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286 दिन बाद सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी, स्पेस स्टेशन से 17 घंटे का तय किया सफर!

दोनों अंतरिक्ष यात्री पिछले साल 8 दिनों के स्पेश मिशन पर निकले थे जो कि 9 महीने लंबा खिंच गया।

286 दिन बाद सुनीता विलियम्स की पृथ्वी पर वापसी, स्पेस स्टेशन से 17 घंटे का तय किया सफर!

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं।

ख़ास बातें
  • दोनों ने पिछले साल 5 जून को Boeing Starliner स्पेसशिप से उड़ान भरी थी
  • स्पेस स्टेशन से पृथ्वी की सतह पर लौटने में उन्हें 17 घंटे का लंबा समय लगा
  • आखिरकार दोनों ही अंतरिक्ष यात्री आज सुबह पृथ्वी पर लौट आए हैं
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अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विल्मोर (Butch Wilmore) 9 महीने बाद अपने घर लौट आए हैं। नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर पिछले साल 8 दिनों के स्पेश मिशन पर निकले थे जो कि 9 महीने लंबा खिंच गया। लेकिन आखिरकार दोनों ही अंतरिक्ष यात्री आज सुबह पृथ्वी पर लौट आए हैं। 

सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विल्मोर (Butch Wilmore) ने पिछले साल 5 जून को Boeing Starliner स्पेसशिप से उड़ान भरी थी। अब उनकी वापसी SpaceX के Dragon स्पेसक्राफ्ट के माध्यम से हुई। अंतरिक्ष कैप्सूल ने फ्लोरिडा के तट पर समुद्र में उतरने से पहले अपना पैराशूट खोल दिया। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने नासा के निक हेग और Roscosmos के अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव के साथ घर वापसी की यात्रा की जिसमें उन्होंने 17 घंटे का सफर तय किया। यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से पृथ्वी की सतह पर लौटने में उन्हें 17 घंटे का लंबा समय लग गया। 

नासा के दोनों ही अंतरिक्ष यात्रियों ने भारतीय समयानुसार आज यानी बुधवार 19 मार्च की सुबह 3.30 बजे फ्लोरिडा के तट पर सुरक्षित लैंडिंग की। SpaceX कैप्सूल के अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से निकलने के कुछ ही घंटों बाद मैक्सिको की खाड़ी में पैराशूट से उतारा गया। फ्लोरिडा के तल्हासी तट पर यह स्पलैशडाउन हुआ। NASA की ओर से अंतरिक्ष यात्रियों की लैंडिंग का वीडियो भी जारी किया गया।

जैसा कि पहले बताया गया कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बीते साल 5 जून को बोइंग स्टारलाइनर में सवार होकर ISS के लिए रवाना हुए थे। इनका मिशन केवल 8 दिनों का ही था। मगर इसी दौरान स्पेस स्टेशन में तकनीकी खराबी आने के कारण नासा को स्टारलाइनर को खाली करना पड़ा जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में ही रखना पड़ा। तकनीकी खराबी के कारण इनकी वापसी फरवरी 2025 तक के लिए टाल दी गई थी।

अंतरिक्ष से धरती पर लौटने के बाद सुनीता विलियम्स और उनके मिशन सहयोगियों को स्ट्रेचर पर लेटाया गया। ऐसा करना एक प्रोटोकॉल के तहत अनिवार्य होता है। इसे अंतरिक्ष यात्री को निभाना होता है क्योंकि अंतरिक्ष से लौटने के बाद यात्री तुरंत नहीं चल पाते हैं। इस समय उनके शरीर में कई बदलाव हो रहे होते हैं। इसलिए उन्हें ऐसा करना होता है। 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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