आज फिर धरती के करीब आ रहे बस जितने बड़े 2 एस्टरॉयड! जानें कितना है खतरा!

एस्टरॉयड्स को कई बार रात में टूटे हुए तारों के रूप में देखा जाता है

आज फिर धरती के करीब आ रहे बस जितने बड़े 2 एस्टरॉयड! जानें कितना है खतरा!

एस्टरॉयड्स को कई बार रात में टूटे हुए तारों के रूप में देखा जाता है

ख़ास बातें
  • धरती के करीब आ रहे बस जितने बड़े 2 एस्टरॉयड!
  • NASA ने बड़े एस्ट्रॉयड के धरती के करीब से गुजरने की सूचना जारी की है।
  • एस्टरॉयड के धरती के करीब आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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उल्का पिंड, या अंग्रेजी में एस्टरॉयड लगातार अंतरिक्ष में परिक्रमा करते रहते हैं। ग्रहों की तुलना में ये आकार में बहुत छोटे होते हैं। खगोल वैज्ञानिकों को कहना है कि यह ग्रहों के बनने के समय रह गए पत्थरों के टुकड़े हैं जो लगातार सूरज या फिर किसी अन्य ग्रह का चक्कर लगाते रहते हैं। लेकिन कई बार ये ग्रहों की ओर बढ़ने लगते हैं और उनसे टकरा भी सकते हैं। अब स्पेस एजेंसी नासा ने 2 एस्टरॉयड के धरती की ओर आने का अलर्ट जारी किया है। ये दोनों एस्टरॉयड आज यानि 21 अप्रैल को ही धरती के पास से होकर गुजरेंगे। ये दोनों ही एस्टरॉयड किसी बस जितने बड़े हैं। आईए आपको बताते हैं कि आज धरती के पास से होकर गुजरने वाले ये एस्टरॉयड कितने खतरनाक हो सकते हैं। 

NASA अक्सर एस्टरॉयड के बारे में अलर्ट जारी करती रहती है। इस साल एस्टरॉयड के धरती के करीब आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्पेस एजेंसी ने फिर से 2 बड़े एस्टरॉयड के धरती के करीब आने का अलर्ट जारी किया है। नासा की जेट प्रॉपल्शन लेबोरेटरी (Jet Propulsion Laboratory (JPL) के मुताबिक, इनमें से एक एस्टरॉयड 2023 HS1 नाम का है। इसका साइज 27 फीट है जो कि किसी बस जितना बड़ा है। यह आज धरती के करीब से गुजरने वाला है। जब यह पृथ्वी के सबसे पास होगा तो इसकी दूरी लगभग 2,770,000 किलोमीटर होगी। 

वहीं, दूसरा एस्टरॉयड 2023 HX1 बताया गया है जो 2023 HS1 से बड़ा है। इसका साइज 36 फीट है जो कि बड़ी बस के जितना बताया गया है। यह भी आज पृथ्वी की ओर बढ़ता हुआ इसके नजदीक से गुजरेगा। इसकी दूसरी धरती से 3,040,000 किलोमीटर बताई गई है। यह 38126 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा बताया गया है। एस्टरॉयड्स के बारे में कहा जाता है कि इनकी धरती से टकराने की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन कई बार छोटे एस्टरॉयड अक्सर पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं। 

एस्टरॉयड्स को कई बार रात में जलते हुए गोलों के रूप में देखा जाता है, क्योंकि वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद इनमें जबरदस्त घर्षण होता है और आग लग जाती है। इन्हें साधारण भाषा में टूटा हुआ तारा भी कह देते हैं, लेकिन ये उल्का पिंडों के टुकड़े होते हैं जो धरती के गुरुत्वाकर्षण के कारण इसकी ओर खिंचे चले आते हैं। ऐेसे में अगर कोई बड़ा एस्टरॉयड धरती की ओर आकर्षित हो जाता है तो यह बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। अप्रैल में एस्टरॉयड्स की कई घटनाएं होने वाली हैं और इन्हें रात में देखा भी जा सकेगा जो कि किसी टूटे हुए तारे के रूप में दिखाई दे सकते हैं। 
 
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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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