगा कि चांद के बनने की इतनी कठिन प्रक्रिया में ये गैसें बची कैसे रहीं। इससे वैज्ञानिकों को चांद और दूसरे ग्रहों के बनने की प्रक्रिया के लिए दूसरे मॉडल बनाने में भी मदद मिलेगी। 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Moon Formation, moon formation theory
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon सेल में Samsung, Redmi, OnePlus जैसे फोन 16 हजार तक सस्ते! जानें पूरी लिस्ट
  2. Oppo K15 में मिल सकती है 8000mAh बैटरी, Snapdragon 6 Gen 5 चिप!
  3. दीवारघड़ी के सैल जितना छोटा पावरबैंक! इमरजेंसी में पावर का साथी, जानें कीमत
  4. 100 इंच बड़े टीवी Samsung ने भारत में किए लॉन्च, 4K डिस्प्ले से लैस, जानें कीमत
  5. 6 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी वाला धांसू फोन
  6. Xiaomi 17 Max में 8000mAh बैटरी के साथ होगा 100W फास्ट चार्जिंग फीचर!
  7. अमेजन सेल में Samsung, LG, Haier जैसे ब्रांड्स के AC पर भारी डिस्काउंट
  8. Samsung स्मार्टफोन्स 12 हजार तक हो गए सस्ते! Galaxy M36, Galaxy M17 5G, Galaxy F70e 5G जैसे मॉडल्स पर भारी छूट
  9. Xiaomi ने Mijia Sonic Vibration इलेक्ट्रिक टूथब्रश किया लॉन्च, दांतों की सफाई के लिए स्मार्ट फीचर्स, जानें कीमत
  10. Flipkart Summer Sale: iPhone 17 पर जबरदस्त डील, Galaxy 25 की कीमत हुई 54K से कम
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »