• होम
  • विज्ञान
  • ख़बरें
  • चांद पर उतरने के 50 साल बाद भी वहां मौजूद हैं इंसान के कदमों के निशान, देखें वीडियो

चांद पर उतरने के 50 साल बाद भी वहां मौजूद हैं इंसान के कदमों के निशान, देखें वीडियो

वीडियो उस स्‍पॉट पर जूम करता है, जहां अंतरिक्ष यात्रियों ने लैंडिंग की थी। चंद्रमा पर सबसे पहले कदम रखने वालों में नील आर्मस्‍ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन का नाम आता है।

चांद पर उतरने के 50 साल बाद भी वहां मौजूद हैं इंसान के कदमों के निशान, देखें वीडियो

एक ओर नासा इस वीडियो के जरिए अपनी उपलब्‍धि को दर्शा रही है, वहीं आर्टिमिस मिशन के जरिए वह एक बार फ‍िर से मून मिशन की तैयारी कर रही है।

ख़ास बातें
  • नासा ने अपने ट्विटर अकाउंट से इसे शेयर किया है
  • वीडियो उस स्‍पॉट पर जूम करता है, जहां अंतरिक्ष यात्रियों ने लैंडिंग की थी
  • साल 1969 में हुई थी चंद्रमा पर लैंडिंग
विज्ञापन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के अपोलो 11 (Apollo 11) मिशन को 50 साल से ज्‍यादा का वक्‍त हो गया है। इस मिशन के जरिए ही पहली बार इंसान ने चंद्रमा पर कदम रखा था। इसे सेलिब्रेट करते हुए स्‍पेस एजेंसी ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें दिखाया गया है कि मिशन के इतने साल बाद भी अंतरिक्ष यात्रियों के कदमों के निशान चंद्रमा पर बने हुए हैं। इस वीडियो को लूनर रीकानसन्स ऑर्बिटर से रिकॉर्ड किया गया था। नासा ने ट्विटर अकाउंट से इसे शेयर किया है, जिसे हजारों लाइक्‍स और रीट्वीट मिले हैं।     

वीडियो उस स्‍पॉट पर जूम करता है, जहां अंतरिक्ष यात्रियों ने लैंडिंग की थी। चंद्रमा पर सबसे पहले कदम रखने वालों में नील आर्मस्‍ट्रांग और बज़ एल्ड्रिन का नाम आता है। बज़ एल्ड्रिन तो इस मिशन से जुड़ी कुछ खास चीजों की नीलामी भी 26 जुलाई को करने जा रहे हैं। इसमें वह जैकेट भी शामिल है, जो उन्‍होंने चंद्रमा पर रहते हुए पहनी थी। माना जा रहा है कि वह जैकेट 2 मिलियन डॉलर तक नीलाम हो सकती है। 
बहरहाल, बात करें नासा के वीडियो की, तो वह जूम करते हुए उस जगह तक पहुंच जाता है, जहां अंतरिक्ष यात्रियों ने लैंड किया था। नासा ने कहा है कि उस जगह पर आज भी अंतरिक्ष यात्रियों के कदमों के निशान मौजूद हैं। अपोलो 11 मिशन ने 16 जुलाई 1969 को उड़ान भरी थी। उसी साल अंतरिक्ष यात्रियों ने वहां लैंड किया था। 

एक ओर नासा इस वीडियो के जरिए अपनी उपलब्‍धि को दर्शा रही है, वहीं आर्टिमिस मिशन के जरिए वह एक बार फ‍िर से मून मिशन की तैयारी कर रही है। इस बार ना सिर्फ इंसानों को चंद्रमा पर लैंड कराने की योजना है, बल्कि उनके लिए वहां अस्‍थायी बसेरा भी तैयार करना है। मिशन कामयाब रहता है, तो नासा इसके बाद मंगल ग्रह पर उतरने की योजना भी बनाएगी। हालांकि आर्टिमिस मिशन अपने तय लक्ष्‍य से पीछे चल रहा है। इसे जिस SLS रॉकेट पर लॉन्‍च किया जाना है, वह अब जाकर अपने परीक्षण पर खरा उतर पाया है। माना जा रहा है कि इस साल के आखिर तक इस मिशन को लॉन्‍च किया जा सकता है। 

‘आर्टिमिस 1' मिशन एक तरह की टेस्टिंग होगी। इसमें कोई अंतरिक्ष यात्री नहीं होगा। यह मिशन इंसान को दोबारा चांद पर ले जाने की रूपरेखा तैयार करेगा। नासा की तैयारी साल 2025 तक इंसान को दोबारा चांद पर लैंड कराने की है।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple के फोल्डेबल स्मार्टफोन की घट सकती है सप्लाई, मैन्युफैक्चरिंग में देरी का असर
  2. Google Fitbit Air: दिल के मरीजों के लिए मददगार, हार्ट रेट ट्रैकिंग करेगा, बैटरी चलेगी 7 दिन तक
  3. Vivo X Fold 6 के इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च की तैयारी, यूरोप में हुई लिस्टिंग
  4. कल 1 अक्टूबर से बदल रहा LPG सिलेंडर बुकिंग का नियम, नहीं किया e-KYC तो महंगा मिलेगा सिलेंडर
  5. Oppo K14 Plus 5G vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: खरीदने से पहले जानें किसके फीचर्स बेस्ट?
  6. Amazon-Flipkart Sale में Primebook लैपटॉप पर जबरदस्त डील्स, कीमत ₹23,990 से शुरू
  7. Apple Pay की भारत में एंट्री, क्रेडिट कार्ड रखने का झंझट खत्म, सीधा iPhone और स्मार्टवॉच से होगी पेमेंट
  8. Social Media Ban: बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर लगेगा बैन? सुप्रीम कोर्ट के सवाल के बाद सरकार का बड़ा कदम
  9. iQOO Pad Ultra 165Hz AMOLED डिस्प्ले के साथ हुआ लॉन्च, 9020mAh बैटरी के साथ आया गेमिंग टैबलेट
  10. मात्र ₹500 में आने वाले 10 TWS ईयरफोन, 50 घंटे तक चलेगी बैटरी
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »