जापान ने बनाया गाय के गोबर से चलने वाला रॉकेट, शेयर किया वीडियो

स्टैटिक फायर टेस्ट की चल रही सीरीज 130kN-श्रेणी परिचालन मॉडल के विकास और निर्माण में प्रगति को बढ़ाने के लिए तैयार है।

जापान ने बनाया गाय के गोबर से चलने वाला रॉकेट, शेयर किया वीडियो
ख़ास बातें
  • पारंपरिक रॉकेट ईंधन के विपरीत गोबर ईंधन अधिक स्वच्छ रूप से जलता है
  • इससे अंतरिक्ष यात्रा के पर्यावरणीय प्रभाव में कमी आएगी
  • गाय का गोबर प्रचुर मात्रा में और आसानी से उपलब्ध होता है
विज्ञापन
अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए जापान से एक हैरान करने वाली खबर आई, जब इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज नाम के एक जापानी स्टार्टअप ने अंतरिक्ष यात्रा के भविष्य को एक नया मोड़ देने की घोषणा की। इंटरस्टेलर ने होक्काइडो स्पेसपोर्ट में 10 शानदार सेकंड के लिए एक रॉकेट इंजन को सफलतापूर्वक चालू किया, जिसमें गाय के गोबर (जैविक उवर्रक) से प्राप्त मीथेन गैस का उपयोग किया गया था। इस टेस्ट के वीडियो ने रिलीज के साथ ही दुनियाभर में लोगों का ध्यान खींचने का काम किया और देखते ही देखते भारत में भी यह खबर फैल गई कि गाय के गोबर से रॉकेट उड़ाया जा सकता है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

यह दिलचस्प और सफल परीक्षण केवल एक मजेदार विज्ञान प्रयोग नहीं है, यह स्थायी अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में एक बहुत बड़ी छलांग साबित हो सकती है। कंपनी द्वारा बनाया रॉकेट अपने ईंधन के रूप में गाय के गोबर से प्राप्त मीथेन गैस का उपयोग करता है, जो इसे प्रचुर और टिकाऊ संसाधन द्वारा संचालित दुनिया का पहला कक्षीय रॉकेट बनाता है। स्टैटिक फायर टेस्ट ने 10 सेकंड के लिए इंजन को सफलतापूर्वक इगनाइट किया, जिससे एक शक्तिशाली नीली लौ पैदा हुई। यह उपलब्धि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के गोबर-ईंधन वाले रॉकेट इंजन के विकास के बाद हुई है, लेकिन इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज ऐसा करने वाली पहली निजी कंपनी है।
 

पारंपरिक रॉकेट ईंधन के विपरीत, जो बहुत बड़ी मात्रा में ग्रीनहाउस गैसों को बाहर निकालता है, गोबर ईंधन अधिक स्वच्छ रूप से जलता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रा के पर्यावरणीय प्रभाव में कमी आएगी। यह रॉकेट को खाद का रूप देने जैसा है।

गाय का गोबर प्रचुर मात्रा में और आसानी से उपलब्ध है, जो इसे पारंपरिक विकल्पों की तुलना में सस्ता और अधिक सुलभ ईंधन स्रोत बनाता है। यह तकनीक एक बेकार उत्पाद को एक मूल्यवान संसाधन में बदल देती है।

इंटरस्टेलर गाय के गोबर से चलने वाले रॉकेट में रुचि लेने वाला पहला नहीं है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी भी इस वैकल्पिक ईंधन की खोज कर रही है। लेकिन वे इंजन को सफलतापूर्वक चालू करने वाली पहली निजी कंपनी हैं, जिसने उन्हें इस क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है।

कंपनी की रिलीज के अनुसार, स्टैटिक फायर टेस्ट की चल रही सीरीज 130kN-श्रेणी परिचालन मॉडल के विकास और निर्माण में प्रगति को बढ़ाने के लिए तैयार है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

नितेश पपनोई Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech products like smartphones, headphones, and smartwatches. At Gadgets 360, he is covering all ...और भी

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Moto g37 5G खरीदें ₹11 हजार तक सस्ता, 5200mAh बैटरी! Amazon सेल में धांसू डिस्काउंट
  2. Honor Magic 9 सीरीज के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 चिपसेट
  3. Vivo T6 Lite 5G लॉन्च हो सकता है 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ! फीचर्स लीक
  4. Pebble भारत में लाई 10 दिन बैटरी वाला फिटनेस बैंड, कीमत ₹5,799, जानें फीचर्स
  5. Vivo X500 Ultra में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा
  6. iPhone 16 Amazon Sale में खरीदें ₹18 हजार तक सस्ता! टॉप मोबाइल डील
  7. Xiaomi 18 Pro और Xiaomi 18 Pro Max जल्द होंगे इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च
  8. Oppo Pad Air 6 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 3C सर्टिफिकेशन प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग
  9. देसी कंपनी Karbonn ने भारत में Rebel, Rebel Pro स्मार्टफोन किए लॉन्च, सस्ते दामों में 7000mAh बैटरी, 64MP कैमरा जैसे फीचर्स
  10. ₹3500 सस्ता मिल रहा OnePlus N6x, Amazon दिवाली सेल में ऐसे होगी बचत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »