भारत के चंद्रयान-2 स्पेसक्राफ्ट ने पूरे किए चांद के 9 हजार से अधिक चक्कर

भारत के चंद्रयान -2 स्पेसक्राफ्ट ने चंद्रमा के चारों ओर 9,000 से अधिक परिक्रमा पूरी कर ली हैं, और बोर्ड पर इमेजिंग के जरिए व वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा उम्दा डेटा मिल रहा है।

भारत के चंद्रयान-2 स्पेसक्राफ्ट ने पूरे किए चांद के 9 हजार से अधिक चक्कर

चंद्रयान -2 को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया और 20 अगस्त 2020 को कक्षा में स्थापित किया गया।

ख़ास बातें
  • चंद्रयान -2 सैटेलाइट में इमेजिंग और वैज्ञानिक उपकरण दे रहे उम्दा डेटा।
  • चंद्रयान-1 की ऑबजर्वेशन से भी कहीं अधिक ऊंचे लेवल का मिल रहा डेटा।
  • अंतरिक्ष यान से कई और वर्षों तक अच्छा डेटा प्राप्त करने की है उम्मीद।
विज्ञापन
भारत के चंद्रयान -2 स्पेसक्राफ्ट ने चंद्रमा के चारों ओर 9,000 से अधिक परिक्रमा पूरी कर ली हैं, और बोर्ड पर इमेजिंग के जरिए व वैज्ञानिक उपकरणों द्वारा उम्दा डेटा मिल रहा है। सोमवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) दो दिवसीय चंद्र विज्ञान कार्यशाला (Lunar Science Workshop) 2021 आयोजित कर रहा है। यह वर्कशॉप चंद्रयान -2 अंतरिक्ष यान के चंद्र कक्षा के चारों ओर के ऑपरेशन के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार को शुरू हुई।

इसके उद्घाटन के दौरान अपने भाषण में इसरो के अध्यक्ष K Sivan ने कहा कि चंद्रयान -2 अंतरिक्ष यान में आठ पेलोड चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा की रिमोट सेंसिंग और इन-सीटू ऑब्ज़र्वेशन कर रहे हैं। इसरो के Apex साइंस बोर्ड के अध्यक्ष ए एस किरण कुमार ने कहा कि चंद्रयान -2 सैटेलाइट में इमेजिंग और वैज्ञानिक उपकरण उम्दा डेटा दे रहे हैं।

पूर्व इसरो अध्यक्ष किरण कुमार ने कहा, "चंद्रयान -2 के उपकरणों में वास्तव में कई नई फीचर्स डाली गई हैं। इन फीचर्स की वजह से चंद्रयान-1 की ऑब्जर्वेशन से भी कहीं अधिक ऊंचे लेवल का डेटा मिल पा रहा है।"  चंद्रयान-2 की प्रोजेक्ट डायरेक्टर वनिता एम ने कहा कि ऑर्बिटर के सभी सब-सिस्टम अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। "हमें उम्मीद है कि हम अंतरिक्ष यान से कई और वर्षों तक अच्छा डेटा प्राप्त कर सकते हैं," उसने कहा।

प्रोजेक्ट डायरेक्टर वनिता ने कहा कि ऑर्बिटर TMC-2 (Terrain Mapping Camera-2), IIRS (Imaging IR Spectrometer), और OHRC (ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा) ने हमें अद्भुत पिक्चर्स भेजी हैं। इसरो द्वारा चलाई जा रही दो दिवसीय वर्कशॉप को छात्रों, शिक्षा समुदाय और संस्थानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए और वैज्ञानिक समुदाय को चंद्रयान -2 डेटा का विश्लेषण करने के लिए अंतरिक्ष एजेंसी की वेबसाइट और Facebook पेज पर लाइव-स्ट्रीम किया जा रहा है।

इसके अलावा चंद्रयान -2 मिशन, ट्रैकिंग, ऑपरेशन और डेटा आर्काइव से जुड़े पहलुओं पर लेक्चर भी होंगे।
ISRO/DoS के वैज्ञानिकों के साथ-साथ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (कोलकाता), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (बेंगलुरू), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रूड़की के वैज्ञानिकों द्वारा चंद्र विज्ञान पर लेक्चर भी दिए जाएंगे।

Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: ISRO
गैजेट्स 360 स्टाफ

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ईमेल करते हैं, तो कोई इंसान जवाब ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. AI के जरिए अब चौबीसों घंटे मिलेगी वीजा हेल्प, BLS ने मशीनों में जोड़ा Voicebot
  2. Apple मार्च इवेंट में लॉन्च करेगा iPhone 17e, Mac और iPad जैसे 5 नए प्रोडक्ट
  3. Apple जल्द लॉन्च कर सकती है iPhone 17e और कम प्राइस वाला MacBook
  4. अब AI से पूछे किसने आपको WhatsApp पर ब्लॉक किया है या नहीं
  5. AI बनाम इंसान पर Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बू और OpenAI के CEO आमने-सामने, जानें पूरा मामला
  6. Motorola Edge 70 Fusion 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ होगा पेश, लिस्टिंग से खुलासा
  7. Realme P4 Lite 4G vs Samsung Galaxy A07 4G vs Tecno Pop 9 5G: जानें 10K में कौन सा है बेस्ट
  8. Vivo V70 FE होगा अगला 7000mAh बैटरी, 200MP कैमरा वाला फोन, लॉन्च से पहले लीक हुए फुल स्पेसिफिकेशन्स!
  9. LG ने लॉन्च की बड़ी बैटरी, Ryzen AI 400 सीरीज प्रोसेसर वाली Gram 16 (2026) लैपटॉप सीरीज
  10. WhatsApp पर रात में जागे बिना भी कर पाएंगे मैसेज, आ रहा अनोखा फीचर
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »