NASA के Hubble टेलीस्कोप ने खोजी 39 करोड़ लाइट ईयर्स की दूरी पर मौजूद रहस्यमयी वस्तु

इसे शुरुआत में एक स्पाइरल गैलेक्सी माना गया था क्योंकि इसके चमकीले किनारे से तारों की दो बढ़ती हुई भुजाएं दिख रही थी

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 5 अप्रैल 2023 13:47 IST
ख़ास बातें
  • यह पृथ्वी से लगभग 39 करोड़ लाइट ईयर्स दूर मौजूद है
  • इसे Z 229-15 कहा जा रहा है
  • यूरोपियन स्पेस एजेंसी का कहना है कि यह दिलचस्प खगोलीय वस्तुओं में से है

इसे Z 229-15 कहा जा रहा है और यह तारों के समूह Lyra में है

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के Hubble टेलीस्कोप ने एक खगोलीय वस्तु की इमेज कैप्चर की हैं, जो पृथ्वी से लगभग 39 करोड़ लाइट ईयर्स दूर मौजूद है। इसे Z 229-15 कहा जा रहा है और यह तारों के समूह Lyra में है। यह शुरुआत में स्पाइरल गैलेक्सी के जैसे दिख रही थी क्योंकि इसके चमकीले किनारे से तारों की दो बढ़ती हुई भुजाएं दिख रही थी। 

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) ने एक स्टेटमेंट में कहा कि Z 229-15 दिलचस्प खगोलीय वस्तुओं में से एक है जो कई परिभाषाओं में फिट होती है। ESA ने बताया, "इस पर रिसर्च करने के बाद इसे कई विभिन्न परिभाषाओं के अनुसार पाया जा सकता है। यह एक सक्रिय गैलेक्टिस न्यूक्लियस (AGN), एक क्वासार या सेफर्ट गैलेक्सी हो सकती है।" इसके अलावा यह रहस्यमयी वस्तु इन परिभाषाओं में कुछ समानता होने के कारण इन सभी से जुड़ी हो सकती है। ESA का कहना है कि यह एक गैलेक्सी है जो गुरुत्वाकर्षण के कारण जुड़े तारे होते हैं। यह एक सक्रिय गैलेक्टिस न्यूक्लियस है जो एक गैलेक्सी के तारों से कहीं अधिक चमकीला होता है। 

स्टेटमेंट में कहा गया है, "इसमें अतिरिक्त चमक का कारण गैलेक्सी के किनारे पर एक सुपरमैसिव ब्लैक होल की मौजूदगी है। ब्लैक होल में जाने वाला मैटीरियल वास्तव में इसमें सीधा नहीं गिरता, बल्कि यह एक घूमने वाली डिस्क जैसे होता है, जहां से यह ब्लैक होल की तरफ जाता है। मैटीरियल की बनी यह डिस्क इतनी गर्म हो जाती है कि इससे बड़ी मात्रा में एनर्जी निकलती है जिससे बहुत अधिक चमक होती है।" 

इससे पहले NASA के James Webb Space Telescope ने  WR 124, एक दुर्लभ वोल्फ-मेयेट तारे में विस्फोट या सुपरनोवा होने की हैरान करने वाली इमेज ली है। यह तारा हमारे सूर्य से लगभग 30 गुना बढ़े आकार का है। इस तारे की बाहरी परतें निकलती दिख रही हैं। इससे बड़ी मात्रा में धूल और अन्य मैटीरियल निकला है जो चकाचौंध कर रहा है। किसी तारे में उसके साइकल के दौरान विस्फोट होने को सुपरनोवा कहा जाता है। NASA के अधिकारियों ने बताया था, "बड़े तारों में से कुछ ही सुपरनोवा होने से पहले ऐसे फेज में पहुंचते हैं। यह एस्ट्रोनॉमर्स के लिए अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने में काफी महत्वपूर्ण है।" बहुत बड़े आकार वाला यह तारा 15,000 लाइट ईयर्स दूर मौजूद है। 

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  2. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Moto G Max vs OnePlus N6 vs Poco M8 5G: जानें ₹30K कौन सा है बेहतर?
  2. भारत से इलेक्ट्रिक कारों के एक्सपोर्ट के लिए यूरोप बना सबसे बड़ा मार्केट
  3. Deloitte के पूर्व मैनेजर ने कंपनी से चुराए 55 लाख रु. के लैपटॉप, बेचकर करने लगा ट्रेडिंग!
  4. BSNL लाई स्वतंत्रता दिवस पर गजब प्लान, 1 रुपये में नई सिम, अनलिमिटिड कॉलिंग, इंटरनेट भी!
  5. Realme P4s भारत में जल्द लॉन्च होगा 8000mAh बैटरी, 80W चार्जिंग के साथ!
  6. सिंगल चार्ज में 45 घंटे चलने वाले ईयरबड्स 1MORE ने किए लॉन्च, AI ट्रांसलेशन, AI ट्रांस्क्रिप्शन जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  7. ₹11 हजार सस्ता मिल रहा iPhone 17, यहां खरीदने का बढ़िया मौका!
  8. iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Neo 10 फोन ₹10 हजार तक हो गए महंगे!
  9. 7000mAh बैटरी वाला Oppo फोन मिल रहा Rs 1300 सस्ता, Flipkart पर धांसू डील
  10. Apple पर अमेरिकी सरकार का चाइनीज मेमोरी चिप्स से दूरी बनाने का प्रेशर
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.