मंगल पर जिंदा रह सकता है यह पौधा! चीनी वैज्ञानिकों की बड़ी खोज

मंगल पर जीवन की संभावना तलाशने में वैज्ञानिक दशकों से जुटे हुए हैं।

मंगल पर जिंदा रह सकता है यह पौधा! चीनी वैज्ञानिकों की बड़ी खोज

यह पौधा असीम गर्मी, असीम ठंड, और रेडिएशन को बर्दाश्त कर सकता है।

ख़ास बातें
  • पौधा अंटार्कटिका और मोजेव मरुस्थल में पाया जाता है।
  • यह एक प्रकार की मरुस्थलीय काई (desert moss) होती है।
  • मंगल पर जीवन की संभावना तलाशने में वैज्ञानिक दशकों से जुटे हुए हैं।
विज्ञापन
मंगल पर जीवन की संभावना तलाशने में वैज्ञानिक दशकों से जुटे हुए हैं। अब चीन के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में बड़ी खोज हाथ लगने का दावा किया है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पौधा खोज निकाला है जो मंगल ग्रह की विषम परिस्थितियों में भी खुद को जिंदा रख सकता है! हालांकि वैज्ञानिकों ने अभी इसकी सिर्फ संभावना जताई है। यह पौधा अंटार्कटिका और मोजेव मरुस्थल में पाया जाता है। यह एक प्रकार की मरुस्थलीय काई (desert moss) होती है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि यह लाल ग्रह पर जीवन को पनपाने की चाबी हो सकती है। 

The Guardian की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मरुस्थलीय काई का वैज्ञानिक नाम सिनट्रिकिया कैनिनर्विस (Syntrichia caninervis) है। इसके बारे में वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह असीम गर्मी, असीम ठंड, और रेडिएशन को बर्दाश्त कर सकती है। शोधकर्ताओं की टीम ने कहा है कि उनकी स्टडी अंतरिक्ष में बस्ती बसाने की नींव रखती है जिसमें प्राकृतिक रूप से चुने गए पौधे होंगे, जो कि वहां की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी खुद को बचाए रख सकेंगे। 

सिनट्रिकिया कैनिनर्विस (Syntrichia caninervis) के बारे में स्टडी में कहा गया है कि इसका पर्यावरणीय लचीलापन इसे उन सभी सूक्ष्मजीवों से ऊपर साबित करता है जो बेहद तनावपूर्ण वातावरण में भी खुद को जिंदा रख लेते हैं। वैज्ञानिक कह रहे हैं कि यह एक अग्रणी पौधा है जो धरती से बाहर अंतरिक्ष में मानव बस्ती के निर्वहन की नींव रख सकता है। The Innovation नामक जर्नल में इस स्टडी को प्रकाशित किया गया है। 

शोधकर्ताओं ने सिनट्रिकिया कैनिनर्विस के बारे में लेख में बताया कि यह मरुस्थलीय काई न केवल इस तरह के वातावरण में जिंदा रह पाई, बल्कि इसने खुद को पानी की अत्यधिक कमी से भी उबार लिया। यानी यह हाई लेवल की डिहाइड्रेशन से भी खुद को वापस ला सकता है। पौधे को 30 दिन माइनस 196 डिग्री सेल्सियस में गामा किरणों से एक्सपोज करवाया गया। इसे 5 सालों तक माइनस 80 डिग्री सेल्सियस में रखा गया। फिर भी यह सामान्य रूप से खुद का विकास करता रहा। 

इसके अलावा टीम ने मंगल ग्रह की तरह ही एक दबाव का क्षेत्र इसके लिए तैयार किया, वैसा ही तापमान इसके ऊपर से गुजारा गया, गैसों और अल्ट्रावायलेट रेडिएशन में इसे रखा गया। सात दिनों के बाद जब इसे देखा गया तो यह तब भी जिंदा ही था। वैज्ञानिक इस बात के लिए आश्वस्त दिख रहे हैं कि यह पौधा निश्चित रूप से मंगल ग्रह के चुनौतीपूर्ण वातावरण में जिंदा रह सकता है। हालांकि, इस क्षेत्र में अभी और भी गहन रिसर्च होना बाकी है, लेकिन सिनट्रिकिया कैनिनर्विस (Syntrichia caninervis) के रूप में वैज्ञानिकों को एक ऐसा पौधा मिल गया है जो अंतरिक्ष में धरती के बाहर जीवन की नींव रख सकता है। 
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Syntrichia caninervis, Survive On Mars, life on Mars, Mars
हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
  2. SIM Binding: खुशखबरी! सिम बाइंडिंग की डेडलाइन इस तारीख तक बढ़ी, अभी बिना सिम नहीं बंद होंगे WhatsApp, Telegram जैसे ऐप
  3. Xiaomi Mijia Garment Steamer 2 हुआ लॉन्च, जिद्दी सिलवटें निकालने का दावा, 6 आयरन मोड, जानें कीमत
  4. लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
  5. Infinix Note 60 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, रियर पैनल पर मिलेगा Active Matrix Display
  6. Airtel के ग्राहक 65 करोड़ के पार! बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
  7. सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
  8. आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
  9. Redmi K90 Ultra में मिल सकती है ज्यादा कैपेसिटी वाली बैटरी, MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »