• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • NASA ने ढूंढा ‘किरणें’ फेंकने वाला Black Hole, बदल सकता है अपना टार्गेट, जानें इसके बारे में

NASA ने ढूंढा ‘किरणें’ फेंकने वाला Black Hole, बदल सकता है अपना टार्गेट, जानें इसके बारे में

NASA : किरणें फेंकने और टार्गेट बदलकर किसी अन्य खगोलीय लक्ष्य पर निशाना लगाने की इसकी क्षमता ने ब्‍लैक होल की तुलना स्टार वार्स में ग्रहों की हत्या करने वाले डेथ स्टार से की है।

NASA ने ढूंढा ‘किरणें’ फेंकने वाला Black Hole, बदल सकता है अपना टार्गेट, जानें इसके बारे में

Photo Credit: chandra

ख़ास बातें
  • नासा ने एक ब्‍लैक होल खोजा है, जो बीम्‍स फेंक रहा है
  • इसकी तुलना ग्रहों की हत्‍या करने वाले डेथ स्‍टार से की जा रही है
  • 10 अरब साल से पुराने हैं ये ब्‍लैक होल
विज्ञापन
Black Hole : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने विशालकाय ब्लैक होल (Black Hole) की खोज की है, जो ‘स्‍पेस में पार्टिकल्‍स की पावरफुल बीम्‍स फेंक रहा है'। किरणें फेंकने और टार्गेट बदलकर किसी अन्य खगोलीय लक्ष्य पर निशाना लगाने की इसकी क्षमता ने ब्‍लैक होल की तुलना स्टार वार्स में ग्रहों की हत्या करने वाले डेथ स्टार से की है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 22 मई को खगोलविदों ने यह खोज की, जो दर्शाती है कि ब्लैक होल अपने आसपास की आकाशगंगा और उससे आगे भी कितना असर डाल सकते हैं। 

एक बयान में नासा ने कहा है कि चंद्रा एक्स-रे ऑब्‍जर्वेट्री और US नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) के वेरी लॉन्ग बेसलाइन एरे (वीएलबीए) ने ‘गर्म गैस से घिरी आकाशगंगाओं में 16 विशालकाय ब्लैक होल' का पता लगाया।

नासा ने कहा कि वीएलबीए के रेडियो डेटा का इस्‍तेमाल करते हुए वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल से कुछ प्रकाश वर्ष दूर निकलने वाले पार्टिकल्‍स की दिशाओं का अध्ययन किया। इससे वैज्ञानिकों को यह पता चलता है कि हरेक ब्लैक होल अपा‍ेजिट यानी विपरीत दिशाओं में दो किरणें छोड़ता है।

इस स्‍टडी को लीड किया इटली की बोलोग्ना यूनिवर्सिटी के फ्रांसेस्को उबेरटोसी ने। उन्होंने पाया कि लगभग एक तिहाई किरणें पहले की तुलना में अलग दिशाओं में इशारा कर रही थीं। उबेरटोसी ने कहा कि ब्लैक होल ‘घूम रहे हैं और नए टार्गेट्स की ओर इशारा कर रहे हैं'। डेटा से यह पता चलता है कि कई मामलों में जेट्स का डायरेक्‍शन 90 डिग्री में चेंज होता है। स्‍डटी में पता चला है कि ये ब्‍लैक होल बमुश्किल 10 अरब साल से ज्‍यादा पुराने हैं। 

इस खोज के बाद वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ब्लैक होल से आने वाली किरणें यह तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं कि उनकी आकाशगंगाओं में कितने तारे बनते हैं।

What is Black Hole : ब्‍लैक होल हमारे ब्रह्मांड में ऐसी जगहें हैं, जहां फ‍ि‍ज‍िक्‍स का कोई नियम काम नहीं करता। वहां सिर्फ गुरुत्वाकर्षण है और घना अंधेरा। ब्‍लैक होल्‍स का गुरुत्वाकर्षण इतना पावरफुल होता है, कि उसके असर से रोशनी भी नहीं बचती। जो भी चीज ब्‍लैक होल के अंदर जाती है, वह बाहर नहीं आ सकती। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. गेमिंग फर्मों ने एंट्री फीस पर 28 प्रतिशत GST के खिलााफ सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
  2. 9,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi Note 17 Pro, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. 8,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi Note 17, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Realme C100x जल्द होगा भारत में लॉन्च, 8,000mAh की बैटरी
  5. iQOO 16 में मिल सकती है 8,500mAh की बैटरी, स्टीरियो स्पीकर्स
  6. Spam कॉल्स और मैसेज पर कसने वाली है लगाम! TRAI का Meta और Google के साथ बड़ा प्लान
  7. Nothing Phone (4b) की भारत में शुरू हुई बिक्री, जानें प्राइस, ऑफर्स
  8. StepX Neo लॉन्च! AI Agent वाला फोन जो खुद बुक करेगा फ्लाइट, करेगा ट्रांसलेशन और कई काम
  9. Redmi 17C 5G में हो सकती है 6,000mAh की बैटरी, Geekbench पर लिस्टिंग
  10. यूरोप और अमेरिकी मार्केट छोड़ रहा है OnePlus? इस हफ्ते हो सकता है बड़ा ऐलान
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »