• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चीन ऐसा क्‍यों कर रहा! रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन से छठी बार गिराया ‘UFO’, जानें पूरा मामला

चीन ऐसा क्‍यों कर रहा! रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन से छठी बार गिराया ‘UFO’, जानें पूरा मामला

China Space Plane : एक्‍सपर्ट्स को ठीक से यह नहीं पता चला है कि वह क्‍या है। हालांकि उनका मानना ​​है कि वह एक छोटा सैटेलाइट या हार्डवेयर का टुकड़ा हो सकता है।

चीन ऐसा क्‍यों कर रहा! रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन से छठी बार गिराया ‘UFO’, जानें पूरा मामला

शेनलोंग अंतरिक्ष यान को पिछले साल 14 दिसंबर को लॉन्‍च किया गया था।

ख़ास बातें
  • चीन के रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन ने बढ़ाई चिंंता
  • एक और अज्ञात चीन को पृथ्‍वी पर किया रिलीज
  • वैज्ञानिक प्रोजेक्‍ट का मकसद नहीं जान पाए हैं
विज्ञापन
China Space Plane : चीन के रहस्‍यमयी स्‍पेस प्‍लेन ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को च‍िंता में डाला हुआ है! एक रिपोर्ट के अनुसार, 24 मई को शेनलोंग अंतरिक्ष यान (Shenlong space plane) ने पृथ्वी की सतह से 372 मील (600 किलोमीटर) ऊपर एक अज्ञात उड़ती हुई चीज यानी अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्‍जेक्‍ट ( UFO) को छोड़ा। एक्‍सपर्ट्स को ठीक से यह नहीं पता चला है कि वह क्‍या है। हालांकि उनका मानना ​​है कि वह एक छोटा सैटेलाइट या हार्डवेयर का टुकड़ा हो सकता है, जिसे स्‍पेस प्‍लेन ने ऑर्बिट से बाहर निकलने से पहले रिलीज कर दिया हो। 

लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, शेनलोंग अंतरिक्ष यान को पिछले साल 14 दिसंबर को लॉन्‍च किया गया था। तब से अमेरिकी स्‍पेस फोर्स इस स्पेस प्लेन पर नजर रख रही है। इस प्‍लेन के बारे में बहुत कम जानकारी है। हालांकि यह अमेरिका द्वारा डेवलप किए जा रहे सीक्रेट बोइंग X-37B स्पेस प्लेन जैसी लगती है, जो ऑर्बिट में कई साल तक चक्‍कर लगा सकता है। 

रिपोर्ट के अनुसार, चीन का स्‍पेस प्‍लेन पहली बार साल 2020 में लॉन्च हुआ था और दो दिनों तक ऑर्बिट में रहा। 2022 के आखिर में यह दूसरी बार उड़ा और 276 दिनों तक हवा में रहा। पिछले साल लॉन्‍च होने के बाद से अबतक इसने हवा में 6 छोटे ऑब्‍जेक्‍ट रिलीज किए हैं। इन ऑब्‍जेक्‍ट्स पर चीन कुछ नहीं बोलता। 

दिलचस्‍प यह है कि अमेरिकी मिलिट्री का X-37B स्‍पेस प्‍लेन भी पृथ्‍वी की कक्षा में है और अपने सीक्रेट तरीके से अपने काम कर रहा है। दोनों मिशन्‍स का लक्ष्‍य क्‍या है, दुनिया अबतक नहीं जान पाई है। कुछ समय पहले आई रिपोर्ट में पता चला था कि चीन दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास ऐसा स्‍पेसक्राफ्ट है, जिसे रीयूज किया जा सकता है। चीन के स्‍पेस प्‍लेन में भी यह खूबी बताई जाती है। 

एक्‍सपर्ट का मानना है कि चीन का स्‍पेस प्‍लेन अमेरिका के बोइंग X-37B की तरह है। सेंटर फॉर नेवल एनालिसिस के एक रिसर्च साइंटिस्‍ट केविन पोलपेटर ने नेचरडॉटकॉम को कुछ वक्‍त पहले बताया था कि अमेरिकी स्‍पेस प्‍लेन ने चीन को भी ऐसा प्‍लेन तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि चीन का स्‍पेस प्रोग्राम देश की सेना के काफी करीब है।
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. ईरान और रूस में ड्रोन खरीदने के लिए हो रहा क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल
  2. WhatsApp, Telegram के बाद VPN पर वार, यूजर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें!
  3. SIM Binding: खुशखबरी! सिम बाइंडिंग की डेडलाइन इस तारीख तक बढ़ी, अभी बिना सिम नहीं बंद होंगे WhatsApp, Telegram जैसे ऐप
  4. Xiaomi Mijia Garment Steamer 2 हुआ लॉन्च, जिद्दी सिलवटें निकालने का दावा, 6 आयरन मोड, जानें कीमत
  5. लंबे नाखून से फोन नहीं चलता? स्टूडेंट ने बनाई अनोखी नेल पॉलिश, ऐसे करेगी काम
  6. Infinix Note 60 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, रियर पैनल पर मिलेगा Active Matrix Display
  7. Airtel के ग्राहक 65 करोड़ के पार! बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
  8. सरकार के 16.68 लाख ईमेल Zoho क्लाउड पर शिफ्ट, 180 करोड़ आया खर्च!
  9. आपके फोन में हो सकता है नकली WhatsApp ऐप! Meta ने यूजर्स को भेजा अलर्ट
  10. Redmi K90 Ultra में मिल सकती है ज्यादा कैपेसिटी वाली बैटरी, MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट 
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »