• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • NASA बना रही भविष्य के विमान! प्रोजेक्ट स्टडी के लिए 5 कंपनियों को दिए 97 करोड़ रुपये

NASA बना रही भविष्य के विमान! प्रोजेक्ट स्टडी के लिए 5 कंपनियों को दिए 97 करोड़ रुपये

नासा इस प्रोजेक्ट को 2050 तक हकीकत बनाना चाहती है।

NASA बना रही भविष्य के विमान! प्रोजेक्ट स्टडी के लिए 5 कंपनियों को दिए 97 करोड़ रुपये

Photo Credit: NASA/JetZero

एविएशन स्टार्टअप JetZero द्वारा बनाया गया कॉन्सेप्ट डिजाइन

ख़ास बातें
  • NASA अब भविष्य के एयरक्राफ्ट बनाने की तैयारी कर रही है।
  • स्पेस एजेंसी ने 5 कंपनियों को डिजाइन स्टडी का जिम्मा दिया।
  • नासा इस प्रोजेक्ट को 2050 तक हकीकत बनाना चाहती है।
विज्ञापन
NASA अब भविष्य के एयरक्राफ्ट बनाने की तैयारी कर रही है। ये एयरक्राफ्ट नई पीढ़ी के कमर्शियल प्लेन होंगे जो कि परंपरागत एरोप्लेन्स के मुकाबले ज्यादा सक्षम और टिकाऊ होंगे। साथ ही ये वातावरण में हो रहे उत्सर्जन को भी कम करने में योगादान देंगे। स्पेस एजेंसी ने 5 कंपनियों को इसका जिम्मा सौंपा है। नासा की यह नई पहल है जिसे स्पेस एजेंसी ने एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कॉन्सेप्ट्स फॉर एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी (AACES) नाम दिया है। नासा इस प्रोजेक्ट को 2050 तक हकीकत बनाना चाहती है। आइए जानते हैं इसके बारे में सभी खास बातें। 

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने कमर्शियल एविएशन की रूपरेखा को बदलने के लिए भविष्य के एरोप्लेन बनाने की योजना बनाई है। कंपनी ने इसके लिए पांच कंपनियों को काम पर लगाया है और इन्हें 1.15 करोड़ डॉलर (97 करोड़ रुपये) की फंडिंग की है। कंपनियों की लिस्ट में Boeing की Aurora Flight Sciences, Electra, Georgia Institute of Technology, एविएशन स्टार्टअप JetZero, और Pratt & Whitney जैसे नाम शामिल हैं। नासा ने एक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी है।

चार कंपनी और एक यूनिवर्सिटी मिलकर इन एयरप्लेन्स का डिजाइन और खाका तैयार करेंगीं। NASA की अधिकारिक वेबसाइट पर इनके कॉन्सेप्ट डिजाइन भी पेश कर दिए गए हैं। एविएशन स्टार्टअप JetZero के हेड Romar Frazier के मुताबिक, 'नासा हमेशा से ही नई टेक्नोलॉजी में निवेश को जारी रखती आई है और यह इसकी इनोवेशन फिलोसॉफि का मुख्य हिस्सा है। स्टार्टअप ने आगे कहा कि वे इन कॉन्सेप्ट्स पर काम करने के लिए बहुत उत्साहित हैं। कमर्शियल तौर पर जब ये एयरक्राफ्ट शुरू होंगे तो उत्सर्जन को घटाने में मदद करेंगे।' 

NASA के Advanced Air Vehicles Program के निदेशक नटेरी मदवन ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे आशाजनक समाधानों की पहचान करना है एविएशन की कायापलट करेंगे और ज्यादा टिकाऊ लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद करेंगे। कैलिफॉर्निया के लॉन्ग बीच बेस्ड एविएशन स्टार्टअप JetZero को इसके ब्लेंडेड विंग बॉडी एयरक्राफ्ट डिजाइन के लिए जाना जाता है। नासा के द्वारा स्टार्टअप को 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फंडिंग मिली है। जिसके माध्यम से यह भविष्य के एयरप्लेन्स में क्रायोजेनिक लिक्विड हाइड्रोजन को फ्यूल सोर्स के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर काम करेगा। इसी तरह पांचों कंपनियां अलग-अलग तरह से इसमें योगदान देंगी।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, aircraft of tomorrow, nasa new project, nasa news
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO का तहलका! लॉन्च करेगी 15,000mAh बैटरी वाला फोन! मिल सकते हैं 200MP दो कैमरा!
  2. Vivo भारत में ला रही सस्ता फोन, 50MP दो कैमरा, 7200mAh होगी बैटरी!
  3. Airtel ने शुरू किया FREE सैटेलाइट इंटरनेट! SpaceX से डील, बिना मोबाइल नेटवर्क भी चलेंगे WhatsApp जैसे ऐप
  4. IND vs SL Test Match LIVE: भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच आज, यहां देखें फ्री!
  5. iQOO Buds भारत में 20 अगस्त को होंगे लॉन्च, डिजाइन आया सामने
  6. ₹4500 सस्ता मिल रहा Oppo का 50MP 3 कैमरा वाला फोन! Flipkart पर जबरदस्त ऑफर
  7. Independence Day 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का संबोधन, ऐसे देखें फ्री!
  8. Apple का फोल्डेबल आईफोन शुरुआत में सिर्फ एक मार्केट में हो सकता है लॉन्च
  9. इंटरनेशनल EV एफिशिएंसी रेटिंग्स में Tata Motors को मिला पहला रैंक, Tesla को दी मात
  10. iQOO 16 में मिल सकता है 2K डिस्प्ले, नए डिजाइन वाला कैमरा मॉड्यूल
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »