GSLV-Mk III रॉकेट अंतरिक्ष के लिए रवाना, साथ में है GSAT-19 संचार उपग्रह

भारत ने सोमवार को अपने सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए छोड़ा। जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है, जिसे वह कक्षा में स्थापित करेगा।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 5 जून 2017 19:33 IST
ख़ास बातें
  • जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है
  • 43.43 मीटर लंबा और 640 टन वजनी है यह रॉकेट
  • जीसैट-19 एक मल्टी-बीम उपग्रह है, का एवं कू बैंड संचार ट्रांसपोंडर लगे हैं
भारत ने सोमवार को अपने सबसे वजनी जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट को श्रीहरिकोटा से अंतरिक्ष के लिए छोड़ा। जीएसएलवी मार्क-3 अपने साथ 3,136 किलोग्राम वजनी संचार उपग्रह लेकर गया है, जिसे वह कक्षा में स्थापित करेगा। जीएसएलवी श्रृंखला के इस सबसे वजनी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 ने सोमवार को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से अपराह्न 5.28 बजे पहली बार उड़ान भरी।

43.43 मीटर लंबा और 640 टन वजनी यह रॉकेट 16 मिनट में अपनी यात्रा पूरी कर लेगा और पृथ्वी की सतह से 179 किलोमीटर की ऊंचाई पर जीसैट-19 को उसकी कक्षा में स्थापित कर देगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, जीसैट-19 एक मल्टी-बीम उपग्रह है, जिसमें का एवं कू बैंड संचार ट्रांसपोंडर लगे हैं। इसके अलावा इसमें भूस्थैतिक विकिरण स्पेक्ट्रोमीटर (जीआरएएसपी) लगा है, जो आवेशित कणों की प्रकृति का अध्ययन एवं निगरानी करेगी और अंतरिक्ष विकिरण के उपग्रहों और उसमें लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन भी करेगा।

इस उपग्रह की कार्य अवधि 10 वर्ष है। इसमें अत्याधुनिक अंतरिक्षयान प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया गया है और यह स्वदेश निर्मित लीथियम ऑयन बैटरी से संचालित होगा।

वहीं जीएसएलवी मार्क-3 त्रिस्तरीय इंजन वाला रॉकेट है। पहले स्तर का इंजन ठोस ईंधन पर काम करता है, जबकि इसमें लगे दो मोटर तरल ईंधन से चलते हैं। रॉकेट का दूसरे स्तर का इंजन तरल ईंधन से संचालित होता है, जबकि तीसरे स्तर पर लगा इंजन क्रायोजेनिक इंजन है।
Advertisement

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक के. सिवन ने आईएएनएस से कहा, "रॉकेट की भारवहन क्षमता चार टन तक है। इस रॉकेट की भविष्य की उड़ानों में भारवहन क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।"

इसरो 2014 में क्रायोजेनिक इंजन से रहित इसी तरह का रॉकेट प्रक्षेपित कर चुका है, जिसका उद्देश्य रॉकेट की संरचनागत स्थिरता और उड़ान के दौरान गतिकी का अध्ययन करना था।
Advertisement

इसरो के अधिकारियों ने को बताया कि रॉकेट के व्यास में विभिन्न स्तरों पर वृद्धि की गई है, जिसके चलते इसकी ऊंचाई कम की जा सकी, जबकि इसका भार काफी अधिक है।
Advertisement

इसरो के एक अधिकारी ने कहा, "नया रॉकेट थोड़ा छोटा है, लेकिन इसकी क्षमता कहीं अधिक है।"
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , ISRO, GSLV MK III, Science, India, GSAT 19, ISRO Launch

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Poco M8 Power जल्द होगा भारत में लॉन्च, 8,000mAh की बैटरी
  2. Vivo X300 E लॉन्च: फ्लैगशिप प्रोसेसर, 7,200mAh बैटरी और 512GB तक स्टोरेज के साथ आया स्मार्टफोन
  3. Oppo A7 Pro Max में होगी 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo A7 Pro Max में होगी 10,000mAh की पावरफुल बैटरी
  2. वॉलेट में एल्यूमिनियम फॉयल लपेटकर चोरी होने से बच जाएंगे पैसे? जानें कैसे काम करती है यह वायरल ट्रिक
  3. iQOO Z11 के भारत में लॉन्च की तैयारी, MediaTek Dimensity 7500 Turbo होगा चिपसेट!
  4. Redmi 17 4G के स्पेसिफिकेशंस लीक, 50MP कैमरा, 7500mAh बैटरी के साथ गजब होंगे फीचर्स
  5. Google Pixel 11 सीरीज के होंगे महंगे प्राइसेज, मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स की ज्यादा कॉस्ट का असर
  6. ₹5,000 तक महंगे हुए Xiaomi, Redmi स्मार्टफोन, जानें किस मॉडल पर कितना असर
  7. ₹200 में 30GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 20 OTT का फ्री एक्सेस, Vi ने लॉन्च किया नया प्लान
  8. क्रिप्टो मार्केट में फेडरल रिजर्व की मीटिंग से पहले तेजी, बिटकॉइन का प्राइस 65,200 डॉलर से ज्यादा
  9. Poco M8 Power जल्द होगा भारत में लॉन्च, 8,000mAh की बैटरी
  10. Vivo T5e भारत में लॉन्च: कंपनी का दावा, 4 साल तक बनी रहेगी बैटरी हेल्थ, कीमत ₹15 हजार से कम
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.