• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य की इतनी डिटेल इमेज देखी है पहले? ESA के सोलर ऑर्बिटर ने ऐसे किया क्लिक

सूर्य की इतनी डिटेल इमेज देखी है पहले? ESA के सोलर ऑर्बिटर ने ऐसे किया क्लिक

सोलर ऑर्बिटर ने अपने एक्‍ट्रीम अल्ट्रावाइलेट इमेजर (EUI) का इस्‍तेमाल करते हुए लगभग 10 मिनट के एक्सपोजर में 25 इमेज खीचीं।

सूर्य की इतनी डिटेल इमेज देखी है पहले? ESA के सोलर ऑर्बिटर ने ऐसे किया क्लिक

इमेज में 83 मिलियन पिक्सल से भी ज्‍यादा हैं। इसका रेजॉलूशन 4K टीवी स्क्रीन से 10 गुना बेहतर है।

ख़ास बातें
  • सूर्य से सिर्फ 75 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर था ऑर्बिटर
  • यह पृथ्वी से सूर्य की दूरी का आधा है
  • 25 तस्‍वीरों को एक मोजेक में जोड़कर बनी यह तस्‍वीर
विज्ञापन
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के सोलर ऑर्बिटर ने सूर्य की नजदीकी उड़ान के दौरान उसकी हाई-रेजॉलूशन इमेज खींची है। सोलर ऑर्बिटर ने सूर्य की फुल डिस्‍क इमेज के साथ उसके वातावरण और कोरोना को भी कैद किया है। 7 मार्च को यह ऑर्बिटर सूर्य से सिर्फ 75 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर था। यह पृथ्वी से सूर्य की दूरी का आधा है। सोलर ऑर्बिटर ने अपने एक्‍ट्रीम अल्ट्रावाइलेट इमेजर (EUI) का इस्‍तेमाल करते हुए लगभग 10 मिनट के एक्सपोजर में 25 इमेज खीचीं। वैज्ञानिकों ने फुल इमेज बनाने के लिए सभी तस्‍वीरों को एक मोजेक में जोड़ दिया, जिसके बाद यह फोटोग्राफ सामने आई है। 

फाइनल इमेज में 83 मिलियन पिक्सल से भी ज्‍यादा हैं। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि इसका रेजॉलूशन 4K टीवी स्क्रीन से 10 गुना बेहतर है।

EUI के अलावा सौर ऑर्बिटर पर कई इमेजिंग उपकरण हैं। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक, इनमें से एक है स्पेक्ट्रल इमेजिंग ऑफ द कोरोनल एनवायरनमेंट (SPICE)। इसने भी एक इमेज को कैप्चर किया, जिसने 50 साल में अपनी तरह की सूर्य की पहली तस्‍वीर दिखाई है। यह अब तक की सबसे बेस्‍ट है। 

वहीं बात करें EUI की, तो सूर्य की फोटोग्राफ लेने के लिए उसने 17 नैनोमीटर की तरंग दैर्ध्य का उपयोग किया। इससे सूर्य के ऊपरी वायुमंडल और कोरोना भी दिखाई देते हैं, जिनका तापमान लगभग दस लाख डिग्री सेल्सियस है।

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इन तस्‍वीरों से उन्हें सौर विस्फोट समेत विभिन्न सौर घटनाओं को समझने में मदद मिलेगी। याद रहे कि जब पृथ्वी की दिशा में सौर विस्फोट होते हैं, तो सोलर पार्टिकल्‍स पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराते हैं। इससे कई बार भू-चुंबकीय तूफान भी आते हैं, जिस वजह से पृथ्‍वी पर पावर ग्रिड और कम्‍युन‍िकेशन टावरों के संचालन में असर पड़ता है।

सोलर ऑर्बिटर प्रोजेक्‍ट को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और नासा मिलकर चला रहे हैं। सौर ऑर्बिटर और नासा का पार्कर प्रोब जैसे स्‍पेसक्राफ्ट वैज्ञानिकों को सूर्य को इस तरह से देखने में मदद करते हैं। पृथ्वी से यह संभव नहीं है। सोलर ऑर्बिटर को फरवरी 2020 में लॉन्च किया गया था, वहीं पार्कर प्रोब को 2018 में लॉन्च किया गया था। दोनों ही स्‍पेसक्राफ्ट वैज्ञानिकों के लिए महत्‍वपूर्ण साबित हो रहे हैं। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Redmi Note 15 Pro+ 5G vs Samsung Galaxy A55 vs Poco F7 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  2. Vivo X200T Sale Live: 512GB तक स्टोरेज, 6200mAh बैटरी वाले फोन पर लिमिटेड टाइम के लिए Rs 5,000 ऑफ!
  3. WhatsApp पर कैसे बनाएं अपनी पसंद का अवतार, ये है आसान तरीका
  4. Aadhaar कार्ड को कैसें लॉक, फ्रॉड का नहीं रहेगा खतरा, कोई नहीं कर पाएगा इस्तेमाल
  5. Apple से लेकर Samsung, Vivo और iQOO लॉन्च करेंगी फरवरी में अपने नए स्मार्टफोन, देखें
  6. Grok Imagine 1.0: Elon Musk ले आएं अपने AI वीडियो जनरेशन टूल का सुपर एडवांस वर्जन, फ्री में करें यूज!
  7. पुराने SIM कार्ड से निकाला 26 लाख का सोना, पूरे प्रोसेस का वीडियो हुआ वायरल
  8. Google का Nano Banana Pro फ्री में कैसे करें इस्तेमाल, ये है स्टेप बाय स्टेप तरीका
  9. 50MP कैमरा, 5000mAh बैटरी वाले Nothing फोन पर 2026 में आया जबरदस्त डिस्काउंट, देखें डील
  10. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में TVS Motor का दबदबा बरकरार, Ola Electric की सेल्स घटी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »