ऐसे ग्रहों को देखना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि वो गैस और धूल की मोटी परतों में एम्बेडेड होते हैं।
कहा गया है कि वैज्ञानिकों को उन सुरागों की तलाश करनी चाहिए जो उन्हें यह अनुमान लगाने में मदद कर सकें कि एक ग्रह धूल की आड़ में डेवलप हो रहा है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
iQOO का तहलका! लॉन्च करेगी 15,000mAh बैटरी वाला फोन! मिल सकते हैं 200MP दो कैमरा!
Vivo भारत में ला रही सस्ता फोन, 50MP दो कैमरा, 7200mAh होगी बैटरी!
Airtel ने शुरू किया FREE सैटेलाइट इंटरनेट! SpaceX से डील, बिना मोबाइल नेटवर्क भी चलेंगे WhatsApp जैसे ऐप
IND vs SL Test Match LIVE: भारत-श्रीलंका टेस्ट मैच आज, यहां देखें फ्री!