पृथ्‍वी से 400km ऊपर ‘फंस’ गईं अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स! क्‍या है मामला? जानें

Sunita Williams ISS : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने बताया है कि स्‍टारलाइनर स्‍पेसक्राफ्ट की पृथ्‍वी पर वापसी में देरी हो रही है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 20 जून 2024 12:50 IST
ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष यात्री सुनीता विल‍ियम्‍स आईएसएस पर
  • पृथ्‍वी पर लौटने में हो रही देरी
  • बोइंग स्‍पेसक्राफ्ट को आ रही कई तकनीकी समस्‍याएं

बोइंग के स्‍टारलाइनर स्‍पेसक्राफ्ट ने वैसे तो कई उड़ानें भरी हैं, लेकिन वह आईएसएस पर एस्‍ट्रोनॉट्स को लेकर पहली बार पहुंचा है।

Sunita Williams ISS : इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में अंतरिक्ष यात्रियों का एक दल हमेशा तैनात रहता है और वहां रहकर अंतरि‍क्ष प्रयोगों को पूरा करता है। 5 जून को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्‍स (Sunita Williams) अंतरिक्ष में पहुंची थीं। उनके साथ बुच विल्‍मोर भी गए थे। दोनों ने बोइंग स्‍टारलाइनर स्‍पेसक्राफ्ट (Boeing Starliner) में उड़ान भरी थी। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने बताया है कि स्‍टारलाइनर स्‍पेसक्राफ्ट की पृथ्‍वी पर वापसी में देरी हो रही है। क्‍या है इसकी वजह, आइए जानते हैं। 
 

ISS पर पहुंचने के बाद स्‍पेसक्राफ्ट में आए लीक 

5 जून को स्टारलाइनर ने आईएसएस के लिए उड़ान भरी और अगले दिन वहां पहुंच गया। जब भी कोई स्‍पेसक्राफ्ट आईएसएस पर पहुंचता है तो उसके साथ डॉक हो जाता है और फ‍िर तय वक्‍त के बाद एस्‍ट्रोनॉट्स को लेकर धरती पर आ जाता है। हालांकि आईएसएस तक पहुंचने के दौरान स्‍टारलाइनर को 4 बार हीलियम लीक्‍स और थ्रस्‍टरों में दिक्‍कतों का सामना करना पड़ा है। 
   

पहली बार एस्‍ट्रोनॉट्स को लेकर पहुंचा ISS पर 

बोइंग के स्‍टारलाइनर स्‍पेसक्राफ्ट ने वैसे तो कई उड़ानें भरी हैं, लेकिन वह आईएसएस पर एस्‍ट्रोनॉट्स को लेकर पहली बार पहुंचा है। पहले ही मिशन में उसे तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी जांच की जा 
रही है। यही वजह है कि सुनीता विलियम्‍स और उनके साथी की वापसी में देरी हुई है। 
 

कब तक हो पाएगी वापसी? 

नासा ने बताया है कि सुनीता विल‍ियम्‍स और बुच विल्‍मोर की एक स्‍पेसवॉक पहले से तय है, जो 24 जून को होगी। दोनों एस्‍ट्रोनॉट्स 26 जून तक धरती पर लौट पाएंगे। अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी कोई भी रिस्‍क नहीं लेना चाहती। वह तभी स्‍टारलाइनर को धरती पर लौटने की मंजूरी देगी, जब तकनीकी दिक्‍कतें ठीक कर ली जाएंगी। 
 

6 महीनों का मिशन भी उड़ा सकता है स्‍टारलाइनर 

स्‍टारलाइनर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि भविष्‍य में वह 6 महीनों के लिए मिशन को लेकर उड़ सकता है। मौजूदा मिशन अधिकतम 45 दिनों तक डिजाइन हुआ है। यानी 26 जून को भी वापसी नहीं हो पाई तो नासा के पास कुछ दिन और होंगे। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO Neo 10 vs OnePlus Nord 6 vs Vivo V70 FE: 40K में कौन सा रहेगा बेस्ट?
  2. 3000 रुपये सस्ता मिल रहा Realme का 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी वाला जबरदस्त फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tata Motors ने लॉन्च किए Curvv.ev के दो नए वेरिएंट्स, जानें प्राइस, रेंज
  2. Itel Power 80 में हो सकता है Unisoc T7250 चिपसेट, Geekbench पर लिस्टिंग
  3. OnePlus Ace 7 में गेमिंग पर होगा फोकस, बिल्ट-इन फैन के साथ हो सकता है एक्टिव कूलिंग सिस्टम
  4. Samsung Galaxy Z Flip 8 में मिल सकता है 'बिना क्रीज' वाला डिस्प्ले
  5. iQOO 15T में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट
  6. New Aadhaar Update: बिना एड्रेस प्रूफ भी अपडेट होगा आधार! जानें नया आसान तरीका
  7. Bitcoin का प्राइस 80,000 डॉलर से ज्यादा, ETF में फंड बढ़ने से मिला सपोर्ट
  8. Jio यूजर्स के लिए बुरी खबर! बंद हुआ 22GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग वाला बजट प्लान
  9. BenQ MOBIUZ EX271QZ गेमिंग मॉनिटर लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. CMF Watch 3 Pro हो रही 6 मई को लॉन्च, अभी जानें फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.