• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • सूर्य हुआ पृथ्‍वी से नाराज! धरती पर भेजा खौफनाक तूफान! कल टकरा सकता है हमारे ग्रह से

सूर्य हुआ पृथ्‍वी से नाराज! धरती पर भेजा खौफनाक तूफान! कल टकरा सकता है हमारे ग्रह से

भू-चुंबकीय तूफान इंसानों को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते।

सूर्य हुआ पृथ्‍वी से नाराज! धरती पर भेजा खौफनाक तूफान! कल टकरा सकता है हमारे ग्रह से

ये तूफान सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मोबाइल नेटवर्क और जीपीएस सिस्‍टम्‍स पर असर हो सकता है।

ख़ास बातें
  • एक और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) पृथ्‍वी से टकरा सकता है
  • यह सीएमई 9 जून को सूर्य से निकला था
  • अंतरिक्ष का सफर करते हुए यह पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है
विज्ञापन
सूर्य में हो रहीं गतिविधियां आए दिन पृथ्‍वी को मुसीबत में डाल रही हैं! सोलर मैक्सिमम वह अवधि है, जिसने सूर्य को बहुत ज्‍यादा ‘उग्र' कर दिया है। इस वजह से सूर्य से सौर तूफान निकल रहे हैं। कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) की घटनाएं हो रही हैं और सोलर फ्लेयर्स पृथ्‍वी तक आ रहे हैं। साल 2025 तक यह सिलसिला जारी रहेगा। तब तक हमारे ग्रह को अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट, पावर ग्रिडों पर असर, सैटेलाइट्स के बर्बाद होने का खतरा जैसी चुनौतियों से जूझना होगा। 

आने वाले दिनों में एक और कोरोनल मास इजेक्‍शन (CME) पृथ्‍वी से टकरा सकता है और हमारे ग्रह पर भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic storm soon) शुरू कर सकता है। स्‍पेसवेदरडॉटकॉम ने बताया है कि यह सीएमई 9 जून को सूर्य से निकला था। अंतरिक्ष का सफर करते हुए यह पृथ्‍वी की ओर बढ़ रहा है। अगर यह पृथ्‍वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ टकराता है तो हमारे ग्रह पर G1 कैटिगरी का भू-चुंबकीय तूफान आ सकता है। कल यानी 13 जून को यह तूफान पृथ्‍वी को प्रभावित कर सकता है। 

अच्‍छी बात यह है कि भू-चुंबकीय तूफान इंसानों को सीधे तौर पर प्रभावित नहीं करते। मसलन- हमें जान-माल के नुकसान का खतरा नहीं है। इन तूफानों की वजह से आसमान में ऑरोरा दिखाई देते हैं। ये तूफान सैटेलाइट्स को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मोबाइल नेटवर्क और जीपीएस सिस्‍टम्‍स पर असर हो सकता है। तीव्रता अधिक होने पर ऐसे तूफान पावर ग्रिडों को फेल कर सकते हैं। 

सूर्य में हो रही हलचलों का पता लगाने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के सैटेलाइट्स दिन-रात काम करते हैं। उन्‍हीं में से एक है SOHO जिसका पूरा नाम है- सोलर एंड हेलिओस्फेरिक ऑब्जर्वेटरी। इस सैटेलाइट को नासा और यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने मिलकर तैयार किया है, जो साल 1995 से सूर्य पर नजर रख रहा है। इस सैटेलाइट ने कई बड़े सौर तूफानों से जुड़ीं सूचनाएं पृथ्‍वी तक पहुंचाई हैं। 
 

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Samsung Galaxy S27 Ultra में वेरिएबल अपार्चर के साथ मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का कैमरा
  2. Motorola Razr Fold जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh सिलिकॉन कार्बन बैटरी
  3. Honor Play 11 Plus हुआ लॉन्च, 7,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. इन 5 AI टूल्स को यूज करना सीख गए, तो गूगल सर्च करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी!
  5. Apple का iPhone 17 बना इंटरनेशनल मार्केट में सबसे अधिक बिकने वाला स्मार्टफोन
  6. Xiaomi Smart Band 10 Pro के स्पेसिफिकेशंस लॉन्च, AMOLED डिस्प्ले से लेकर जानें सबकुछ
  7. भारत में स्पैम कॉल्स का कहर: 66% कॉल Spam, रोज 2-3 कॉल, दुनिया में 5वां स्थान!
  8. क्रिप्टो मार्केट में प्रॉफिट, Bitcoin ने पार किया 81,000 डॉलर का लेवल
  9. OnePlus Nord CE 6 Lite, Nord CE 6 भारत में 7 मई को होंगे लॉन्च, अभी से जानें सबकुछ
  10. फ्लाइट में गेमिंग-स्ट्रीमिंग सब होगा, इस एयरलाइन्स ने किया बड़ा ऐलान!
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »