• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • बर्फ पर ‘एलियंस’ की तलाश! Nasa के Europa Clipper मिशन का लॉन्‍च आज, जानें इसके बारे में

बर्फ पर ‘एलियंस’ की तलाश! Nasa के Europa Clipper मिशन का लॉन्‍च आज, जानें इसके बारे में

Nasa Europa Clipper Mission : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) आज एक अहम मिशन को लॉन्‍च करने जा रही है।

बर्फ पर ‘एलियंस’ की तलाश! Nasa के Europa Clipper मिशन का लॉन्‍च आज, जानें इसके बारे में

इस पूरे मिशन की लागत 5 अरब डॉलर बताई जाती है।

ख़ास बातें
  • नासा आज लॉन्‍च करेगी यूरोपा क्लिपर मिशन
  • बृहस्‍पति ग्रह के एक चंद्रमा यूरोपा पर जाएगा स्‍पेसक्राफ्ट
  • बर्फीली सतह के नीचे जीवन का लगाएगा पता
विज्ञापन
Nasa Europa Clipper Mission : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) आज एक अहम मिशन को लॉन्‍च करने जा रही है। यूरोपा क्लिपर स्‍पेसक्राफ्ट ( Europa Clipper spacecraft) को बृहस्‍पति ग्रह के एक चंद्रमा यूरोपा (Europa) के लिए रवाना किया जाएगा। यूरोपा को बृहस्‍पति का बर्फीला चांद भी कहते हैं। वैज्ञानिकों को लगता है कि यूरोपा पर मौजूद बर्फीले महासागर के नीचे जीवन के सबूत मौजूद हो सकते हैं। फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्‍पेस सेंटर के लॉन्‍च कॉम्‍प्‍लेक्‍स 39A से इसे उड़ाया जाएगा। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, स्‍पेसएक्‍स का फाल्‍कन हैवी रॉकेट, यूरोपा क्लिपर स्‍पेसक्राफ्ट को स्‍पेस में ले जाएगा। यूरोपा तक पहुंचने के लिए स्‍पेसक्राफ्ट को 2.9 अरब किलोमीटर का सफर तय करना होगा। इस पूरे मिशन की लागत 5 अरब डॉलर बताई जाती है, जिसका मकसद यूरोपा की बर्फीली सतह के नीचे जीवन के लिए मौजूद हालात की जांच करना है।   

पृथ्‍वी के बाहर यूरोपा ऐसा अकेला खगोलीय पिंड है, जिसे लेकर सभी वैज्ञानिक यह मानते हैं कि यूरोपा में एक विशाल महासागर है, जिसमें पृथ्वी पर मौजूद महासागरों से भी ज्‍यादा पानी है। अगर यूरोपा स्‍पेसक्राफ्ट ऐसा कुछ खोज पाता है, तो वैज्ञानिकों के लिए यह बड़ी कामयाबी होगी। 



यूरोपा स्‍पेसक्राफ्ट में नासा के कई हाईटेक इंस्‍ट्रूमेंट्स लगाए हैं, जिनमें हाई-रेजॉलूशन कैमरा, बर्फ में काम करने वाले रडार, मैग्‍नोमीटर आदि शामिल हैं। 
 

6 साल बाद पहुंचेगा स्‍पेसक्राफ्ट 

साल 2024 में लॉन्‍च हो रहा यूरोपा स्‍पेसक्राफ्ट, बृहस्‍पति ग्रह तक साल 2030 तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्‍पेसक्राफ्ट करीब 49 बार यूरोपा के नजदीक से उड़ान भरेगा। यह बहुत कम ऊंचाई से यूरोपा को स्‍कैन करेगा ताकि बृहस्‍पति ग्रह के चंद्रमा के बारे में डिटेल जानकारी हासिल की जा सके। 

यूराेपा मिशन की कामयाबी का पता अगले दशक में चलेगा। अगर स्‍पेसक्राफ्ट वहां जीवन की संभावनाओं को तलाश पाता है, तो यह एलियंस (Aliens) को लेकर हमारी समझ को भी आकार देगा। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. बिटकॉइन के रिजर्व को घटा रहा भूटान, क्रिप्टो माइनिंग में भी हुई कमी!
  2. Nubia Neo 5 Pro गेमिंग फोन 50MP डुअल कैमरा, 6210mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  3. Redmi A7 Pro 5G का लॉन्च कल, 6300mAh बैटरी, डुअल AI कैमरा, जानें सबकुछ
  4. Samsung, Apple की होगी टक्कर! 3 नए फोल्डेबल सैमसंग करेगी लॉन्च, iPhone Fold से मुकाबला
  5. जब चांद को कैमरे में किया कैद! NASA के Artemis II मिशन में Nikon कैमरा के साथ Apple का यह फोन भी था ...
  6. न LPG चाहिए, न PNG! बिजली से चलने वाला गैस जैसा चूल्हा हो रहा वायरल
  7. Xiaomi ने नया Mijia Wireless Floor Scrubber 5 Pro किया लॉन्च, गंदगी और बैक्टीरिया का सफाया! जानें कीमत
  8. 10 हजार से सस्ता खरीदें Realme का 6000mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा वाला फोन
  9. Tesla की कॉम्पैक्ट SUV लाने की तैयारी, कम हो सकता है प्राइस
  10. स्मार्टफोन्स के इंटरनेशनल मार्केट में Apple का पहला स्थान, iPhone 17 सीरीज की मजबूत डिमांड
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »