सूर्य के सबसे बड़े ‘रहस्‍य’ का पता लगाया वैज्ञानिकों ने! आप भी जानें

रॉयल ऑब्जर्वेटरी ऑफ बेल्जियम (ROB) और केयू ल्यूवेन के वैज्ञानिकों को पता चला है कि सूर्य का कोरोना (corona) चुंबकीय तरंगों की वजह से गर्म हो सकता है।

सूर्य के सबसे बड़े ‘रहस्‍य’ का पता लगाया वैज्ञानिकों ने! आप भी जानें

Photo Credit: Sun

सूर्य का कोरोना उसकी सतह फोटोस्‍फेयर (photosphere) से लगभग 200 गुना ज्‍यादा गर्म है।

ख़ास बातें
  • सूर्य का कोरोना उसकी सतह से ज्‍यादा गर्म क्‍यों है
  • इस सवाल का जवाब वैज्ञानिकों ने ढूंढ लिया है
  • चुंबकीय तरंगों की वजह से ऐसा हो सकता है
विज्ञापन
हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा तारा यानी ‘सूर्य' (Sun) कई विषयों पर वैज्ञानिकों के लिए पहेली बना हुआ है। साइंटिस्‍ट जानना चाहते हैं कि सूर्य का कोरोना उसकी सतह से ज्‍यादा गर्म क्‍यों है? ऐसा लगता है उन्‍हें इस सवाल का जवाब मिल गया है। रॉयल ऑब्जर्वेटरी ऑफ बेल्जियम (ROB) और केयू ल्यूवेन के वैज्ञानिकों को पता चला है कि सूर्य का कोरोना (corona) चुंबकीय तरंगों की वजह से गर्म हो सकता है। 

स्‍पेसडॉटकॉम के अनुसार सूर्य का कोरोना उसकी सतह फोटोस्‍फेयर (photosphere) से लगभग 200 गुना ज्‍यादा गर्म है। वैज्ञानिक आज तक नहीं जान पाए हैं कि सूर्य का कोरोना उसकी सतह से ज्‍यादा गर्म क्‍यों है। ROB और केयू ल्यूवेन के वैज्ञानिकों ने इसी पहेली को सुलझाने की कोशिश की है। उन्‍हें जो सबूत मिले हैं, उनके आधार पर यह माना गया है कि चुंबकीय तरंगों के कारण सूर्य का कोरोना ज्‍यादा गर्म हो सकता है। 

इस निष्‍कर्ष तक पहुंचने में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सोलर ऑर्बिटर स्‍पेसक्राफ्ट पर लगे एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट इमेजर (EUI) टेलीस्कोप की मदद ली गई। यह टेलीस्‍कोप काफी अच्‍छे रेजॉलूशन में सूर्य के कोरोना की तस्‍वीर कैप्‍चर कर लेता है। तस्‍वीरों से पता चलता है कि हाई-फ्रीक्‍वेंसी वाली तरंगें सूर्य के वातावरण को गर्म करती हैं। इससे जुड़ी स्‍टडी एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में पब्लिश हुई है। 

सूर्य के बारे में कुछ और अहम जानकारियां सोलर ऑर्बिटर स्‍पेसक्राफ्ट के जरिए सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों पहली बार सूर्य की सतह पर सौर तारे टूटते (solar shooting stars) हुए दिखाई दिए। यह पृथ्‍वी से दिखाई देने वाले टूटते तारों से अलग थे। 

रॉयल एस्‍ट्रोनॉमिकल सोसायटी की रिपोर्ट में बताया गया था कि हम जिन टूटते हुए तारों को देखते हैं, वो अंतरिक्ष की धूल, चट्टानें और छोटे एस्‍टरॉयड हो सकते हैं, जो पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करते ही जलने लग जाते हैं। सूर्य में जो उल्‍कापिंडों जैसी धारियां नजर आई हैं, वो प्‍लाज्‍मा के विशाल गुच्‍छे हैं। सूर्य का वायुमंडल जिसे कोरोना कहते हैं, काफी पतला है। ऐसे में प्‍लाज्‍मा के गुच्‍छे सूर्य से अलग नहीं हो पाते और तारे की सतह पर ही बने रहते हैं। 


 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Simple One Gen 2 इलेक्ट्रिक स्कूटर हुआ लॉन्च, 1.40 लाख रुपये का शुरुआती प्राइस
  2. Motorola का पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन कल होगा लॉन्च, दो कलर के हो सकते हैं ऑप्शन
  3. Vivo X200T में मिल सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट, लीक हुआ प्राइस
  4. Realme Buds Air 8 TWS ईयरफोन्स Rs 3,799 में लॉन्च, 58 घंटे की बैटरी के साथ Hi-Res ऑडियो!
  5. CES 2026: JBL Sense Pro और Sense Lite TWS ईयरफोन्स लॉन्च, बिना कान बंद किए सुनाएंगे म्यूजिक!
  6. Samsung Galaxy S26+ के भारत में लॉन्च की तैयारी, BIS पर हुई लिस्टिंग
  7. CES 2026: Samsung Galaxy Book 6 सीरीज लैपटॉप हुए लॉन्च, 30 घंटे बैटरी बैकअप और नए Intel चिप्स
  8. CES 2026: TCL Nxtpaper 70 Pro फोन हुआ लॉन्च, एक बटन दबाने से बदलेगा डिस्प्ले एक्सपीरिएंस! जानें कीमत
  9. 10,080mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Honor Power 2, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Realme Pad 3 टैबलेट 12200mAh बैटरी, 8 मेगापिक्सल कैमरा के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »